IMD Heavy Rainfall Alert India August 2026: भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने 18 अगस्त 2026 को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। झारखंड और दक्षिणपूर्वी उत्तर प्रदेश में आज और कल (18-19 अगस्त) अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall – 204 मिमी से अधिक) होने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 18 अगस्त को बेहद भारी बारिश हो सकती है।
देखा जाए तो यह एक बेहद गंभीर स्थिति है जो पिछले कुछ दिनों से बंगाल की खाड़ी में बने Depression (न्यून दाब) के कारण पैदा हुई है। यह Depression अब झारखंड और उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटों में यह और कमजोर होकर एक Well-Marked Low Pressure Area में बदल जाएगा।
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पिछले 24 घंटों में कहां-कहां हुई भारी बारिश
IMD के मुताबिक 17 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 18 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक (पिछले 24 घंटों में):
अत्यधिक भारी बारिश (≥21 सेमी):
- उत्तराखंड: नरेंद्र नगर – 27 सेमी
- ओडिशा: बहालदा – 27 सेमी
- गंगीय पश्चिम बंगाल: बर्नपुर – 22 सेमी
बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी):
- उत्तर प्रदेश: मेजा (प्रयागराज) – 19 सेमी, धामपुर (बिजनौर) – 16 सेमी
- छत्तीसगढ़: कोरबा – 18 सेमी
- झारखंड: जामताड़ा – 15 सेमी
- असम: कोकराझार – 14 सेमी
- मेघालय: माउकिरवाट – 14 सेमी
- बिहार: गया – 12 सेमी
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मानसून का फुर्र अभी बेहद सक्रिय है और अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहेगी।
किन राज्यों में कितनी बारिश होगी?
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh):
- दक्षिणपूर्वी UP में 18 और 19 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall)
- पूर्वी UP में 18-19 अगस्त को बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall)
- पश्चिमी UP में 19-20 अगस्त को बहुत भारी बारिश
अगर गौर करें तो UP में यह बारिश प्लेसमेंट सीजन के दौरान आ रही है, जिससे छात्रों और नौकरी तलाशने वालों को दिक्कत हो सकती है। साथ ही खड़ी फसलों को भी नुकसान की आशंका है।
झारखंड (Jharkhand):
- 18 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश
- तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा, झोंके 60 किमी/घंटा तक)
- 18-19 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh):
- उत्तर-पूर्वी MP में 18 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश
- पूर्वी MP में 18-20 अगस्त को बहुत भारी बारिश
- आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना
ओडिशा (Odisha):
- 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश
- 22-24 अगस्त को फिर से भारी बारिश
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh):
- 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश
- आंधी-तूफान की संभावना
बिहार (Bihar):
- 18-19 अगस्त और 21-23 अगस्त को भारी बारिश
- तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा)
समझने वाली बात यह है कि यह बारिश सिर्फ एक-दो दिन की नहीं है – कई राज्यों में अगले 5-6 दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
उत्तराखंड और हिमाचल में भी अलर्ट
उत्तराखंड: 20-24 अगस्त तक भारी बारिश, 18-19 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना
हिमाचल प्रदेश: 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश, 19-21 अगस्त तक भारी बारिश जारी
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का मतलब है:
- भूस्खलन (Landslides) का खतरा
- सड़कें बंद होने की आशंका
- तीर्थयात्रियों को दिक्कत
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगस्त में चारधाम यात्रा चल रही होती है। भारी बारिश से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा सकता है।
दिल्ली-NCR में क्या होगा मौसम?
