शनिवार, 9 मई 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - क्या सच में बीजेपी ने बंगाल में मार ली बड़ी बाजी, जज की जॉइनिंग से ममता को धूल चटा देगी पार्टी?

क्या सच में बीजेपी ने बंगाल में मार ली बड़ी बाजी, जज की जॉइनिंग से ममता को धूल चटा देगी पार्टी?

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 6 मार्च 2024
in Breaking News, NEWS-TICKER, पश्चिम बंगाल, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
संदेशखाली विवाद के बीच ममता का बड़ा दांव,महिलाओं के लिए किया बड़े ऐलान
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

कलकत्ता हाई कोर्ट के जज पद पर रहते हुए ममता सरकार के भ्रष्टचार के मामलों में सख्त फैसले देने वाले जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय इस्तीफा दे चुके हैं। वो अब बीजेपी में शामिल होने वाले हैं। उन्होंने इसका ऐलान कर दिया है। सवाल है कि क्या उनके बीजेपी में जाने से ममता की पार्टी टीएमसी को लोकसभा चुनावों में झटका लग सकता है?

 
कलकत्ता हाईकोर्ट के निवर्तमान जज जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवांगनानम को इस्तीफा सौंपने के कुछ ही घंटों में राजनीति का रुख कर लेना बहुत जल्दबाजी वाला फैसला लगता है। दूसरी ओर, एक राजनीतिक हस्ती के नाते उन्हें अपनी नई भूमिका शुरू करने की मजबूरियां भी हो सकती हैं। हालांकि, ये मजबूरियां क्या हैं, उन्होंने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने भाजपा को देश के भले के लिए काम करने वाली एकमात्र पार्टी बताई है। यह पार्टी के लिए खुशी की बात हो सकती है। लेकिन दुर्भाग्य से यह इस आरोप की पुष्टि करता है कि हाल के महीनों में उनके न्यायाधीश के रूप में काम में पर्याप्त निष्पक्षता और स्वतंत्रता नहीं थी। ये दो सिद्धांत संविधान के एक स्तंभ के रूप में न्यायपालिका के आधार हैं। एक संबंधित मुद्दा यह है कि धर्म के बारे में व्यक्तिगत विकल्प धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक राजनीति की संरचना में कैसे फिट होते हैं?

गंगोपाध्याय ने कहा है कि अपनी नई पारी के लिए भाजपा को चुनने का आधार साझी आस्था थी। उन्होंने अपने विकल्पों से माकपा को बाहर कर दिया क्योंकि वह धर्म को महत्व नहीं देता। अगर पूर्व जज इस बात पर अड़े रहते कि भाजपा वह पार्टी है जो लोगों के लिए काम करती है या वह भारत के विकास के उस दृष्टिकोण को साझा करते हैं जिसे मोदी लागू कर रहे हैं, तो उनकी राजनीति और चुनावी राजनीति में प्रवेश को समझना आसान होता।चुनाव का मकसद यह तय करना है कि कौन सी राजनीतिक पार्टी मतदाताओं की आकांक्षाओं का बेहतर प्रतिनिधित्व कर सकती है।

