IAS Officers Mansa मामले में अब पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मानसा के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष कर रही एक्शन कमेटी से रस्मी बातचीत के वास्ते सरकार ने तीन महिला IAS अधिकारियों को मैदान में उतारा है। आज इस औपचारिक बातचीत की शुरुआत होने की संभावना जताई जा रही है।
देखा जाए तो यह कदम सरकार की तरफ से मामले को शांत करने की एक गंभीर कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि करीब एक हफ्ते की खींचतान के बाद ही सरकार इस मुकाम पर पहुंची है।
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कौन हैं यह तीन महिला अधिकारी
पंजाब सरकार ने तीन आईएएस महिला अधिकारियों की एक अनौपचारिक कमेटी बनाई है, जो मानसा में एक्शन कमेटी के साथ रब्ता बनाएगी। इस तीन मेंबरी कमेटी में 2007 बैच की IAS अधिकारी कंवलप्रीत कौर बराड़, 2011 बैच की IAS अधिकारी अपनीत रियात और मानसा की डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर शामिल हैं।
समझने वाली बात है कि कंवलप्रीत कौर बराड़ इस वक्त फरीदकोट रेंज की कमिश्नर भी हैं, जबकि अपनीत रियात कांग्रेस सरकार के समय मानसा की डिप्टी कमिश्नर रह चुकी हैं। अपनीत रियात का ससुराल परिवार भी मानसा के गांव दातेवास में है, जिससे उनकी इस इलाके से एक निजी जुड़ाव भी नजर आता है।
लंघी रात ही पहुंच चुकी थीं मानसा
और बस यहीं से शुरू हुई सरकार की सक्रियता। आईएएस अधिकारी कंवलप्रीत कौर बराड़ और अपनीत रियात लंघी रात ही मानसा पहुंच चुकी हैं। आज शाम के वक्त एक्शन कमेटी और पंजाब सरकार के बीच मुढले पड़ाव पर बातचीत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इससे पहले स्थानीय पुलिस अधिकारी बातचीत का रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन एक्शन कमेटी ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने से साफ मना कर दिया था। यह दर्शाता है कि कमेटी का भरोसा सिर्फ पुलिस प्रशासन से नहीं, बल्कि कहीं न कहीं पूरे सिस्टम से उठ चुका है।
एक्शन कमेटी की मुख्य मांगें
एक्शन कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग लगातार की जा रही है। कमेटी का ऐलान है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक न तो परविंदर झोटा की मृतक देह का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और न ही संस्कार किया जाएगा।
चेतें रहें कि 13 अक्टूबर को अश्विनी कुमार ने अपने मेडिकल स्टोर पर नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी थी, जिसके इंसाफ के लिए अब छह दिनों से मानसा में जनतक जथेबंदियों पर आधारित एक्शन कमेटी की अगुवाई में मोर्चा चल रहा है।
AAP नेताओं को सौंपे जाएंगे लानती पत्र
आज एक्शन कमेटी के सद्दे पर ‘आप’ के विधायकों और वजीरों को लानती पत्र सौंपे जाने हैं। राहत की बात यह है कि भलके दशहरे मौके पर परविंदर सिंह झोटा के परिवार के साथ दुख साझा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंच रहे हैं।
आम जनता के लिए क्या है मायने
जब सरकार किसी मुद्दे को सुलझाने के लिए इतने सीनियर अधिकारियों को मैदान में उतारती है, तो इससे साफ होता है कि मामले की गंभीरता को लेकर प्रशासन भी अब गंभीर हो चुका है। यह आम जनता के लिए भी एक संकेत है कि सही तरीके से उठाई गई आवाज को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं रहा।
विश्लेषण: महिला अधिकारियों को आगे करने की रणनीति पर सवाल
अगर गौर करें तो सरकार द्वारा पुरुष अधिकारियों की बजाय महिला IAS अधिकारियों को बातचीत के लिए भेजना एक सोची-समझी रणनीति नजर आती है। संवेदनशील और भावनात्मक रूप से उत्तेजित माहौल में अक्सर महिला अधिकारियों की मौजूदगी बातचीत को नरम बनाने में मददगार साबित होती है। हालांकि सवाल यह भी उठता है कि क्या सिर्फ अधिकारियों को बदलने से मूल मांगें – जैसे CBI जांच और इस्तीफे – पूरी हो पाएंगी, या यह सिर्फ समय खींचने की एक कोशिश है। आने वाले दिनों की बातचीत ही इसका असली जवाब देगी।
जानें पूरा मामला
मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को हत्या के बाद से एक्शन कमेटी CBI जांच और मुख्यमंत्री व डीजीपी के इस्तीफे की मांग कर रही है। हफ्ते भर की खींचतान के बाद पंजाब सरकार ने तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी बनाकर बातचीत का रास्ता खोला है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब सरकार ने एक्शन कमेटी से बातचीत के लिए तीन महिला IAS अधिकारी भेजीं
- कंवलप्रीत कौर बराड़, अपनीत रियात और नवजोत कौर शामिल हैं कमेटी में
- एक्शन कमेटी पहले पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने से कर चुकी है इनकार
- मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे की मांग अब भी बरकरार












