Senior Citizens Welfare को लेकर पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने पंजाब भर में State Action Plan for Senior Citizens (SAP) 2026-27 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उच्च स्तरीय हितधारक बैठक की अध्यक्षता की।
देखा जाए तो यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि बुजुर्गों के प्रति समाज की जिम्मेदारी को स्वीकारने का एक बड़ा कदम है। इस योजना के लिए ₹598.75 लाख की वित्तीय व्यवस्था की गई है, जिसका उपयोग बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने में किया जाएगा।
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1 अक्टूबर: ‘साडे बुजुर्ग साडा मान’ अभियान
डॉ. बलजीत कौर ने घोषणा की कि 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर श्री मुक्तसर साहिब से राज्य स्तरीय ‘साडे बुजुर्ग साडा मान’ अभियान की शुरुआत की जाएगी।
यह अभियान सिर्फ एक औपचारिकता नहीं है। इसका उद्देश्य समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, आदर और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करना है। दिलचस्प बात यह है कि पंजाबी संस्कृति में पहले से ही बुजुर्गों का सम्मान है, लेकिन आधुनिक युग में जब संयुक्त परिवार टूट रहे हैं, तो यह अभियान बहुत जरूरी है।
अभियान के तहत बुजुर्गों के अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जागरूकता फैलाई जाएगी। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय समुदायों को बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान के लिए सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया जाएगा।
₹598.75 लाख का बजट: कहां खर्च होगा?
यह राशि निम्नलिखित मदों में खर्च की जाएगी:
- नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर: गांव-गांव, मोहल्ले-मोहल्ले में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे जहां बुजुर्गों की मुफ्त जांच होगी।
- आंखों की जांच और मोतियाबिंद सर्जरी: बुजुर्गों में मोतियाबिंद एक आम समस्या है। जरूरतमंदों की मुफ्त सर्जरी की जाएगी।
- जेरिएट्रिक स्वास्थ्य सेवाएं: विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए डॉक्टर, नर्स और सुविधाएं।
- जेरिएट्रिक केयरगिवर्स का प्रशिक्षण: Punjab Skill Development Mission (PSDM) के सहयोग से बुजुर्गों की देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- डिजिटल और वित्तीय साक्षरता: बुजुर्गों को मोबाइल, इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट आदि सिखाया जाएगा ताकि वे आधुनिक दुनिया से जुड़े रहें।
- सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा: योग, व्यायाम, सांस्कृतिक कार्यक्रम जो बुजुर्गों को सक्रिय रखें।
- जागरूकता अभियान: मीडिया के जरिए बुजुर्गों के अधिकारों और योजनाओं की जानकारी।
- पीढ़ियों के बीच संवाद: युवा और बुजुर्गों को एक साथ लाने वाले कार्यक्रम।
समझने वाली बात यह है कि यह केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि समग्र कल्याण (holistic welfare) की योजना है।
डॉ. बलजीत कौर का संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा, “जिन हाथों ने परिवारों का पालन-पोषण किया और समाज की नींव को मजबूत किया, वे अपने जीवन के इस पड़ाव पर प्यार, सम्मान, सुरक्षा और देखभाल के पूरे हकदार हैं। बुजुर्गों की सेवा केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
यह एक भावनात्मक लेकिन सच्ची बात है। बुजुर्गों ने अपनी पूरी जिंदगी परिवार और समाज के लिए समर्पित कर दी। अब जब वे कमजोर हो गए हैं, तो उनकी देखभाल हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय संस्कृति में हमेशा से बुजुर्गों का सम्मान रहा है। लेकिन आधुनिक समय में परमाणु परिवार (nuclear families) बढ़ रहे हैं, बच्चे नौकरी के लिए दूर जा रहे हैं, और बुजुर्ग अकेले रह जाते हैं। ऐसे में सरकारी योजनाएं बहुत महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
जेरिएट्रिक केयर: विशेष देखभाल की जरूरत
Geriatric Care का मतलब है बुजुर्गों की विशेष चिकित्सा और देखभाल। बुजुर्गों की स्वास्थ्य जरूरतें अलग होती हैं:
- पुरानी बीमारियां: डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, गठिया
- गतिशीलता की समस्या: चलने-फिरने में दिक्कत
- मानसिक स्वास्थ्य: अवसाद, अकेलापन, कभी-कभी डिमेंशिया
- दवाओं का प्रबंधन: कई दवाएं एक साथ लेनी पड़ती हैं
डॉ. बलजीत कौर ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं और समय पर जांच, उपचार, आंखों की देखभाल तथा आवश्यकता के अनुसार रेफरल सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।
मोतियाबिंद सर्जरी: बड़ी राहत
मोतियाबिंद (cataract) बुजुर्गों में सबसे आम समस्या है। 60 साल की उम्र के बाद लगभग 60-70% लोगों को किसी न किसी स्तर का मोतियाबिंद हो जाता है। अगर इलाज न हो, तो अंधापन भी हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि मोतियाबिंद की सर्जरी बेहद सफल है। 15-20 मिनट की सर्जरी से आंखों की रोशनी वापस आ जाती है। लेकिन कई बुजुर्ग गरीबी के कारण यह सर्जरी नहीं करवा पाते।
सरकार की यह योजना जरूरतमंद बुजुर्गों की मुफ्त सर्जरी करवाएगी। यह उनके जीवन की गुणवत्ता में भारी सुधार लाएगी।
केयरगिवर्स का प्रशिक्षण: एक जरूरी कदम
बुजुर्गों की देखभाल करना (caregiving) एक विशेष कौशल है। इसमें सिर्फ दवा देना ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहारा देना, उन्हें समझना, धैर्य रखना भी शामिल है।
Punjab Skill Development Mission के सहयोग से जेरिएट्रिक केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह दो तरह से फायदेमंद है:
- रोजगार सृजन: युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार का अवसर
- बेहतर देखभाल: बुजुर्गों को प्रशिक्षित लोगों की सेवा मिलेगी
दिलचस्प बात यह है कि विदेशों में elderly care एक बड़ा उद्योग है। भारत में भी यह बढ़ रहा है। प्रशिक्षित केयरगिवर्स की मांग बढ़ रही है।
डिजिटल साक्षरता: बुजुर्गों को जोड़ना
आजकल बैंकिंग, बिल भुगतान, सरकारी सेवाएं सब डिजिटल हो गई हैं। बुजुर्ग जो मोबाइल या इंटरनेट नहीं जानते, वे पीछे रह जाते हैं। कई बार उन्हें धोखाधड़ी का शिकार भी होना पड़ता है।
योजना में डिजिटल और वित्तीय साक्षरता शामिल है। बुजुर्गों को सिखाया जाएगा:
- मोबाइल का बुनियादी उपयोग
- UPI से पेमेंट
- ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव
- सरकारी ऐप्स का उपयोग
यह उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा और समाज की मुख्यधारा से जुड़े रखेगा।
पीढ़ियों के बीच संवाद
योजना में एक दिलचस्प पहलू है – युवा और बुजुर्गों के बीच संवाद बढ़ाने वाले कार्यक्रम। आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में युवा और बुजुर्ग अलग-अलग दुनिया में रह रहे हैं।
ऐसे कार्यक्रम जहां युवा बुजुर्गों से उनके अनुभव सुन सकें, उनकी कहानियां जान सकें, बहुत फायदेमंद होते हैं। बुजुर्गों को भी लगता है कि वे अभी भी जरूरी हैं, उनके अनुभवों की कीमत है।
स्कूलों और कॉलेजों में ऐसे प्रोग्राम हो सकते हैं जहां छात्र बुजुर्गों से मिलें, उनकी मदद करें, उनसे सीखें।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का विजन
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा, भावनात्मक सहारा और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए पूरी तनदेही से काम कर रही है।
यह एक राजनीतिक बयान भी है। AAP सरकार खुद को जन-कल्याणकारी सरकार के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। बुजुर्ग एक बड़ा वोट बैंक भी हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह योजना सिर्फ कागजों पर है या वास्तव में जमीन पर लागू होगी? ₹598.75 लाख की राशि बड़ी लगती है, लेकिन अगर पूरे पंजाब में बुजुर्गों की संख्या देखें (लगभग 30-35 लाख), तो प्रति व्यक्ति यह बहुत कम है।
मुख्य बातें (Key Points):
• ₹598.75 लाख की State Action Plan को मंजूरी, बुजुर्गों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए
• 1 अक्टूबर से श्री मुक्तसर साहिब से ‘साडे बुजुर्ग साडा मान’ अभियान शुरू होगा
• मुफ्त स्वास्थ्य जांच, मोतियाबिंद सर्जरी, जेरिएट्रिक केयरगिवर्स का प्रशिक्षण शामिल
• डिजिटल-वित्तीय साक्षरता, पीढ़ियों के बीच संवाद और सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा











