IMD Weather Alert Heavy Rainfall को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बड़ी चेतावनी जारी की है। झारखंड और आसपास के इलाकों में बने Low-Pressure Area के प्रभाव में आज 25 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।
देखा जाए तो पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के अजमगढ़ में 18 सेंटीमीटर, झारखंड के पलामू में 19 सेंटीमीटर और मेघालय के मावक्रिवात में 18 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी और आया नगर में भी 10-10 सेंटीमीटर बारिश हुई है। समझने वाली बात है कि अगले 3 दिनों तक बिहार और उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है।
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Low Pressure Area की मौजूदा स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार, कल गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड तथा उत्तरी ओडिशा के आसपास के इलाकों में बना Low-Pressure Area आज 25 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक झारखंड और आसपास के इलाकों में स्थित था। यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान लगभग पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि:
- मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा: सामान्य स्थिति से उत्तर में
- पूर्वी सिरा: लगभग सामान्य स्थिति के पास
- पूर्वोत्तर असम के ऊपर: निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में एक अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन
और बस यहीं से शुरू होती है भारी बारिश की कहानी जो कई राज्यों को प्रभावित करेगी।
किन राज्यों में कितनी बारिश का अनुमान?
| राज्य/क्षेत्र | 25 अगस्त | 26-27 अगस्त | विशेष चेतावनी |
|---|---|---|---|
| पूर्वी उत्तर प्रदेश | अति भारी बारिश | भारी बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | अति भारी बारिश | भारी (26-29 अगस्त) | ऑरेंज अलर्ट |
| छत्तीसगढ़ | अति भारी बारिश | भारी (26-29 अगस्त) | ऑरेंज अलर्ट |
| पश्चिम मध्य प्रदेश | भारी बारिश | भारी (26-27 अगस्त) | येलो अलर्ट |
| बिहार | भारी बारिश | अगले 3 दिन | येलो अलर्ट |
| विदर्भ | भारी बारिश | – | येलो अलर्ट |
इससे साफ होता है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सबसे गंभीर स्थिति है।
पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
अति भारी बारिश (12-20 सेमी):
- झारखंड: पलामू 19 सेमी
- पूर्वी UP: अजमगढ़ सदर 18 सेमी
- मेघालय: मावक्रिवात 18 सेमी
- छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा 17 सेमी
- ओडिशा: बरकोट 16 सेमी
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: भगमंडला (कोडागू) 15 सेमी
- केरल: अय्यनकुन्नु AWS (कन्नूर) 12 सेमी
भारी बारिश (7-11 सेमी):
- दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी, आया नगर 10-10 सेमी
- पूर्वी राजस्थान: उनियारा/अलीगढ़ 11 सेमी
- पश्चिम MP: देवास 11 सेमी
- पूर्वी MP: ओरछा (निवाड़ी) 11 सेमी
- तमिलनाडु: चिन्नाकलार (कोयंबटूर) 10 सेमी
दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली में भी भारी बारिश हुई है, जो सामान्य नहीं है।
उत्तर भारत में बारिश का पूर्वानुमान
उत्तराखंड:
- 25-31 अगस्त तक व्यापक बारिश
- 25-26 अगस्त और 30-31 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- गरज-चमक के साथ बारिश
पूर्वी उत्तर प्रदेश:
- 25-27 अगस्त तक व्यापक बारिश
- 26-27 अगस्त को भारी बारिश
- 25 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश
पश्चिम उत्तर प्रदेश:
- 25-26 अगस्त को भारी बारिश
- बाद में हल्की बारिश
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर:
- छिटपुट से बिखरी हुई बारिश
समझने वाली बात है कि उत्तर प्रदेश का पूर्वी हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
मध्य भारत में बारिश का अनुमान
पूर्वी मध्य प्रदेश:
- 25-29 अगस्त तक व्यापक बारिश
- 26-29 अगस्त को भारी बारिश
- 25 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश
- गरज-चमक के साथ
पश्चिम मध्य प्रदेश:
- 25-26 अगस्त तक व्यापक बारिश
- 25-27 अगस्त को भारी बारिश
- बाद में हल्की बारिश
छत्तीसगढ़:
- 25-31 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश
- 26-29 अगस्त को भारी बारिश
- 25 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश
- गरज-चमक के साथ
विदर्भ:
- 25-28 अगस्त तक व्यापक बारिश
- 25 अगस्त को भारी बारिश
अगर गौर करें तो छत्तीसगढ़ में लगभग पूरे सप्ताह बारिश जारी रहने की संभावना है।
पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, बंगाल
झारखंड:
- 25-29 अगस्त तक भारी बारिश
- गरज-चमक और तेज हवाओं (30-40 kmph, 50 kmph तक झोंके) के साथ
बिहार:
- अगले 3 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश
- 25-27 अगस्त को भारी बारिश
- गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ
गंगीय पश्चिम बंगाल:
- 28-30 अगस्त को भारी बारिश
- व्यापक बारिश जारी रहेगी
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम:
- 25-28 अगस्त को भारी बारिश
ओडिशा:
- 25, 27 और 31 अगस्त को भारी बारिश
- 28-30 अगस्त को अति भारी बारिश की संभावना
