Punjabi Social Media Influencer Manjeet Kaur Death: खरड़ की रहने वाली 28 साल की Manjeet Kaur की 26 अगस्त को PGI Chandigarh में इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब दो महीने पहले उन्हें अगवा कर पीटा गया था और फिर मोरिंडा में एक पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया गया था। देखा जाए तो यह मामला सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे छिपे अंधेरे की कहानी बयां करता है।
मनजीत कौर के इंस्टाग्राम पर लगभग 1.46 लाख फॉलोअर्स थे और यूट्यूब पर करीब 4,000 सब्सक्राइबर्स। वह अपने पीछे 7 साल का एक बच्चा छोड़ गई हैं। एक सफल डिजिटल क्रिएटर के तौर पर पहचानी जाने वाली मनजीत की ज़िंदगी इतनी दर्दनाक तरीके से खत्म होगी, किसी ने सोचा भी नहीं था।
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कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मृतका की मां कांता देवी द्वारा दर्ज शिकायत के मुताबिक, यह घटना 3 जुलाई की रात को हुई थी। उन्होंने बताया कि दो जानकारों शुभी और पिंडा ने मनजीत को सेक्टर 34, चंडीगढ़ स्थित एक ठेके के पास बुलाया था। दोनों ने उन्हें जबरदस्ती गाड़ी में बिठाया और मोरिंडा ले गए।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि वहां पहुंचकर उनकी बुरी तरह पिटाई की गई। इसके बाद उन्हें तूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। दिलचस्प बात यह है कि एक दोस्त ने मौके पर पहुंचकर कंबल की मदद से आग बुझाई, जिससे मनजीत की जान तो बच गई लेकिन वह गंभीर रूप से झुलस गई थीं।
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अस्पताल से अस्पताल तक का सफर
मनजीत को सबसे पहले मोरिंडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मोहाली के मैक्स हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। बाद में 9 जुलाई को उन्हें PGI Chandigarh में दाखिल करवाया गया, जहां करीब डेढ़ महीने तक वह जिंदगी और मौत के बीच जूझती रहीं।
समझने वाली बात यह है कि इतने गंभीर बर्न इंजरीज़ के बावजूद वह कुछ समय के लिए होश में आई थीं। परिवार का कहना है कि 5 अगस्त को जब उन्हें होश आया तो वह पुलिस को बयान देना चाहती थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
परिवार के गंभीर आरोप और पुलिस की सफाई
परिवार का आरोप है कि खरड़ सदर पुलिस की लापरवाही के कारण मनजीत के बयान दर्ज नहीं किए गए। यह एक चिंता का विषय है कि जब पीड़िता खुद अपनी कहानी बताना चाह रही थी, तब भी पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की।
दूसरी ओर, खरड़ के DSP ईशान सिंगला ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घटना वाली जगह चंडीगढ़ पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आती थी। उनके अनुसार, खरड़ पुलिस ने परिवार की पूरी मदद करते हुए चंडीगढ़ में केस दर्ज कराने में सहयोग किया।
कानूनी कार्रवाई और जांच की स्थिति
Chandigarh SSP Kanwardeep Kaur ने बताया कि मृतका की मां की शिकायत पर सेक्टर 34 थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(1) – अगवा, 103(1) – कत्ल और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
अगर गौर करें तो DSP (दक्षिणी) गुरजीत कौर के अनुसार, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है और CCTV फुटेज की जांच भी जारी है। यह देखना होगा कि कब तक आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है।
सोशल मीडिया फेम के पीछे का अंधेरा
देखा जाए तो मनजीत कौर की कहानी सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं है। यह उन हजारों युवा क्रिएटर्स के लिए एक चेतावनी है जो सोशल मीडिया पर फेम की दौड़ में लगे हैं। उनकी मौत यह सवाल उठाती है कि क्या हम अपने डिजिटल दोस्तों को सच में जानते हैं?
राहत की बात यह है कि पुलिस जांच में तेजी ला रही है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या समय पर बयान लेने से इस घटना को रोका जा सकता था? परिवार के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पीड़ित परिवार की स्थिति
हैरान करने वाली बात यह है कि मनजीत के 7 साल के बेटे का भविष्य अब अंधकार में है। एक मां जो अपने बच्चे के लिए सोशल मीडिया पर मेहनत कर रही थी, आज वह नहीं है। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और उम्मीद कर रहा है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।
इस मामले में अब सभी की नजरें चंडीगढ़ पुलिस की जांच पर टिकी हैं। यह देखना होगा कि क्या पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पाती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाता है।
मुख्य बातें (Key Points):
• खरड़ की रहने वाली 28 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Manjeet Kaur की PGI में मौत
• 3 जुलाई को मोरिंडा में रुख से बांधकर जिंदा जलाने का आरोप
• इंस्टाग्राम पर 1.46 लाख फॉलोअर्स, 7 साल के बच्चे को छोड़ गईं
• BNS की धारा 140(1), 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज
• परिवार का आरोप: पुलिस ने समय पर बयान नहीं लिए













