Punjab DA Hike का ऐलान हो गया है। पंजाब सरकार ने सरकारी मुलाजिमों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में यह घोषणा की। इसका फायदा करीब 8 लाख सरकारी मुलाजिमों और पेंशनर्स को मिलेगा।
इस फैसले के बाद मुलाजिमों का DA बढ़कर 53% हो गया है। सीएम मान के मुताबिक नवंबर के वेतन में बढ़ा हुआ DA जुड़ेगा, जबकि दिसंबर में मिलने वाली पेंशन में भी यह शामिल रहेगा। इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों और पेंशनरों को कुल 363 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा।
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‘Punjab DA Hike: 28% से 53% तक का सफर’
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2022 में जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब कर्मचारियों को 28% DA मिल रहा था। उसके बाद इसमें लगातार बढ़ोतरी होती गई।
सितंबर 2026 में DA 8% बढ़ा और 42% से 50% पर पहुंचा। अब 3% की नई किश्त जुड़ने से यह 53% हो गया है।
| पड़ाव | DA की स्थिति |
|---|---|
| 2022 (सरकार बनने के समय) | 28% |
| सितंबर 2026 से पहले | 42% |
| सितंबर 2026 (8% बढ़ोतरी) | 50% |
| अब (3% बढ़ोतरी) | 53% |
देखा जाए तो सिर्फ दो महीने में DA 11 फीसदी बढ़ा है। सीएम मान ने खुद कहा कि पहले 8 फीसद और अब 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
‘CM भगवंत मान की दो अहम बातें’
पहली बात आंकड़ों की है: 2 महीने में 11% की बढ़ोतरी। दूसरी बात सीधे राजनीति से जुड़ी है। मान ने कहा कि सरकार को सत्ता में आए पौने पांच साल हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि खजाना खाली है।
उनका दावा है कि पहले की सरकारें ऐसा कहती थीं। इसीलिए, मान के मुताबिक, उनके मंत्री को “पीपा मंत्री” कहा जाता था।
‘DA विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ’
दिलचस्प बात यह है कि यह ऐलान अचानक नहीं आया। इसके पीछे महीनों की खींचतान है। हाईकोर्ट के आदेश से शुरू हुई कहानी हड़ताल, पेन डाउन स्ट्राइक और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची।
| तारीख (2026) | क्या हुआ |
|---|---|
| 3 अगस्त | पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने करीब 14,191 करोड़ रुपए का लंबित DA/DR बकाया 15 दिन में जारी करने को कहा। देरी पर 6% सालाना ब्याज का प्रावधान भी रखा |
| 7 अगस्त | आदेश के बावजूद भुगतान न होने पर कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किए |
| 27 अगस्त | राज्यव्यापी हड़ताल और सामूहिक छुट्टी। संगठनों के दावे के मुताबिक 3 लाख से ज्यादा कर्मचारी शामिल हुए |
| सितंबर की शुरुआत | सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती करीब 85 हजार कर्मचारियों का DA 42 से बढ़ाकर 60% करने का प्रस्ताव रखा |
| 8 से 11 सितंबर | कर्मचारियों की पेन डाउन स्ट्राइक। सरकार ने ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश जारी किया |
| 18 सितंबर | CM के साथ बैठक में 8% DA बढ़ाने का ऐलान। DA 42 से 50% हुआ और आंदोलन स्थगित हुआ |
| 23 सितंबर | वित्त विभाग ने नोटिफिकेशन जारी किया। यह 1 सितंबर 2026 से लागू हुआ |
| 2 नवंबर | सरकार ने हाईकोर्ट में 22,818 करोड़ रुपए DA/DR बकाया बताया |
‘हड़ताल से बैठक तक: कर्मचारियों का दबाव’
