Mansa SHO Suspended की खबर ने इस वक्त पुलिस महकमे के भीतर भी हलचल मचा दी है। परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में हुई लापरवाही सामने आने के बाद मानसा के थाना सिटी-2 की महिला थानेदार बेअंत कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई झोटा के परिवार की उस शिकायत के बाद हुई, जिसमें पहले से ही पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए जा चुके थे।
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पिता की शिकायत ने खोली पुलिस की पोल
दरअसल, झोटा के पिता भीम सिंह ने पहले ही साफ कह दिया था कि उनके बेटे ने कई बार नशा तस्करों से जुड़ी जानकारी पुलिस को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। समझने वाली बात है कि अगर समय रहते इस जानकारी पर ध्यान दिया जाता, तो शायद यह हत्याकांड टाला जा सकता था।
यही वजह रही कि जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो प्रशासन को तुरंत एक्शन लेना पड़ा। बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने भी इस मामले में कसूरवार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की बात पहले ही कह दी थी।
SSP वैभव चौधरी ने दी कार्रवाई की जानकारी
मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि थाना सिटी-2 की महिला एसएचओ बेअंत कौर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है और जिले से बाहर उनका तबादला भी कर दिया गया है।
और बस यहीं खत्म नहीं हुई बात। एसएसपी ने यह भी साफ किया कि डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ भी कार्रवाई तय की जा रही है, लेकिन यह फैसला अब पुलिस मुख्यालय स्तर पर लिया जाएगा।
| कार्रवाई | अधिकारी | विवरण |
|---|---|---|
| सस्पेंशन | SHO बेअंत कौर | तत्काल प्रभाव से निलंबित, लाइन हाजिर |
| तबादला | SHO बेअंत कौर | जिले से बाहर स्थानांतरित |
| जांच सिफारिश | DSP हरजिंदर सिंह गिल | DGP ऑफिस को भेजी गई सिफारिश |
| निगरानी | DIG हरजीत सिंह | पूरे मामले की समीक्षा |
इस सस्पेंशन के पीछे की असली वजह क्या है
अगर गौर करें तो यह सस्पेंशन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि स्थानीय पुलिस ने शुरुआती शिकायतों को कितनी गंभीरता से लिया या नहीं लिया। इससे साफ होता है कि जब कोई नागरिक बार-बार नशा तस्करी की सूचना देता है, और पुलिस उस पर आंख मूंद लेती है, तो नतीजा कितना भयावह हो सकता है। चिंता का विषय यह भी है कि क्या यह लापरवाही सिर्फ एक थाने तक सीमित थी, या पूरे जिले में इसी तरह का रवैया अपनाया जा रहा था? आम जनता के लिए यह मामला भरोसे का सवाल बन गया है : जब शिकायत करने पर भी सुनवाई न हो, तो लोग किसके पास जाएं?

जानें पूरा मामला
परविंदर सिंह झोटा मानसा में नशे के खिलाफ मुखर आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता थे। उनकी हत्या से पहले उनके पिता भीम सिंह ने कई बार पुलिस को नशा तस्करों की जानकारी दी थी, लेकिन आरोप है कि इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हत्याकांड के बाद जब यह बात सामने आई, तो प्रशासन पर दबाव बढ़ गया और नतीजतन थाना सिटी-2 की एसएचओ बेअंत कौर को निलंबित कर दिया गया।
मुख्य बातें (Key Points)
- मानसा सिटी-2 थाने की महिला SHO बेअंत कौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
- झोटा के पिता भीम सिंह की शिकायत पर कार्रवाई न होने का आरोप सामने आया।
- DSP हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ भी DGP ऑफिस को जांच की सिफारिश भेजी गई।
- DIG हरजीत सिंह ने कसूरवार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात पहले ही कही थी।











