LIVE | ...
बुधवार, 1 जुलाई 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - NEWS-TICKER - जब सीएम के बेटे को निर्दलीय गनपत सहाय ने धूल चटा दी थी, नौटंकी से जुटाते थे भीड़

जब सीएम के बेटे को निर्दलीय गनपत सहाय ने धूल चटा दी थी, नौटंकी से जुटाते थे भीड़

The News Air Team by The News Air Team
सोमवार, 1 अप्रैल 2024
in NEWS-TICKER, सियासत
A A
0
जब सीएम के बेटे को निर्दलीय गनपत सहाय ने धूल चटा दी थी, यूं जुटाई भीड़
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

पंडित नेहरू का आभामंडल और कांग्रेस के वर्चस्व का दौर. प्रांत और केंद्र दोनों स्थानों पर कांग्रेस की सरकारें. सत्तादल का हाईप्रोफाइल प्रत्याशी. सरकार और पार्टी की साझा ताकत प्रत्याशी की जीत के लिए जुटी. लेकिन स्थानीय और बाहरी के मुद्दे ने ऐसा जोर पकड़ा कि निर्दलीय प्रत्याशी बाबू गनपत सहाय के मुकाबले कृष्णचंद्र पंत को शिकस्त का सामना करना पड़ा. यह 1961 का सुल्तानपुर संसदीय सीट का उपचुनाव था.

1951-52 के पहले आमचुनाव में सुल्तानपुर संसदीय सीट से इलाहाबाद के एडवोकेट मोहम्मद अहमद काजमी को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया था. वे जीते भी थे. 1957 में कांग्रेस ने एक बार फिर बाहरी प्रत्याशी को तरजीह दी. इस बार पंडित मदन मोहन मालवीय के पुत्र गोविंद मालवीय को अवसर मिला. वाराणसी निवासी गोविंद के बारे में बताया जाता है कि यद्यपि वे सुल्तानपुर से सांसद चुने गए थे लेकिन सांसद रहते उनकी कोशिश से डीजल लोकोमेटिव कारखाना वाराणसी में स्थापित हुआ था. आगे पार्टी प्रत्याशी को इससे नुकसान हुआ.

बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने से थी नाराजगी

जिले की दूसरी अमेठी लोकसभा सीट पहले आम चुनाव में सुल्तानपुर (दक्षिणी) और दूसरे चुनाव में मुसाफिर खाना नाम से थी. इन दोनों ही चुनावों में कांग्रेस ने महाराष्ट्रवासी बालकृष्ण विश्वनाथ केसकर को प्रत्याशी बनाया. जीतने के बाद केसकर केंद्र में सूचना-प्रसारण मंत्री भी बने. कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के एक हिस्से और वोटरों के बीच भी बार-बार बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने के कारण असंतोष था.

यह भी पढे़ं 👇

Breaking News Live Updates 1 July 2026

Breaking News Live Updates 1 July 2026: Big Alerts, हर खबर सबसे पहले

बुधवार, 1 जुलाई 2026
1 July 2026 Horoscope

1 जुलाई 2026 का राशिफल: धनु में चंद्र गोचर, जानें सभी 12 राशियों का पूरा भविष्यफल

बुधवार, 1 जुलाई 2026
Indian Belly

Indian Belly Fat Mystery: Evolution, H. Pylori Bacteria और Modern Diet की खतरनाक Collision

मंगलवार, 30 जून 2026
3-Language Policy

CBSE में 3-Language Policy पर बड़ा U-Turn: Class 10 के छात्रों को छूट, 7वीं-9वीं में दो Foreign Languages की इजाजत

मंगलवार, 30 जून 2026
के. सी. पंत का वो पहला चुनाव

सुल्तानपुर के सांसद गोविंद मालवीय की असामयिक मृत्यु के कारण 1961 में उपचुनाव हुआ. उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और बाद में केंद्र में गृहमंत्री रहे पंडित गोविंद बल्लभ पंत का इस उपचुनाव के पूर्व निधन हो चुका था. पंडित नेहरू की पहल पर स्व. पंत के पुत्र कृष्णचंद्र पंत की संसदीय राजनीति में लॉन्चिंग के लिए सुल्तानपुर से उन्हें उम्मीदवार बनाया गया. एक बार फिर बाहरी प्रत्याशी को मौका दिए जाने के कारण स्थानीय कांग्रेसियों की नाराजगी सार्वजनिक होने लगी. बाबू गनपत सहाय ने इसकी अगुवाई की और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मुकाबले में सामने आ गए.

गनपत सहाय की थी जमीनी पकड़

बाबू गनपत सहाय एक मशहूर वकील थे. स्वतंत्रता संघर्ष में उन्होंने जेल यात्राएं की थीं. सुल्तानपुर जिला कांग्रेस कमेटी के वे प्रथम अध्यक्ष थे. जिला परिषद और नगर पालिका का भी अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने नेतृत्व किया. कांग्रेस से उनका जुड़ाव काफी पुराना था. एक काबिल वकील के तौर पर उनकी बड़ी ख्याति थी. शहरी ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी उनकी जमीनी पकड़ थी. उनके स्थानीय संपर्कों ने प्रचार में बड़ी भूमिका निभाई.

