Congress Rally Ramlila Maidan को लेकर एक दिन पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बड़ा संदेश जारी किया है। यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित की जा रही है और इसके लिए नेताओं ने जोरदार तैयारियां की हैं।
देखा जाए तो राहुल गांधी ने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचने के लिए रैली का रूट मैप खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया और सबसे इसमें शामिल होने की अपील की। यह कदम दिखाता है कि कांग्रेस इस रैली को लेकर कितनी गंभीर है।
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‘राहुल गांधी ने शेयर किया रूट मैप, बताई टाइमिंग’
राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर रैली का मैप शेयर करते हुए लिखा, “कल मिलते हैं, साथ चलते हैं: कन्नॉट प्लेस, मिंटो रोड जंक्शन, अजमेरी गेट, रामलीला मैदान।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रैली 1 नवंबर को दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। इंडिया गठबंधन की इस रैली में हजारों लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को बारिश की वजह से रामलीला मैदान में पानी भर गया था, जिससे तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन शनिवार तक पानी काफी कम हो गया और मैदान को रैली के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया गया।
This Sunday, 12 PM, We meet at MINTO ROAD – CONNAUGHT PLACE junction.
We march ahead to RAMLILA MAIDAN, carrying the voice of India straight to the corridors of power.
Let the voice of India ring loud 🇮🇳 https://t.co/hHddGspvdB
— Indian Youth Congress (@IYC) October 30, 2026
‘रैली में शामिल होंगे कई दिग्गज नेता’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस महारैली में सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि विपक्ष के कई बड़े चेहरे शामिल होने वाले हैं। केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन रविवार को इस ‘चलो दिल्ली’ विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत बुला रहा है। कल मैं नई दिल्ली के रामलीला मैदान में लोकतंत्र, संविधान और वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए लाखों नागरिकों के साथ खड़ा रहूंगा।”
सूत्रों की मानें तो तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भी इस रैली में शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा अभिनेता से नेता बने कमल हासन, समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत भूषण के भी रैली में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
| रैली से जुड़ी अहम जानकारी | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 1 नवंबर |
| स्थान | रामलीला मैदान, दिल्ली |
| समय | दोपहर 12:00 बजे |
| रूट | कन्नॉट प्लेस-मिंटो रोड जंक्शन-अजमेरी गेट-रामलीला मैदान |
| मुख्य मांग | SIR में अनियमितता का विरोध, CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा |
| अनुमानित भीड़ | करीब 10 लाख लोग |
| संभावित नेता | ममता बनर्जी, वी. डी. सतीशन, कमल हासन, जया बच्चन, प्रशांत भूषण |
‘महाभियोग प्रस्ताव और खरगे का बयान’
इसी बीच रैली से पहले एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई दिग्गज नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पहुंचे। वहीं खरगे के घर पर ही इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए, जिसमें विपक्ष की करीब 20 से ज्यादा पार्टियां शामिल हुईं।
इस पूरी कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की, जबकि प्रस्ताव खुद मल्लिकार्जुन खरगे ने पेश किया। खरगे ने अपने संबोधन में कहा कि भारत एक ऐसा देश है जहां संविधान लागू होते ही महिलाओं, दलितों, वंचितों और गरीबों सहित हर वर्ग को मतदान का अधिकार मिल गया था, जबकि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके और फ्रांस जैसे देशों में आजादी या लोकतंत्र आने के तुरंत बाद महिलाओं को यह अधिकार नहीं मिला था।
‘SIR पर खरगे का तीखा हमला’
समझने वाली बात है कि खरगे ने अपने भाषण में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के चुनाव आयोग ने रातोंरात SIR का ऐलान किया, जिसका पहला प्रयोग बिहार में हुआ और फिर इसे पूरे देश में भाजपा विरोधी वोटरों को हटाने के लिए लागू किया गया।
खरगे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष कभी भी मृत व्यक्तियों के नाम वोटर लिस्ट में बनाए रखने की पैरवी नहीं कर रहा, बल्कि वे सिर्फ यह चाहते हैं कि सरकार आंकड़े सार्वजनिक करे कि कितने लोग बाहर किए गए और कितनों की मृत्यु हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अपनी गलतियां छुपाने के लिए घुसपैठियों का बहाना बना रही है, जबकि विपक्ष सिर्फ सच्चे वोटरों की हिफाजत की मांग कर रहा है।
विशेषज्ञ विश्लेषण
अगर गौर करें तो यह रैली सिर्फ एक राजनीतिक प्रदर्शन भर नहीं है, बल्कि 2029 के आम चुनावों से पहले विपक्षी एकजुटता की एक बड़ी परीक्षा भी मानी जा सकती है। राहुल गांधी का खुद रूट मैप शेयर करना और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा बड़े नेताओं का इसमें शामिल होना यह दर्शाता है कि इंडिया गठबंधन इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की रणनीति पर काम कर रहा है। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाना और महाभियोग प्रस्ताव लाना विपक्ष की ओर से एक सुनियोजित दबाव की रणनीति प्रतीत होती है, हालांकि इसका व्यावहारिक असर कितना होगा यह आने वाला समय ही बताएगा।
‘जानें पूरा मामला’
यह महारैली मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित की जा रही है। कांग्रेस के अनुसार इस रैली में दूसरे राज्यों से करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसके लिए कार्यकर्ताओं को रामलीला मैदान तक लाने के लिए सैकड़ों बसों की व्यवस्था की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि SIR का इस्तेमाल भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है, जिसे लेकर पूरे देश में विरोध तेज हो गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- राहुल गांधी ने 1 नवंबर की महारैली का रूट मैप और समय (दोपहर 12 बजे) सोशल मीडिया पर शेयर किया।
- ममता बनर्जी, वी. डी. सतीशन, कमल हासन, जया बच्चन और प्रशांत भूषण के रैली में शामिल होने की संभावना है।
- खरगे के घर पर इंडिया ब्लॉक की 20 से ज्यादा पार्टियों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए।
- रैली SIR में अनियमितता के विरोध और CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित हो रही है, करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।