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ओडिशा में 28-30 अगस्त को स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश
असम और मेघालय:
- 25-31 अगस्त तक भारी से अति भारी बारिश
- गरज-चमक के साथ
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा:
- 25, 27-28 और 31 अगस्त को भारी बारिश
- 29-30 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश
अरुणाचल प्रदेश:
- 25-31 अगस्त तक भारी बारिश
दिलचस्प बात यह है कि पूर्वोत्तर में पूरे सप्ताह मॉनसून सक्रिय रहेगा।
दक्षिण भारत: कम बारिश की संभावना
प्रायद्वीपीय भारत में कम बारिश:
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले एक सप्ताह तक प्रायद्वीपीय भारत (दक्षिण राज्यों) में बारिश की गतिविधि कम रहने की संभावना है।
केरल:
- 25 अगस्त को अति भारी बारिश की संभावना
- 25-26 अगस्त को भारी बारिश
- बाद में कम बारिश
तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक:
- 25 अगस्त को भारी बारिश
- बाद में छिटपुट बारिश
तमिलनाडु:
- 25 अगस्त को भारी बारिश
- गरज-चमक और तेज हवाओं (40-50 kmph, 60 kmph तक झोंके) के साथ
सवाल उठता है – दक्षिण में कम बारिश का क्या असर होगा? जलाशयों के स्तर और कृषि पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
दिल्ी-NCR के लिए मौसम पूर्वानुमान (25-28 अगस्त)
25 अगस्त 2026:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- शाम से रात तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश
- अधिकतम तापमान: 32-34°C
- हवा: दक्षिण-पूर्व दिशा से 18 kmph तक
26 अगस्त:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- सुबह से दोपहर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना
- अधिकतम: 32-34°C, न्यूनतम: 25-27°C
27 अगस्त:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- दोपहर में हल्की बारिश की संभावना
- अधिकतम: 34-36°C, न्यूनतम: 25-27°C
28 अगस्त:
- आंशिक रूप से बादल
- अधिकतम: 35-37°C (सामान्य से अधिक)
- न्यूनतम: 25-27°C
मछुआरों के लिए चेतावनी
अरब सागर:
- सोमालिया, ओमान तटों के साथ 30 अगस्त तक समुद्र उफान पर
- कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप क्षेत्र में 27 अगस्त तक
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
बंगाल की खाड़ी:
- मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र में 30 अगस्त तक
- अंडमान सागर में 30 अगस्त तक
- उत्तरी आंध्र प्रदेश तट 25 अगस्त को
समझने वाली बात है कि समुद्री मौसम भी खराब रहने वाला है।
भारी बारिश से संभावित प्रभाव
मौसम विभाग ने निम्नलिखित प्रभावों की चेतावनी दी है:
संभावित नुकसान:
- पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं
- केला, पपीता जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं
- तेज हवा और बारिश से बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
- कच्चे मकान/दीवारों को आंशिक क्षति
- छोटे जहाज, ट्रॉलर और नावें प्रभावित
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित
- निचले इलाकों में जलजमाव और बाढ़
- हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित
क्या करें, क्या न करें?
सुरक्षा सुझाव:
- मौसम पर नजर रखें और बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली गिर सकती है
- बिजली की आशंका होने पर तुरंत बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अनप्लग करें
- पानी के स्रोतों से दूर रहें
- पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को नियंत्रित करें
कृषि संबंधी सलाह (Agromet Advisory)
मध्य प्रदेश:
मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कपास, सब्जी, दलहन और तिलहन के खेतों में प्रभावी जल निकासी बनाए रखें। उर्वरक और अंतर-सांस्कृतिक कार्यों को तब तक स्थगित करें जब तक मिट्टी काम करने योग्य न हो जाए।
छत्तीसगढ़:
धान, मक्का, मूंगफली, लघु बाजरा, दलहन और सब्जी के खेतों में निरंतर और प्रभावी जल निकासी सुनिश्चित करें। निचले इलाकों में जल जमाव रोकें।
उत्तर प्रदेश:
अरहर, मक्का, मूंगफली, तिल, धान, सब्जी और अन्य खड़ी फसलों से अतिरिक्त वर्षा जल निकालने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
बिहार और झारखंड:
फसल के खेतों से अतिरिक्त वर्षा जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। उर्वरक और कीटनाशकों के उपयोग को स्थगित करें।
फ्लैश फ्लड रिस्क (26 अगस्त तक)
कम से मध्यम फ्लैश फ्लड रिस्क:
पूर्वी मध्य प्रदेश: रीवा, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना जिले
पश्चिम मध्य प्रदेश: भिंड और दतिया जिले
पूर्वी उत्तर प्रदेश: मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, बांदा, रायबरेली, अमेठी, कानपुर शहर, कानपुर देहात और उन्नाव जिले
पश्चिम उत्तर प्रदेश: महोबा, झांसी, हमीरपुर, जालौन, औरैया, इटावा और मैनपुरी जिले
मुख्य बातें (Key Points)
- झारखंड के ऊपर Low-Pressure Area के कारण पूर्वी UP, पूर्वी MP और छत्तीसगढ़ में 25 अगस्त को अति भारी बारिश
- बिहार और उत्तर प्रदेश में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना
- प्रायद्वीपीय भारत (दक्षिण राज्यों) में अगले एक सप्ताह तक कम बारिश की गतिविधि
- पिछले 24 घंटों में झारखंड के पलामू में 19 सेमी, पूर्वी UP के अजमगढ़ में 18 सेमी बारिश दर्ज