कांग्रेस की ओर से तमाम बड़े नेताओं की सभाओं की धूम थी. इन सभाओं में सुल्तानपुर के विकास को लेकर लम्बे -चौड़े वादे किए गए. इस बात पर काफी जोर था कि जिसकी सरकार होगी वही क्षेत्र के लिए कुछ कर सकेगा. बाबू गनपत सहाय के सामने सत्ता की ताकत के मुकाबले की बड़ी चुनौती थी.

सी.बी.गुप्त की प्रतिष्ठा का चुनाव

चंद्रभानु गुप्त उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. पार्टी के उम्मीदवार कृष्णचंद्र पंत की जीत सुनिश्चित करने की उनकी सीधी जिम्मेदारी थी. सरकार और संगठन के स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी गई. असंतुष्ट कांग्रेसियों को संतुष्ट करने और वोटरों को लुभाने के भी खूब प्रयास हुए. मुख्यमंत्री, मंत्रियों और कांग्रेस के अन्य नेताओं की सभाओं में अच्छी भीड़ जुट रही थी. प्रतिद्वंदी निर्दलीय प्रत्याशी बाबू गनपत सहाय की ओर से भीड़ जुटाऊ नेता तो नहीं थे लेकिन इसकी काट के लिए उन्होंने दूसरा नुस्खा आजमाया.

अनेक गांवों में उन्होंने नौटंकी के आयोजन कराए. उन दिनों मनोरंजन के साधन सीमित थे. किसी गांव में नौटंकी की खबर मिलते ही पास-पड़ोस के अनेक गांवों की आबादी उसमें उमड़ती थी और पूरी रात इसका आनंद लेती थी. नौटंकी के ये कलाकार नाटक-प्रहसन के दौरान बाबू गनपत सहाय का प्रचार भी करते और कांग्रेस प्रत्याशी पर खूब कटाक्ष भी होते थे.

पंत की हार, बाहरी उम्मीदवार से कांग्रेस की तौबा

स्थानीय और बाहरी उम्मीदवार के मुद्दे ने चुनाव नतीजे में निर्णायक भूमिका निभाई. कड़े मुकाबले के इस चुनाव में बाबू गनपत सहाय को 37,785 और पंत जी को 36,656 वोट प्राप्त हुए थे. इस उपचुनाव में बाहरी प्रत्याशी की पराजय ने कांग्रेस नेतृत्व को बड़ी सीख दी. बाद के कई चुनावों में पार्टी ने जिले की दोनों सीटों से बाहरी उम्मीदवारों से तौबा की.

अगले 1962 के आम चुनाव में सुल्तानपुर से बाबू गनपत सहाय के पुत्र कुंवर कृष्ण वर्मा और मुसाफिरखाना (अमेठी) में अमेठी के राजा रणंजय सिंह को उम्मीदवार बनाया. कुंवर कृष्ण वर्मा की उम्मीदवारी का कारण था कि उपचुनाव में बाबू गनपत सहाय की बगावत के कारण पार्टी तत्काल बाद के चुनाव में सीधे उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाना चाहती थी.

हालांकि पार्टी ने 1967 में बाबू गनपत सहाय को फिर उम्मीदवार बनाया और वे विजयी रहे. उधर, अमेठी में गांधी परिवार से जुड़ाव के पहले 1971 तक स्थानीय प्रत्याशियों को ही मौका मिलता रहा.

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

‘टाइमिंग’ को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी,

Next Post

लोक सभा चुनाव- 2024: पंजाब पुलिस, अर्ध सैनिक बलों ने राज्य भर में फ्लैग मार्च निकाला

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Breaking News Live Updates 1 July 2026

Breaking News Live Updates 1 July 2026: Big Alerts, हर खबर सबसे पहले

बुधवार, 1 जुलाई 2026
1 July 2026 Horoscope

1 जुलाई 2026 का राशिफल: धनु में चंद्र गोचर, जानें सभी 12 राशियों का पूरा भविष्यफल

बुधवार, 1 जुलाई 2026
Indian Belly

Indian Belly Fat Mystery: Evolution, H. Pylori Bacteria और Modern Diet की खतरनाक Collision

मंगलवार, 30 जून 2026
3-Language Policy

CBSE में 3-Language Policy पर बड़ा U-Turn: Class 10 के छात्रों को छूट, 7वीं-9वीं में दो Foreign Languages की इजाजत

मंगलवार, 30 जून 2026
RBI Financial Stability Report

RBI Financial Stability Report: सोने की दरामद में वृद्धि सुस्त, AI-Based Cyber Attacks सबसे बड़ा खतरा

मंगलवार, 30 जून 2026
Indian Parliament

संसद में गलत जानकारी देने पर क्या मंत्री की कुर्सी जा सकती है? संविधान क्या कहता है

मंगलवार, 30 जून 2026
Next Post
लोक सभा चुनाव

लोक सभा चुनाव- 2024: पंजाब पुलिस, अर्ध सैनिक बलों ने राज्य भर में फ्लैग मार्च निकाला

इलेक्टोरल बॉन्ड्स

क्या हैं इलेक्टोरल बॉन्ड्स......

Arun Govil: मेरठ से BJP प्रत्याशी अरुण गोविल बोले - ‘400 पार में कोई दिक्कत नहीं, क्योंकि मोदी का कोई विकल्प नहीं’

Arun Govil: मेरठ से BJP प्रत्याशी अरुण गोविल बोले -

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।