Mansa Murder मामले में अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ आ गया है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत ने आज मानसा पहुंचकर परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे धरने को संबोधित किया। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब में नशे के फैलाव के लिए केंद्र और पंजाब सरकार, दोनों बराबर की जिम्मेदार हैं।
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“सिर्फ एक कत्ल का मामला नहीं” : टिकैत
राकेश टिकैत ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि परविंदर सिंह झोटा का कत्ल सिर्फ एक नौजवान की जान जाने का मामला नहीं है। यह नशे के खिलाफ लड़ रहे लोगों की सुरक्षा और सरकारों की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सवाल है।
देखा जाए तो यह बयान सीधे तौर पर प्रशासन की नाकामी की तरफ इशारा करता है।
“कार्रवाई क्यों नहीं हो रही” : सवाल खड़े किए
किसान नेता ने केंद्र और पंजाब सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नशे का कारोबार रोकना दोनों सरकारों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकारें नशे को खत्म करने के लिए गंभीर हैं, तो फिर नशा तस्करों के खिलाफ असरदार कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
उनका कहना था कि पंजाब की जवानी को नशे से बचाने के लिए सिर्फ ऐलानों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कदमों की जरूरत है।
“झोटा की लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ी जाएगी”
राकेश टिकैत ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने नशे के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की थी, उसे अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने इस संघर्ष को और विशाल तथा मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कातिलों को सख्त सजा दिलाने के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ भी फैसलाकुन कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष तेज किया जाना चाहिए।
“यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं”
टिकैत ने जोर देकर कहा कि पंजाब के नौजवानों की जानों का सवाल किसी एक परिवार या जत्थेबंदी तक सीमित नहीं है। नशे के कारण उजड़ रहे घरों और अपने बेटे गंवा रहे माता-पिता का दर्द पूरे समाज का दर्द है।
समझने वाली बात है कि यह अपील किसानों, मजदूरों, नौजवानों और सामाजिक संगठनों को एकजुट होने का संदेश देती है।
पिता की भावुक अपील पर पहुंचे टिकैत
दिलचस्प बात यह है कि बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें झोटा के पिता बेहद भावुक होकर कह रहे थे कि वे इंसाफ की इस लड़ाई में राकेश टिकैत का इंतजार कर रहे हैं। परिवार की इसी अपील के बाद टिकैत का धरने में शामिल होने का ऐलान सामने आया था।
CBI जांच जारी, पूरे पंजाब में रोष
मानसा के चर्चित नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा, जो इलाके में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार आवाज बुलंद कर रहे थे, उनका बीते दिनों कत्ल कर दिया गया था। इस घटना के बाद पूरे पंजाब में रोष की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग, नशा विरोधी मोर्चा और किसान जत्थेबंदियां कातिलों की तुरंत गिरफ्तारी और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं। इस मामले की जांच CBI कर रही है।
राजनीति बनाम इंसाफ की लड़ाई
अगर गौर करें तो राकेश टिकैत का मानसा पहुंचना इस आंदोलन को एक नया मोड़ दे सकता है। किसान यूनियन जैसे बड़े संगठन का समर्थन मिलने से स्थानीय मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर की बहस बनता जा रहा है। यह दिखाता है कि नशे के खिलाफ लड़ने वालों की सुरक्षा और सरकारी जवाबदेही का सवाल अब सिर्फ मानसा या पंजाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर के किसान संगठनों का ध्यान भी इस ओर खिंच रहा है।
क्या है पूरा मामला
मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की संदिग्ध हत्या के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। परिवार और एक्शन कमेटी मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। अब किसान नेता राकेश टिकैत के समर्थन में आने से यह आंदोलन और बड़ा रूप लेता दिख रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- राकेश टिकैत ने मानसा पहुंचकर झोटा हत्याकांड को सरकारी जवाबदेही से जोड़ा।
- केंद्र और पंजाब सरकार दोनों को नशे के फैलाव के लिए जिम्मेदार बताया।
- झोटा की नशा विरोधी लड़ाई को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
- परिवार की भावुक अपील के बाद टिकैत ने धरने में शामिल होने का फैसला लिया था।