संभवतः धार्मिक संबद्धता को विजन और गवर्नेंस के बराबर रखकर फैसला करना परेशान करने वाला है जैसा कि जस्टिस गंगोपाध्याय ने किया है। अगर वो अपनी धार्मिक निष्ठा पर मौन रहकर उसे अपनी राजनीति में नहीं मिलाते तो संवैधानिक मूल्यों की प्रतिष्ठा बढ़ा सकते थे। यह ऐसी प्रतिबद्धता है जिसके प्रति उन्होंने जज बनने के समय आस्था प्रकट की होगी। अगर वो संसद के लिए चुने जाते हैं तो उन्हें यही दोहराना चाहिए।भाजपा नेतृत्व निश्चित रूप से उनकी भूमिका को स्पष्ट करेगा। हालांकि आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने की भररपूर उम्मीद है। वो न्यायपालिका के उच्च पदों से चुनाव प्रचार की गहमागहमी वाले माहौल में कैसे स्विच करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि उनके पिछले और नए पेशे के नियम बहुत अलग हैं। चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक व्यवस्था की मांगें लगातार बनी रहती हैं। नए राजनेता खुद को चुनावी मांगों के अनुरूप तुरंत ढाल लें, ऐसा कम ही हो पाता है। कुछ ने ऐसा जरूर कर दिखाया है, जैसे पूर्व राजनयिक शशि थरूर। लेकिन कई गुमनामी के अंधेरे में खो गए।उनकी पसंद की पार्टी जब तक पुष्टि नहीं करेगी कि गंगोपाध्याय को कहां-कैसे तैनात किया जाएगा, तब तक अटकलों का बाजार गर्म रहेगा। हालांकि, पश्चिम बंगाल की राजनीति और खासकर ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व की विश्वसनीयता पर उनके फैसले के प्रभाव के बारे में कोई संदेह नहीं है। संदेशखाली की घटनाओं के ठीक बाद गंगोपाध्याय के इस्तीफे से ममता सरकार सबसे खराब स्थिति में आ गई है। यह इस धारणा को मजबूत करता है कि सीएम ममता बनर्जी के वादों से उनकी सरकार की कारगुजारियां बिल्कुल अलग हैं ।

यह भी पढे़ं 👇

Hantavirus

अटलांटिक में फंसा Hantavirus Cruise Ship: दो भारतीय भी सवार, 3 मौतें, कोई देश नहीं लेने दे रहा जहाज

शनिवार, 9 मई 2026
Suvendu Adhikari CM West Bengal

शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के पहले BJP CM: ममता को हराने वाले योद्धा का ऐतिहासिक उदय

शनिवार, 9 मई 2026
Sanjeev Arora

पंजाब AAP मंत्री पर ED रेड: ₹100 करोड़ GST फ्रॉड, BJP पर CM का हमला

शनिवार, 9 मई 2026
Vijay Thalapathy

TVK Crosses 118 Seats: Vijay Thalapathy बने तमिलनाडु के नए CM

शनिवार, 9 मई 2026

ममता मां, माटी, मानुष के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने के वादे के साथ जीत हासिल करके सत्ता में आईं। उन्होंने परिवर्तन का वादा किया था, लेकिन संदेशखाली कांड और शिक्षक भर्ती घोटाले ने उनकी सरकार की पोल खोल दी। जस्टिस गंगोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने ही भ्रष्टाचार का जाल उजागर करने का आदेश दिया था। वो बड़े पैमाने का घोटाला था, जिसने लोगों का खून चूसकर टीएमसी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाया। इसने राजनीतिक व्यवस्था और उसके सपोर्ट सिस्टम पर गंभीर प्रश्न चिह्न लगा दिया।

शिक्षक भर्ती घोटाले के जरिए सामने आई सत्ता के दुरुपयोग और इससे उपजे कैश कलेक्शन रैकेट से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कलेक्टर और उसका नेटवर्क राजनीतिक संगठन को चलाने के लिए जरूरी हैं। राजनीतिक दलों को अपना संगठन चलाने के लिए अकूत धन की जरूरत होती है, इस घोटाले ने यह भी उजागर किया है। प. बंगाल का शिक्षक भर्ती घोटाला राजनीतिक दलों की इसी जरूरत की पूर्ति का एक रास्ता दिखता है। जब तक खातों को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जाता है, तब तक चुनावी बॉन्ड को भी दूसरा रास्ता ही माना जाएगा। दोनों समान रूप से अपारदर्शी हैं।जनता की राय गंगोपाध्याय के जज के रूप में किए गए कार्यों और तुरंत राजनीति में शामिल होने को लेकर कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। यह तो तय है कि आगामी चुनाव में वो भाजपा के लिए एक शुभंकर होंगे, जब पार्टी प. बंगाल की कुल 42 में से कम से कम 17 लोकसभा सीटें जरूर जीतने के लिए कमर कस रही है ताकि प्रदेश के पार्टी सांसदों का मौजूदा संख्या बल कायम रहे।उम्मीद के मुताबिक यदि गंगोपाध्याय चुनाव में उम्मीदवार के रूप में खड़े किए जाते हैं तो निश्चित रूप से सबकी निगाहें उन पर होंगी। जिन लाखों लोगों ने पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा दी लेकिन घुसखोरी के कारण शॉर्टलिस्ट नहीं हो पाए थे, उनके लिए तो जस्टिस गंगोपाध्याय सत्यनिष्ठा र न्याय के प्रतीक हैं।

