LPU Violence High Court Punjab Government Report: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ का मामला अब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। बुधवार को चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने पंजाब सरकार से स्थिति रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में यह बताया जाए कि सोशल मीडिया पोस्ट में जिस घटना का जिक्र था, वह वास्तव में हुई थी या नहीं।
बेंच ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट अब केवल परेशानी का साधन बन गई हैं।
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‘एक झूठी पोस्ट और 2,000 छात्रों की भीड़’
बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। एक अपुष्ट सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया था कि LPU कैंपस में एक कर्मचारी ने एक छात्रा के साथ दुराचार किया और यूनिवर्सिटी ने उसे घर भेज दिया। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि बाद में उस लड़की ने अपनी जान दे दी।
इसी पोस्ट और व्हाट्सएप संदेशों के आधार पर करीब 2,000 छात्र हॉस्टल GH-3 के बाहर इकट्ठा हो गए। रात करीब 2 बजे फगवाड़ा और जालंधर के बीच नेशनल हाईवे नंबर 44 जाम कर दिया गया।
‘हथियारों के साथ आए बाहरी लोग: पेटिशनर का दावा’
हैरान करने वाली बात यह है कि पेटिशनर छात्र रवि राज का दावा है कि ज्यादातर हिंसा करने वाले बाहरी लोग थे। वे तलवारों, राड, बंदूकों और दातरों से लैस होकर आए थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी के गेट तोड़े, CCTV कैमरे, कंप्यूटर और ATM तबाह किए। कई इमारतों में आग लगाई, दरवाजे-शीशे तोड़े और स्टाफ पर हमला किया। लूटपाट भी की गई।
‘पुलिस पर भी उठे सवाल’
चिंता का विषय यह भी है कि पेटिशनर के अनुसार पुलिस को रात 1 बजकर 45 मिनट पर ही भीड़ जमा होने की सूचना मिल गई थी। लेकिन घंटों तक हिंसा होती रही और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों ने पहले इसे अफवाह बताया। बाद में बिना किसी पुष्टि के अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 64 के तहत FIR दर्ज कर ली।
कोर्ट ने सरकार से सीधे पूछा: अगर कोई घटना नहीं हुई और झूठी खबर फैलाई गई, तो सरकार की जिम्मेदारी क्या थी?
‘LPU चांसलर और चुनावी राजनीति का कनेक्शन’
पेटिशन में एक और दिलचस्प बात सामने आई। LPU के चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल राज्यसभा सदस्य हैं जो अप्रैल 2026 में BJP में शामिल हुए थे। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पेटिशनर ने CBI जांच की मांग की है।
कोर्ट ने कहा कि चाहे घटना हुई हो या न हुई हो, पुलिस कमिश्नर के हस्ताक्षर से रिपोर्ट दाखिल की जाए। अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| पेटिशनर | छात्र रवि राज |
| मांग | CBI जांच |
| भीड़ | करीब 2,000 छात्र |
| समय | रात करीब 2 बजे |
| हाईवे | NH 44 (फगवाड़ा-जालंधर) |
| धारा | BNS धारा 64 |
| अगली सुनवाई | 8 अक्टूबर |
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने LPU हिंसा पर पंजाब सरकार से स्थिति रिपोर्ट मांगी।
- फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर 2,000 छात्र इकट्ठा हुए और NH-44 जाम किया।
- पेटिशनर का दावा: बाहरी लोग हथियारों के साथ आए, CCTV-ATM तबाह किए।
- पुलिस को 1:45 बजे सूचना मिलने के बावजूद घंटों हिंसा जारी रही।
- LPU चांसलर BJP सांसद हैं, पेटिशनर ने CBI जांच की मांग की।
- अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को।










