बेटे जीशान के साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बाबा सिद्दीकी।
कांग्रेस को दूसरा झटका : 66 साल के बाबा सिद्दीकी अब तक एक बार मंत्री और तीन बार बांद्रा पश्चिम से विधायक रह चुके हैं। उनके बेटे जीशान बांद्रा पूर्व से विधायक हैं, उन्होंने अभी कांग्रेस छोड़ने का ऐलान नहीं किया है । वे मुंबई यूथ कांग्रेस के प्रमुख हैं। बाबा सिद्दीकी पिछले चार दशक से अधिक वक्त से कांग्रेस से जुड़े हुए थे। बिहार से आने वाले बाबा सिद्दीकी ने मुंबई में चुनावी राजनीति की शुरुआत 1990 के दशक में की थी। वे 1992 में पहली बार पार्षद चुने गए थे। इसके बाद 1997 में फिर से जीते थे। 1999 में बाबा सिद्दीकी विधायक बने थे और फिर 2004 और 2009 में भी जीते थे। 2004 से लेकर 2008 तक बाबा सिद्दीकी मंत्री भी रहे थे। बाबा सिद्दीकी भले अपने बॉलीवुड कनेक्शन के लिए जाने जाते हैं। उनकी इफ्तार पार्टी में सलमान और शाहरुख दोनों एक साथ शामिल होते आए हैं। बाबा सिद्दीकी के राजनीति में उदय के पीछे दिवंगत सुनीत दत्त का योगदान माना जाता है। बाबा सिद्दीकी के सुनीत दत्त के बाद उनके बेटे संजय दत्त के साथ बेटी प्रिया दत्त से काफी नजदीकी है। बाबा सिद्दीकी के खिलाफ 2017 में ईडी में जब छापेमारी की थी तो उन्होंने अपने बेटे जीशान सिद्दीकी को आगे कर दिया था। वे 2019 में विधायक निर्वाचित हुए थे।
नागरपुर रैली और दिवंगत कांग्रेस नेता सुनील दत्त के साथ बाबा सिद्दीकी।
क्यों छोड़ी कांग्रेस पार्टी? : कांग्रेस ने जब नागपुर की ‘हैं तैयार हम’ रैली से लोकसभा चुनावों के लिए बिगुल फूंका था तब बाबा सिद्दीकी ने काफी गर्मजोशी दिखाई थी। इतना ही नहीं मुंबई में I.N.D.I.A अलायंस की बैठक में बाबा सिद्दीकी खूब सक्रिय रहे थे, नागपुर की रैली के बाद ऐसा क्या हुआ कि बाबा सिद्दीकी कांग्रेस से दूर होने लगे? इस बार में कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बाबा सिद्दीकी राज्यसभा जाना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए पिछले दिनों बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से संपर्क किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई थी। बाबा सिद्दीकी के कांग्रेस छोड़ने की एक और वजह है कि खुद को मुस्लिम लीडर के तौर प्रोजेक्ट नहीं किए जाने से नाराज थे।
बाबा सिद्दीकी के बॉलीवुड में काफी अच्छे कनेक्शन हैं।
राज्यसभा जाएंगे सिद्दीकी? : अब देखना है यह कि 10 फरवरी को मुंबई में रैली कर रहे बाबा सिद्दीकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल होकर दिल्ली का सफर तय करते हैं या फिर उन्हें अजित पवार मुंबई में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हैं। चर्चा यह भी है कि आने वाले कुछ दिनों जीशान सिद्दीकी भी कांग्रेस छोड़ेंगे और अपने पिता के पदचिन्हों पर चलेंगे, जो भी राज्यसभा चुनावों से पहले बाबा सिद्दीकी के कांग्रेस से एक्जिट को राज्यसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस से बिहार से आने वाले तेजतर्रार युवा नेता कन्हैया कुमार को राज्यसभा भेज सकती है। ऐसी अटकलें लग रही हैं।