18 अगस्त:
- आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे
- दोपहर से शाम तक हल्की बारिश की संभावना
- अधिकतम तापमान: 34-36°C
19 अगस्त:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- सुबह से दोपहर तक कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश
- शाम को फिर से बारिश हो सकती है
- अधिकतम तापमान: 32-34°C
- न्यूनतम तापमान: 26-28°C
20-21 अगस्त:
- हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी
- तापमान सामान्य रहने की उम्मीद
दिल्लीवासियों के लिए राहत की बात यह है कि गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक की समस्या हो सकती है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
IMD ने मछुआरों को सख्त चेतावनी दी है:
- उत्तरी बंगाल की खाड़ी में 19 अगस्त की सुबह तक न जाएं
- पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट पर न जाएं
- ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर न जाएं
समुद्र की स्थिति:
- बहुत उफनता हुआ समुद्र (Very Rough to Rough)
- हवा की गति: 40-50 किमी/घंटा, झोंके 60 किमी/घंटा तक
समझने वाली बात है कि मछुआरे अक्सर मौसम चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इस बार स्थिति बेहद गंभीर है।
कृषि पर प्रभाव और सलाह
IMD ने किसानों को विस्तृत सलाह दी है:
ओडिशा:
- धान, मक्का, दलहन के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
- सब्जियों, केले, पपीते के पौधों को सहारा दें
- जलभराव वाले क्षेत्रों में धान की रोपाई स्थगित करें
पश्चिम बंगाल:
- आमन धान, जूट, सब्जियों के खेतों से पानी निकालें
- निचले इलाकों से जल्दी पानी निकालें
- बारिश के दौरान खाद और कीटनाशक न डालें
- परिपक्व जूट, चाय की पत्तियां जहां संभव हो, काट लें
झारखंड:
- मक्का, अरहर और अन्य खड़ी फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- अरहर की बुवाई उपयुक्त स्थिति तक स्थगित करें
- गीली स्थिति में खाद और पौध संरक्षण कार्य न करें
उत्तर प्रदेश:
- धान, अरहर, दलहन, तिलहन और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
- निचले इलाकों पर विशेष ध्यान दें
छत्तीसगढ़:
- धान, मक्का, मूंगफली की खेतों में जल निकासी बनाए रखें
- बेल वाली सब्जियों (करेला, लौकी आदि) को सहारा दें
- निचले इलाकों में धान की रोपाई स्थगित करें
दिलचस्प बात यह है कि IMD ने सिर्फ मौसम चेतावनी नहीं दी, बल्कि हर राज्य के लिए विस्तृत कृषि सलाह भी दी है। यह दर्शाता है कि सरकार किसानों की फसलों को बचाने के लिए गंभीर है।
Orange और Red Alert क्या होता है?
IMD चार रंगों की चेतावनी देता है:
| रंग | मतलब | कार्रवाई |
|---|---|---|
| हरा (Green) | कोई चेतावनी नहीं | सामान्य गतिविधियां |
| पीला (Yellow) | सतर्क रहें | मौसम पर नजर रखें |
| नारंगी (Orange) | तैयार रहें | कार्रवाई के लिए तैयार रहें |
| लाल (Red) | कार्रवाई करें | तुरंत सुरक्षा उपाय करें |
इस बार कई जिलों में Orange और Red Alert जारी किया गया है, जिसका मतलब है स्थिति बेहद गंभीर है।
संभावित प्रभाव
IMD ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से:
- पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं, छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं (केला, पपीता, ड्रमस्टिक)
- कच्चे मकानों/दीवारों को नुकसान हो सकता है
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है
- भूस्खलन, मिट्टी खिसकना, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़
- दृश्यता कम होना
- हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं
वहीं, बिजली गिरने से जान-माल की हानि का खतरा भी है। IMD ने सलाह दी है:
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तुरंत अनप्लग करें
- पानी के शरीर से बाहर निकलें
- बिजली ले जाने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें
पर्यटन और ऑफशोर गतिविधियां
IMD ने कहा है कि:
- पर्यटन और मनोरंजन गतिविधियों को नियंत्रित किया जाए
- तटवर्ती (Onshore) और अपतटीय (Offshore) गतिविधियों को विवेकपूर्ण तरीके से नियंत्रित किया जाए
- हेलीकॉप्टर सेवाओं को नियंत्रित किया जाए
यह सलाह खासकर उन लोगों के लिए है जो अगस्त में हिल स्टेशन या समुद्री तटों पर घूमने जाते हैं।
क्यों हो रही है इतनी बारिश?
मौसम विज्ञान की दृष्टि से:
- मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) अपनी सामान्य स्थिति के पास है
- बंगाल की खाड़ी में बना Depression अब झारखंड के ऊपर है
- उत्तर हरियाणा, पूर्वी UP और पंजाब में Cyclonic Circulation (चक्रवाती परिसंचरण)
ये सभी प्रणालियां मिलकर भारी बारिश का कारण बन रही हैं। अगर गौर करें तो अगस्त में मानसून अपने चरम पर होता है, इसलिए यह बारिश असामान्य नहीं है – लेकिन इसकी तीव्रता चिंताजनक है।
मुख्य बातें (Key Points):
- झारखंड और दक्षिणपूर्वी UP में 18-19 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश (204 मिमी+)
- उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में भी बहुत भारी बारिश की चेतावनी
- पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में 27 सेमी बारिश
- मछुआरों को उत्तरी बंगाल की खाड़ी में 19 अगस्त सुबह तक न जाने की सलाह
- दिल्ली-NCR में 19-20 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश
- Orange और Red Alert कई जिलों में जारी
- कृषि पर प्रभाव – किसानों को खेतों से पानी निकालने की सलाह











