बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने की आशंका को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 अक्टूबर 2026 को एक अहम प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान बनने की पूरी संभावना है, जिसका असर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी बारिश के रूप में देखने को मिलेगा। इसी बीच दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र की वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में भी भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
🔍 यह भी पढ़ें- Siliguri Corridor बड़ी खबर: West Bengal की 120 एकड़ जमीन से China को झटका
पूर्वी तट पर चक्रवात बनने की पूरी टाइमलाइन
देखा जाए तो यह पूरा घटनाक्रम कल ही शुरू हो गया था, जब दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र सुबह 5:30 बजे तक एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया और आज सुबह 8:30 बजे तक उसी स्थिति में बना रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक यह सिस्टम आज, 24 अक्टूबर को ही डिप्रेशन में तब्दील होने की संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए 25 अक्टूबर को गहरे दबाव क्षेत्र में और 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। आगे बढ़ते हुए यह सिस्टम 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंच जाएगा।
अरब सागर का निम्न दबाव और दक्षिण भारत पर असर
वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप से सटे इलाके में बना कल का निम्न दबाव क्षेत्र आज सुबह 8:30 बजे भी उसी स्थिति में बना हुआ है। इस सिस्टम से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से एक ट्रफ निचले क्षोभमंडल स्तर पर उत्तरी तटीय तमिलनाडु तक फैला हुआ है। इसी वजह से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 और 25 अक्टूबर को, जबकि केरल और माहे में 25 और 26 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। पिछले 24 घंटों में ही तमिलनाडु में 21 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज हो चुकी है, जो इस चेतावनी को और गंभीर बनाता है।
| क्षेत्र | पिछले 24 घंटे में दर्ज बारिश | श्रेणी |
|---|---|---|
| तमिलनाडु (नीलगिरी, बुरलियार) | 25 सेमी | अत्यंत भारी |
| केरल (वडकरा, कोझिकोड) | 13 सेमी | बहुत भारी |
| गोवा (कैनाकोना) | 10 सेमी | भारी |
| तटीय कर्नाटक (ब्रह्मावर, उडुपी) | 10 सेमी | भारी |
| दक्षिण आंतरिक कर्नाटक (कोनानूर, हासन) | 8 सेमी | भारी |
| उत्तर आंतरिक कर्नाटक (हुबली, धारवाड़) | 7 सेमी | भारी |
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और पंजाब पर असर
दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान उत्तर भारत के मौसम पर भी असर पड़ने वाला है। उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है, जिसके साथ ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ भी बना हुआ है। इसके असर से पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक प्रेरित ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण बना है। इसी वजह से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 24 अक्टूबर को तथा 28-29 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। खास बात यह है कि 24 अक्टूबर को पंजाब में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट है।
दिल्ली-एनसीआर के मौसम का हाल
राहत की बात यह है कि दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, जबकि न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। अधिकतम तापमान 30-32 डिग्री के बीच और न्यूनतम तापमान 17-18 डिग्री के बीच रहा। 24 अक्टूबर को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ दोपहर बाद कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।
| तारीख | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | मौसम |
|---|---|---|---|
| 24 अक्टूबर | 31-33°C | – | आंशिक बादल, हल्की बारिश संभव |
| 25 अक्टूबर | 31-33°C | 17-19°C | आंशिक बादल |
| 26 अक्टूबर | 31-33°C | 16-18°C | मुख्यतः साफ आसमान |
| 27 अक्टूबर | 30-32°C | 16-18°C | मुख्यतः साफ आसमान |
मछुआरों और तटीय इलाकों के लिए चेतावनी
चिंता का विषय यह है कि समुद्र की स्थिति भी लगातार बिगड़ने वाली है। पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ अंडमान द्वीप समूह के आसपास 25 अक्टूबर की सुबह तक समुद्र में तेज हलचल रहेगी, जो 26 अक्टूबर की सुबह तक 70-80 किमी प्रति घंटे तक की आंधी में बदल सकती है। इसी वजह से मछुआरों को 24 अक्टूबर की शाम से 26 अक्टूबर तक पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में, और 26 से 28 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य खाड़ी क्षेत्र में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 27-28 अक्टूबर के दौरान आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास भी यही चेतावनी लागू रहेगी।
किसानों के लिए एग्रोमेट एडवाइजरी
उम्मीद की किरण यह है कि किसानों के लिए समय रहते सावधानी बरतने की सलाह जारी कर दी गई है। तमिलनाडु में धान, केला, कपास, हल्दी, गन्ना और टैपिओका के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने को कहा गया है, वहीं कटी हुई धान और मूंगफली की उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। केरल में धान, नारियल, सब्जी, अदरक और केले के खेतों से पानी निकालने के साथ-साथ केले और पपीते के पौधों को यांत्रिक सहारा देने को कहा गया है। ओडिशा में पकी हुई फसलों की कटाई पूरी कर उन्हें सुरक्षित सूखी जगह पर रखने की सलाह दी गई है, ताकि निचले इलाकों में जलभराव से नुकसान न हो।
आगे क्या असर पड़ सकता है
समझने वाली बात है कि यह दोनों मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय होने की वजह से देश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों पर दोहरा दबाव बन रहा है। एक तरफ बंगाल की खाड़ी का सिस्टम चक्रवाती तूफान में बदलकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ अरब सागर का निम्न दबाव क्षेत्र दक्षिण भारत के राज्यों में पहले से ही भारी बारिश करा चुका है। इससे साफ होता है कि आने वाले चार-पांच दिन तटीय और निचले इलाकों के लिए काफी संवेदनशील रहेंगे, खासकर जलभराव, भूस्खलन और सड़क-रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका ज्यादा है। हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी असर पड़ने की चेतावनी दी गई है, जो बचाव और राहत कार्यों के लिहाज से एक अहम संकेत है।
क्या है पूरा मामला
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर 1:50 बजे जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि दो अलग-अलग मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। पहला सिस्टम पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बन रहा है, जो चक्रवाती तूफान में बदलकर आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ेगा, जबकि दूसरा सिस्टम दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप के आसपास निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान में एक पश्चिमी विक्षोभ और पश्चिम राजस्थान पर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इन सभी सिस्टम के असर से देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कई दिनों तक बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदलकर 28 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश तट के पास पहुंचेगा।
- तमिलनाडु, केरल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अत्यंत भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के असर से गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
- मछुआरों को 24 से 28 अक्टूबर के दौरान बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।