जस्टिस गंगोपाध्याय वाली हाई कोर्ट बेंच ने मामले की सीबीआई और ईडी जांच के आदेश दिए तो कई एफआईआर दर्ज की गई। जांच हुई तो टीएमसी नेताओं के ठिकानों से नोटों के पहाड़ सामने आए। इस कारण टीएमसी एक बड़े राजनीतिक बवंडर में फंसती दिखी। इसने निश्चित रूप से सीएम ममता बनर्जी की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया। जस्टिस गंगोपाध्याय के इस्तीफे से पहले भी 2024 का लोकसभा चुनाव ममता के लिए एक कठिन चुनौती थी, अब यह और कठिन हो हो गया है।
ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

‘मोदी 3.0’ के लिए गडकरी का प्लान तैयार, चुनाव से पहले देने वाले हैं बड़ा सरप्राइज

Next Post

भारत सरकार ने दिव्यांगों के लिए डिजाइन करेगी AI फीचर्स से लैस App

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Hantavirus

अटलांटिक में फंसा Hantavirus Cruise Ship: दो भारतीय भी सवार, 3 मौतें, कोई देश नहीं लेने दे रहा जहाज

शनिवार, 9 मई 2026
Suvendu Adhikari CM West Bengal

शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के पहले BJP CM: ममता को हराने वाले योद्धा का ऐतिहासिक उदय

शनिवार, 9 मई 2026
Sanjeev Arora

पंजाब AAP मंत्री पर ED रेड: ₹100 करोड़ GST फ्रॉड, BJP पर CM का हमला

शनिवार, 9 मई 2026
Vijay Thalapathy

TVK Crosses 118 Seats: Vijay Thalapathy बने तमिलनाडु के नए CM

शनिवार, 9 मई 2026
One Gas Connection Per House

One Gas Connection Per House: एक घर एक गैस कनेक्शन! सरकार का नया नियम क्या है, किन पर पड़ेगा असर

शनिवार, 9 मई 2026
May 9 History

May 9 History: 9 मई को घटीं दुनिया बदल देने वाली ये बड़ी घटनाएं

शनिवार, 9 मई 2026
Next Post
भारत सरकार ने दिव्यांगों के लिए डिजाइन करेगी AI फीचर्स से लैस App

भारत सरकार ने दिव्यांगों के लिए डिजाइन करेगी AI फीचर्स से लैस App

Mahindra Scorpio से एक-एक कर उतरे 18 लोग, देसी जुगाड़ देख लोगों ने पकड़ लिया माथा, बोले- पूरा गांव आ गया

Mahindra Scorpio से एक-एक कर उतरे 18 लोग, देसी जुगाड़ देख लोगों ने पकड़ लिया माथा, बोले- पूरा गांव आ गया

रानी मुखर्जी क्यों रहती हैं सोशल मीडिया से दूर? एक्ट्रेस ने बताई वजह

रानी मुखर्जी क्यों रहती हैं सोशल मीडिया से दूर? एक्ट्रेस ने बताई वजह

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।