Enforcement Directorate (ED) ने पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को भेजे गए समन की तारीख में बदलाव किया है। पहले उन्हें सोमवार को पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन अब उनकी पेशी दो दिन आगे बढ़ाकर 9 सितंबर कर दी गई है। देखा जाए तो यह मामला मोहाली के सनटेक सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।
ED ने अपने स्तर पर यह बदलाव किया है और इस संबंध में IAS अधिकारी अनुराग वर्मा को ईमेल के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। समझने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब वर्मा को तलब किया गया है। इससे पहले उन्हें 31 अगस्त को भी बुलाया गया था, लेकिन उस समय उन्होंने पेशी आगे बढ़ाने की अर्जी दी थी।
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सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में क्या है मामला
अगर गौर करें तो यह पूरा मामला मोहाली के सनटेक सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट में मंजूर किए गए CLU (Change of Land Use) और लेआउट में किए गए संशोधनों से जुड़ा है। ED की जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या इन मंजूरियों में कोई अनियमितता हुई थी या किसी बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
दिलचस्प बात यह है कि अनुराग वर्मा से पहले एक और वरिष्ठ IAS अधिकारी कन्वलप्रीत बरार से भी दो बार पूछताछ की जा चुकी है। उन्हें 18 और 27 अगस्त को समन भेजकर बुलाया गया था। यह दर्शाता है कि ED इस मामले में गहराई से जांच कर रही है और उच्च स्तर के अधिकारियों से सवाल-जवाब कर रही है।
CLU और लेआउट बदलाव की जांच
ED विशेष रूप से इस बात की जांच कर रही है कि सनटेक सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट में जमीन के उपयोग में बदलाव (CLU) की मंजूरी किस आधार पर दी गई। साथ ही प्रोजेक्ट के लेआउट में जो संशोधन किए गए, वे नियमों के अनुसार थे या नहीं, यह भी जांच का हिस्सा है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ऐसे मामलों में अक्सर यह देखा जाता है कि क्या किसी अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करके किसी बिल्डर या डेवलपर को फायदा पहुंचाया। ED की टीम इन सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
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अधिकारियों का पक्ष
दूसरी ओर, संबंधित अधिकारी लगातार अपना पक्ष रख रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी तरह के नियमों की उल्लंघना नहीं की है। अधिकारियों ने साफ किया है कि न तो उन्होंने किसी बिल्डर को कोई नाजायज लाभ पहुंचाया है और न ही किसी तरह का पक्षपात किया है।
समझने वाली बात है कि ये अधिकारी अपनी बात ED के समक्ष रखने के लिए तैयार हैं। उनका मानना है कि सभी मंजूरियां नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से दी गई थीं।
पूछताछ का दायरा
सूत्रों के अनुसार ED की पूछताछ में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं:
- सनटेक सिटी प्रोजेक्ट को CLU की मंजूरी कैसे मिली
- लेआउट में किए गए बदलाव किस आधार पर स्वीकृत हुए
- क्या सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया
- किन अधिकारियों ने इन फाइलों पर दस्तखत किए
- क्या कोई वित्तीय अनियमितता हुई
आगे क्या होगा
अब जब अनुराग वर्मा 9 सितंबर को ED के समक्ष पेश होंगे, तो उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। यह देखा जाना बाकी है कि इस जांच में और क्या खुलासे होते हैं। अगर ED को कोई ठोस सबूत मिलते हैं तो मामला और आगे बढ़ सकता है।
देखा जाए तो यह मामला पंजाब में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में होने वाली अनियमितताओं की जांच का एक हिस्सा है। ED ऐसे कई मामलों में सक्रिय है जहां भूमि उपयोग और लेआउट मंजूरियों में कथित गड़बड़ियां हुई हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा की ED पेशी 9 सितंबर तक टली
- सनटेक सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट में CLU और लेआउट बदलाव के मामले में जांच
- IAS अधिकारी कन्वलप्रीत बरार से पहले ही दो बार पूछताछ हो चुकी
- संबंधित अधिकारी कह रहे हैं कि कोई नियम उल्लंघन नहीं हुआ
- ED मोहाली के इस हाउसिंग प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है









