Jhota Murder Case में शुक्रवार को बड़ा मोड़ आया, जब सरकार ने एक्शन कमेटी और परिवार की 14 में से 12 मांगें मान लीं। मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से लगातार दबाव झेल रही सरकार ने आखिरकार बड़ा कदम उठाया है। हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी के इस्तीफे की मांग अभी भी अधूरी है, और यही मुद्दा अब सबसे बड़ा पेच बना हुआ है।
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’14 में से 12 मांगें मानीं, दो पर अड़ा मामला’
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को एक्शन कमेटी और SIT के बीच हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया। देखा जाए तो सरकार ने इस बार गंभीरता दिखाते हुए ज्यादातर मांगों पर सहमति जता दी, लेकिन मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे वाली मांग को फिलहाल अलग रखा गया है।
SIT की ओर से एक्शन कमेटी को इन मांगों के संबंध में लिखित पत्र भी सौंपा गया। समझने वाली बात है कि यह लिखित आश्वासन परिवार और एक्शन कमेटी के लिए एक तरह से भरोसे की कड़ी बनकर आया है, लेकिन इस्तीफे की मांग पर अड़े रहना यह दिखाता है कि मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
‘शाम 4 बजे फिर बैठक, पोस्टमॉर्टम पर फैसला’
एक्शन कमेटी ने सरकार से मिले लिखित पत्र पर चर्चा के लिए शाम 4 बजे फिर से बैठक बुलाई है। इसी बैठक में पोस्टमॉर्टम करवाने और शव को पीजीआई चंडीगढ़ भेजने को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पोस्टमॉर्टम और शव को लेकर अब तक जो देरी हुई, वह परिवार के असंतोष की एक बड़ी वजह रही है। अगर गौर करें तो यह फैसला अब मामले की आगे की दिशा तय करेगा।
‘CBI ने मुख्य आरोपी को कोर्ट में किया पेश’
इसी बीच CBI ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को मोहाली स्थित CBI कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उसे 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। दूसरी ओर, हत्याकांड के चारों आरोपियों को अदालत ने 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इससे साफ होता है कि जांच एजेंसी अब पूछताछ के जरिए मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
‘फार्मेसी काउंसिल ने रद्द किया आरोपी का रजिस्ट्रेशन’
पंजाब फार्मेसी काउंसिल की कार्यकारी कमेटी ने 20 अक्टूबर को हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया। कमेटी ने अश्विनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द करने का निर्णय लिया, जिसके बाद 22 अक्टूबर को रजिस्ट्रार ने इस संबंध में पत्र जारी किया।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| रजिस्ट्रेशन नंबर | 51464 |
| रजिस्ट्रेशन जारी होने की तारीख | 10 जुलाई 2020 |
| रद्द करने का फैसला | 20 अक्टूबर 2026 |
| रद्द आदेश प्रभावी | 20 अक्टूबर से |
आदेश के तहत अश्विनी का नाम पंजीकृत फार्मासिस्टों के आधिकारिक रजिस्टर से हटा दिया गया है। यह दर्शाता है कि प्रशासनिक स्तर पर भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है।
‘CBI की तलाशी, 8 घंटे चला अभियान’
गुरुवार को CBI की अलग-अलग टीमों ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार और उसके साथी विपिन कुमार के घरों में करीब 8 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान CBI ने श्मशान घाट रोड पर मौजूद मानसा मेडिकल हॉल की भी चेकिंग की और आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की।
दिलचस्प बात यह है कि इतनी लंबी तलाशी और पूछताछ यह संकेत देती है कि CBI इस मामले में किसी भी सुराग को नजरअंदाज नहीं करना चाहती।
‘आम लोगों पर क्या असर’
इस मामले में सरकार का एक्शन दिखाता है कि प्रशासनिक दबाव में न्याय की प्रक्रिया तेज हो सकती है, लेकिन इस्तीफे की मांग पर गतिरोध बने रहने से आम जनता में यह चिंता का विषय बना हुआ है कि न्याय पूरी तरह कब मिलेगा।
‘जानें पूरा मामला’
मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद से परिवार और एक्शन कमेटी लगातार सरकार पर कार्रवाई का दबाव बना रहे थे। शुक्रवार को हुई बैठक में सरकार ने 14 में से 12 मांगें मान लीं, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी के इस्तीफे की मांग अब भी अनसुलझी है। इसी बीच CBI ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल की, वहीं पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने उसका रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिया है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- सरकार ने एक्शन कमेटी की 14 में से 12 मांगें मानीं, CM-DGP इस्तीफे की मांग बाकी।
- शाम 4 बजे बैठक में पोस्टमॉर्टम और शव PGI चंडीगढ़ भेजने पर फैसला संभव।
- CBI ने मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार को कोर्ट में पेश कर 5 दिन की रिमांड हासिल की।
- पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने आरोपी अश्विनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द किया।










