Heavy Rainfall Alert जारी करते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 14 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर स्थित न्यूनदबाव क्षेत्र के प्रभाव से आज सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा और गुजरात क्षेत्र में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
विशेष बात यह है कि मौसम विभाग ने 19 सितंबर के आसपास पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की जानकारी दी है।
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पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश हुई है।
भारी बारिश (7-11 सेमी) कोंकण, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और असम में रिकॉर्ड की गई है।
वर्तमान मौसम तंत्र की स्थिति
| मौसम तंत्र | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| मानसून ट्रफ | पश्चिमी छोर सामान्य से दक्षिण में, पूर्वी छोर सामान्य स्थिति पर |
| न्यूनदबाव क्षेत्र | दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर |
| चक्रवाती परिसंचरण | उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर |
देखा जाए तो कल का न्यूनदबाव क्षेत्र जो दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर था, वह आज सुबह 8:30 बजे तक दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उत्तरी गुजरात के ऊपर स्थित था। यह तंत्र गुजरात में भारी बारिश का मुख्य कारण है।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम की स्थिति
उत्तर-पश्चिम भारत में आज से 20 सितंबर तक अलग-अलग तीव्रता की बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बिखरी से व्यापक बारिश का अनुमान है।
अगर गौर करें तो हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16-17 सितंबर को व्यापक बारिश होने की संभावना है। गड़गड़ाहट और तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे तक) के साथ बारिश हो सकती है।
केंद्रीय भारत और पूर्वी भारत में मौसम पूर्वानुमान
केंद्रीय भारत में छत्तीसगढ़ और पश्चिम मध्य प्रदेश में आज व्यापक बारिश होने की संभावना है। विदर्भ में 14-15 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है।
पूर्वी भारत में अंडमान निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 20 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। बिहार में 16-17 सितंबर को व्यापक बारिश संभव है।
दक्षिण भारत और पश्चिम भारत के लिए विशेष चेतावनी
पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा में 14-16 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। समझने वाली बात यह है कि गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 14-15 सितंबर को व्यापक बारिश होगी, जो धीरे-धीरे कम होती जाएगी।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 20 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तेलंगाना में 14 सितंबर और 20 सितंबर को व्यापक बारिश संभव है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले विशेष सावधानी बरतनी होगी। अरब सागर में गुजरात तट के साथ-साथ 16 सितंबर तक उत्तर-पूर्वी अरब सागर में मछली पकड़ने की गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में 15 से 19 सितंबर तक और अंडमान सागर में 16 से 19 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली-NCR का 4 दिन का मौसम पूर्वानुमान
| तारीख | मौसम स्थिति | तापमान (°C) |
|---|---|---|
| 14 सितंबर | आंशिक बादल, हल्की बारिश संभव | अधिकतम: 33-35, न्यूनतम: 22-27 |
| 15 सितंबर | सामान्यत: बादल, हल्की बारिश | अधिकतम: 32-34, न्यूनतम: 23-25 |
| 16 सितंबर | आंशिक बादल | अधिकतम: 33-35, न्यूनतम: 23-25 |
| 17 सितंबर | आंशिक बादल | अधिकतम: 33-35, न्यूनतम: 22-24 |
किसानों के लिए विशेष सुझाव
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारी बारिश के कारण किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतनी होगी। गुजरात में गन्ना, कपास, धान, अरहर, अरंड, ज्वार, मक्का और मूंगफली के खेतों में अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए।
सौराष्ट्र और कच्छ में खरीफ फसलों में जलभराव से बचने के लिए पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। गीली परिस्थितियों में सिंचाई और उर्वरक डालने से बचना चाहिए।
मानसून वापसी के संकेत
दिलचस्प बात यह है कि मौसम विभाग ने 19 सितंबर के आसपास पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की जानकारी दी है। सामान्यतः मानसून की वापसी 1 अक्टूबर के आसपास शुरू होती है, लेकिन इस बार यह थोड़ी जल्दी हो सकती है।
फ्लैश फ्लड का खतरा
15 सितंबर की सुबह 11:30 तक सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में कम से मध्यम श्रेणी के फ्लैश फ्लड का खतरा है। कच्छ, मोरबी, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ और राजकोट जिलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
• सौराष्ट्र-कच्छ में आज अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, गुजरात में बहुत भारी बारिश संभव
• 19 सितंबर के आसपास पश्चिम राजस्थान से मानसून वापसी के अनुकूल हालात
• मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी
• किसानों को खेतों में जल निकासी व्यवस्था करने और गीले मौसम में कृषि कार्य न करने की सलाह
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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