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ, तो कर्मचारी संगठन सड़कों पर उतर आए। 7 अगस्त को प्रदर्शन शुरू हुए और 27 अगस्त को राज्यव्यापी हड़ताल हुई। उस दिन मुख्यमंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक भी नहीं हो पाई।
सरकार ने सामूहिक छुट्टी को अनधिकृत अनुपस्थिति माना और कार्रवाई के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। फिर सितंबर की शुरुआत में सरकार ने 85 हजार कर्मचारियों के लिए अलग प्रस्ताव रखा। ये वे कर्मचारी थे जिनका वेतन केंद्र के 7वें वेतन आयोग के पैटर्न पर था। संगठनों ने इसे सभी कर्मचारियों की मांग का समाधान नहीं माना।
और बस यहीं से मामला और गरमाया। 8 से 11 सितंबर तक पेन डाउन स्ट्राइक चली। आखिरकार 18 सितंबर की बैठक में 8% DA पर सहमति बनी।
‘सुप्रीम कोर्ट पहुंची पंजाब सरकार’
एक तरफ DA बढ़ाया जा रहा है, दूसरी तरफ सरकार हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती भी दे चुकी है। पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका (SLP) दायर की। पहली बार 1 सितंबर को और प्रक्रिया संबंधी कमियां दूर करने के बाद 1 अक्टूबर को दोबारा।
सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि 1 जुलाई 2021 से 30 सितंबर 2026 तक कर्मचारियों और पेंशनरों का करीब 22,818 करोड़ रुपए DA/DR बकाया है। सरकार के मुताबिक सभी लंबित दावों को मिलाकर कुल देनदारी करीब 32,418 करोड़ रुपए है।
‘नई किश्त के आगे बकाया का पहाड़’
समझने वाली बात यह है कि 363 करोड़ रुपए की यह किश्त और 22,818 करोड़ रुपए का बकाया, दो अलग मुद्दे हैं। नई किश्त आगे के वेतन और पेंशन में जुड़ेगी। बकाया का मामला अब भी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में बना हुआ है।
इससे साफ होता है कि मुलाजिमों के लिए राहत भी है और इंतजार भी। सरकार के अपने आंकड़ों के हिसाब से कुल देनदारी 32,418 करोड़ रुपए है, यानी तस्वीर पूरी तरह साफ होना बाकी है।
आम परिवार के लिहाज से देखें तो नवंबर के वेतन और दिसंबर की पेंशन में बढ़ा हुआ भत्ता जुड़ेगा। महीने के खर्च में इससे कुछ राहत मिलेगी। 8 लाख मुलाजिमों और पेंशनर्स के परिवारों के लिए यह मायने रखता है।
सवाल उठता है कि क्या अब कर्मचारी संगठन बकाया पर भी इसी तरह दबाव बनाए रखेंगे। फिलहाल ट्रांसक्रिप्ट जैसी कोई जानकारी इस पर सामने नहीं आई है, इसलिए नजर अगली सुनवाइयों पर रहेगी।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का DA/DR लंबे समय से लंबित था। 3 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने करीब 14,191 करोड़ रुपए का बकाया 15 दिन में देने का निर्देश दिया था। भुगतान न होने पर कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन, हड़ताल और पेन डाउन स्ट्राइक की। 18 सितंबर को CM के साथ बैठक में 8% DA पर सहमति बनी, जो 1 सितंबर 2026 से लागू हुआ। अब 3% की नई बढ़ोतरी के साथ DA 53% हो गया है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पंजाब सरकार ने DA में 3% की बढ़ोतरी की है। अब DA 53% है और 8 लाख मुलाजिमों-पेंशनर्स को फायदा होगा।
- नवंबर के वेतन और दिसंबर की पेंशन में बढ़ा DA जुड़ेगा। कुल लाभ 363 करोड़ रुपए का है।
- पिछले 2 महीनों में कुल 11% DA बढ़ा है: पहले 8% और अब 3%।
- सरकार के मुताबिक 22,818 करोड़ रुपए का DA/DR बकाया है। मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।











