रांची, 31 जनवरी (The News Air) एक तरफ ईडी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren) से भूमि घोटाले में पूछताछ कर रही है, तो दूसरी तरफ Hemant Soren ने ED के एडिशनल डायरेक्टर कपिल राज, असिस्टेंट डायरेक्टर देवव्रत झा, अनुपम कुमार एवं अन्य के खिलाफ रांची स्थित ST-SC थाने में बुधवार को FIR दर्ज कराई है।
इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि 29 जनवरी को उनके दिल्ली स्थित आवास की ED अफसरों द्वारा जिस तरह तलाशी ली गई और जिस तरह उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया, वह अपमानजनक है।
सीएम Hemant Soren ने कहा है कि वे अनुसूचित जनजाति से आते हैं। ED का ऑपरेशन उन्हें और उनके पूरे समुदाय को अपमानित करने वाला है। रांची स्थित एसटी-एससी थाना ने सीएम Hemant Soren के आवेदन पर ईडी के अफसरों के खिलाफ केस संख्या 6/24 के तहत FIR दर्ज कर ली है। प्राथमिकी में एसटी-एससी (पीए) एक्ट की धारा 3 (1) (पी)(आर)(एस)(यू) लगाई गई है।
सीएम Hemant Soren ने अपने आवेदन में कहा है कि 27 और 28 जनवरी 2024 को मैंने नई दिल्ली का दौरा किया और शांति निकेतन, जिसे झारखंड राज्य द्वारा आवास एवं कार्यालय उपयोग हेतु पट्टे पर लिया गया है, वहां रुका। 29 जनवरी 2024 को मुझे पता चला कि ED के अधिकारियों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उस परिसर में कथित तलाशी ली थी। यह कथित तलाशी मुझे बिना किसी सूचना के ली गई थी। मैं 30 जनवरी को रांची लौटा तो इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ-साथ प्रिंट मीडिया में भी सर्च करने वाले इन अधिकारियों की करतूत देखी। मुझे और मेरे पूरे समुदाय को परेशान करने और बदनाम करने के लिए झारखंड भवन, नई दिल्ली और 5/01, शांति निकेतन, नई दिल्ली में ऑपरेशन किया गया।
सीएम Hemant Soren ने कहा है कि ED के अधिकारियों ने मुझे 29 और 31 जनवरी को रांची में उपस्थित रहने के लिए कहा था। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा व्यापक कवरेज से यह स्पष्ट है कि ईडी अधिकारियों ने मीडिया को इसकी जानकारी दी थी, ताकि मीडिया में तमाशा बनाया जा सके और आम जनता की नजरों में मेरी बदनामी हो।
मुझे 30 जनवरी को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि ईडी के अधिकारियों ने गलत सूचना लीक की है कि आवास परिसर से जब्त की गई नीली बीएमडब्ल्यू कार मेरी है और मेरे परिसर से भारी मात्रा में अवैध नकदी मिली थी। मैं बीएमडब्ल्यू निर्मित उस कार का मालिक नहीं हूं, जिसके मालिक होने का दावा ईडी के अधिकारियों ने किया है। ईडी के अधिकारियों और अज्ञात अन्य लोगों ने, जो किसी अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य नहीं हैं, जानबूझकर मुझे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के लिए यह कृत्य किया है।








