Free Gas Cylinder: दिवाली के मौके पर उत्तर प्रदेश के 1.89 करोड़ से ज्यादा परिवारों की रसोई तक सौगात पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत इस बार त्योहार पर निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर के लिए 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने जा रही है।
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए होली और दिवाली पर 2 मुफ्त एलपीजी रिफिल देने की व्यवस्था तय की है। इसके लिए कुल 2,142.78 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है।
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मुफ्त रिफिल कैसे मिलेगा: पूरी प्रक्रिया
त्योहारों में घर का खर्च बढ़ता है और रसोई का बजट सबसे पहले हिलता है। ऐसे में यह योजना महिलाओं के बजट को संभालने में सीधा सहारा बनती है। प्रक्रिया डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर पर आधारित है।
सबसे पहले लाभार्थी को अपने गैस प्रदाता, जैसे भारत गैस या एचपी गैस, के जरिए सामान्य तरीके से रिफिल बुक करना होता है। डिलीवरी के समय पूरा भुगतान करना होता है। फिलहाल घरेलू सिलेंडर की कीमत लगभग ₹910 है।
| चरण | क्या करना है |
|---|---|
| 1. बुकिंग | गैस प्रदाता के जरिए सामान्य तरीके से रिफिल बुक करें |
| 2. भुगतान | डिलीवरी के समय पूरा पैसा दें (कीमत लगभग ₹910) |
| 3. रसीद | डिलीवरी पर मिली वैध रसीद संभालकर रखें |
| 4. पैसे की वापसी | डिलीवरी सत्यापित होते ही केंद्र की ₹300 उज्ज्वला सब्सिडी और बाकी अंतर की रकम राज्य सरकार सीधे बैंक खाते में भेजती है |
इसी वापसी की वजह से सिलेंडर उपभोक्ता के लिए पूरी तरह निःशुल्क हो जाता है। दिवाली अभियान की बुकिंग 1 नवंबर से शुरू है। जिन परिवारों ने तय सीमा में बुकिंग कराई है, उनके खातों में राशि चरणबद्ध तरीके से भेजी जा रही है।
खाते में पैसा न आए तो वजह यह हो सकती है
हैरान करने वाली बात यह है कि बहुत से लोग सिलेंडर ले लेते हैं, पर पैसा न आने की शिकायत करते हैं। सब्सिडी बिना रुकावट पाने के लिए दो शर्तें जरूरी हैं।
पहली, गैस एजेंसी के रिकॉर्ड में उपभोक्ता की ईकेवाईसी पूरी और सत्यापित हो। दूसरी, बैंक खाता डीबीटी के लिए सक्षम हो और आधार से सक्रिय रूप से जुड़ा हो।
उज्ज्वला योजना 2.0 की मुख्य सुविधाएं
इस योजना के दूसरे चरण में नए जुड़ने वाले परिवारों को कई राहतें मिलती हैं।
| सुविधा | क्या मिलता है |
|---|---|
| सुरक्षा राशि | कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं, नया कनेक्शन शून्य सुरक्षा राशि पर |
| पहला रिफिल और चूल्हा | कनेक्शन स्वीकृत होने पर भरा सिलेंडर और गैस चूल्हा पूरी तरह मुफ्त |
| नियमित सब्सिडी | सामान्य दिनों में साल में 12 रिफिल तक प्रति सिलेंडर ₹300 |
| त्योहारी उपहार | यूपी जैसे राज्यों में होली और दिवाली पर 2 अतिरिक्त मुफ्त रिफिल, खर्च राज्य सरकार का |
नए कनेक्शन के लिए पात्रता और दस्तावेज
योजना उन्हीं परिवारों के लिए है जिन्हें इसकी जरूरत है। आवेदक परिवार की वयस्क महिला होनी चाहिए। परिवार बीपीएल, एससी, एसटी, अति पिछड़ा वर्ग या अंत्योदय का हो, या प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का पात्र लाभार्थी हो। परिवार के किसी सदस्य के नाम पहले से सक्रिय घरेलू एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेजों में आधार कार्ड, परिवार का राशन कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक व आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर शामिल हैं। दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, क्योंकि पूरी प्रक्रिया डिजिटल है।
ऑनलाइन आवेदन के स्टेप
- योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- होम पेज पर “अप्लाई फॉर न्यू उज्ज्वला 2.0 कनेक्शन” विकल्प चुनें।
- अपनी पसंद की ऑयल मार्केटिंग कंपनी, जैसे भारत गैस या एचपी गैस, चुनें।
- आधार विवरण और मोबाइल पर आए OTP से ऑनलाइन ईकेवाईसी पूरी करें।
- नजदीकी गैस वितरक चुनें, जरूरी विवरण भरें और दस्तावेज अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें।
विवरण के भौतिक सत्यापन के 7 से 15 दिनों में एजेंसी मुफ्त सिलेंडर और चूल्हा सौंप देती है। किसी समस्या या शिकायत के लिए उज्ज्वला टोल फ्री हेल्पलाइन है। गैस रिसाव या आपात स्थिति में 24 घंटे चलने वाला नंबर 1906 है।
क्या कहता है पूरा गणित
देखा जाए तो इस योजना में केंद्र और राज्य दोनों का हिस्सा साफ बंटा है। सामान्य दिनों में ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी केंद्र देता है। होली और दिवाली के दो अतिरिक्त रिफिल का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाती है।
समझने वाली बात है कि यहां पहले अपनी जेब से पैसा देना पड़ता है और बाद में वह खाते में लौटता है। इसलिए जिस परिवार के पास डिलीवरी के वक्त पूरी रकम न हो, उसके लिए यह थोड़ी चुनौती हो सकती है। रसीद संभालना और ईकेवाईसी व आधार-लिंक खाता पहले से ठीक रखना ही सबसे बड़ी सावधानी है।
क्या है पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण में केंद्र सरकार हर पात्र सिलेंडर पर साल में 12 रिफिल तक ₹300 की सब्सिडी देती है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके ऊपर होली और दिवाली पर दो मुफ्त रिफिल की व्यवस्था की है।
मुख्य बातें (Key Points)
- यूपी के 1.89 करोड़ से ज्यादा परिवारों को दिवाली पर मुफ्त एलपीजी रिफिल का फायदा मिल रहा है।
- 1500 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जाएगी। 2026-27 में होली और दिवाली के लिए कुल 2,142.78 करोड़ का बजट है।
- पहले पूरा भुगतान करना होता है। डिलीवरी सत्यापित होने पर ₹300 की केंद्रीय सब्सिडी और बाकी राशि राज्य सरकार लौटाती है।
- पैसा समय पर पाने के लिए ईकेवाईसी और आधार-लिंक्ड डीबीटी बैंक खाता जरूरी है।













