LIVE | ...
गुरूवार, 13 अगस्त 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Gen Z Debt Crisis: क्यों भारत की Gen Z कर्ज के जाल में फंस रही है?

Gen Z Debt Crisis: क्यों भारत की Gen Z कर्ज के जाल में फंस रही है?

आरबीआई का डेटा बताता है कि जेन जी युवा क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और बाय नाउ पे लेटर का इस्तेमाल कर लाइफस्टाइल खर्चों के लिए भारी कर्ज ले रहे हैं, जो भविष्य के लिए खतरनाक है।

अभिनव कश्यप by अभिनव कश्यप
गुरूवार, 13 अगस्त 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
Gen Z Debt Crisis
104
SHARES
693
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Gen Z Debt in India: भारत में जेन जी (Gen Z) यानी 1997 के बाद जन्मे युवाओं का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। देखा जाए तो, यह सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि एक चिंताजनक सामाजिक संकट बनता जा रहा है। आरबीआई (Reserve Bank of India) के नवीनतम आंकड़े बताते हैं कि युवा उपभोक्ता क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और बाय नाउ पे लेटर (BNPL) जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर यात्रा, शॉपिंग, कॉन्सर्ट और लाइफस्टाइल खर्चों के लिए भारी मात्रा में कर्ज ले रहे हैं।

अगर गौर करें, तो मार्च 2026 में गैर-आवास रिटेल लोन घरेलू उधारी का 58.4% हो गया, जो एक साल पहले 54.9% था। इसका मतलब साफ है: लोग अब घर खरीदने के लिए कम और छोटे-छोटे लाइफस्टाइल खर्चों के लिए ज्यादा कर्ज ले रहे हैं। समझने वाली बात यह है कि यह ट्रेंड न सिर्फ व्यक्तिगत वित्तीय स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

🔍 यह भी पढ़ें- Sleep Debt: नींद का कर्ज बना सकता है गंभीर बीमारियों का कारण

लोन लेने की उम्र घटकर 22 साल हो गई

कुछ दशक पहले तक लोन लेने की औसत उम्र 35 साल थी, और वह भी घर या गाड़ी खरीदने के लिए। लेकिन आज यह आंकड़ा घटकर 22 साल पर आ गया है। दिलचस्प बात यह है कि आज का युवा 22-23 साल की उम्र में ही क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन और BNPL प्रोडक्ट्स के जरिए कर्ज की दुनिया में कदम रख रहा है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह कर्ज किसी संपत्ति निर्माण के लिए नहीं, बल्कि मोबाइल फोन, विदेश यात्रा, कॉन्सर्ट टिकट और फैशन खरीदारी जैसे छोटे-छोटे खर्चों के लिए लिया जा रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, 25% से अधिक पर्सनल लोन सिर्फ यात्रा के लिए लिए जा रहे हैं। क्या यह सही है? बिल्कुल नहीं। घूमना जरूरी है, लेकिन कर्ज लेकर घूमना आत्मघाती है।

💡 यह भी पढ़ें- Social Media Ban 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी, बड़ा फैसला

“लाइव नाउ, पे लेटर” की खतरनाक सोच

जेन जी की सबसे बड़ी समस्या उनकी “वाई नाउ, लिव नाउ, पे लेटर” की मानसिकता है। सुनने में यह बहुत आकर्षक लगता है—आज जियो, कल भुगतान करो। लेकिन असल जिंदगी में यह फॉर्मूला बेहद खतरनाक है।

आज के युवा सोशल मीडिया पर दिखने वाली चमक-दमक से प्रभावित होकर अपनी हैसियत से बाहर खर्च कर रहे हैं। एक महंगा फोन, विदेशी ट्रिप, ब्रांडेड कपड़े—सब कुछ चाहिए, वह भी तुरंत। और इसके लिए क्रेडिट कार्ड और BNPL ऐप्स का सहारा लिया जा रहा है।

समझने वाली बात यह है कि क्रेडिट कार्ड बुरा नहीं है, लेकिन इसे इमरजेंसी के लिए रखना चाहिए, रोज के खर्चों के लिए नहीं। जब आप EMI पर जीते हैं, तो आपकी आजादी खत्म हो जाती है।

आरबीआई क्यों चिंतित है?

भारतीय रिजर्व बैंक ने घरेलू कर्ज संचय और निम्न-रेटेड उपभोक्ताओं में उधारी को करीबी निगरानी का क्षेत्र बताया है। असुरक्षित रिटेल लोन (Unsecured Retail Loans) विशेष रूप से चिंताजनक हैं क्योंकि इनके पीछे कोई संपार्श्विक (collateral) नहीं होता।

यह भी पढे़ं 👇

Sickle Cell & Thalassemia Crisis

Sickle Cell & Thalassemia Crisis: भारत में हर साल 90,000 बच्चे जन्मजात रक्त रोग के साथ पैदा होते हैं, क्यों?

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Parliament Monsoon Session Ends

Parliament Monsoon Session Ends: विवाद में खत्म हुआ संसद का मानसून सत्र, कौन है जिम्मेदार?

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Old Pension Scheme Latest News

Old Pension Scheme Latest News: संसद में सरकार का बड़ा अपडेट, OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
PSRLM Recruitment

PSRLM Recruitment रोकी: High Court ने Punjab State Rural Livelihood Mission भर्ती पर लगाई रोक

गुरूवार, 13 अगस्त 2026

रिपोर्ट में हाइलाइट किया गया है कि असुरक्षित रिटेल लोन का सकल NPA अनुपात (Gross NPA Ratio) सुरक्षित रिटेल लोन की तुलना में अधिक है, जो अपेक्षाकृत अधिक परिसंपत्ति-गुणवत्ता जोखिम दर्शाता है।

इसका मतलब साफ है: लोग लोन तो ले रहे हैं, लेकिन वापस नहीं चुका पा रहे। यह फिनटेक कंपनियों और बैंकों दोनों के लिए खतरनाक है। जब NPA बढ़ता है, तो बैंकों की लोन देने की क्षमता घटती है, और बाजार सिकुड़ता है।

ओवर-लिवरेजिंग: कर्ज में डूबता युवा

एक बड़ी चिंता यह है कि अत्यधिक कर्ज लेने वाले (over-leveraged) उपभोक्ताओं का हिस्सा वित्त वर्ष 2017 और 2024 के बीच काफी बढ़ गया। हालांकि 2026 तक यह थोड़ा कम हुआ, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक है।

यहां समझने वाली बात यह है कि जब एक युवा कई जगहों से एक साथ कर्ज लेता है—एक क्रेडिट कार्ड, दो-तीन BNPL ऐप्स, एक पर्सनल लोन—तो वह एक ऐसे जाल में फंस जाता है जहां से निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि युवा भारत की क्रेडिट-सक्रिय आबादी का बढ़ता हुआ हिस्सा बन रहे हैं, जो जेन जी की उधार लेने की आदतों और वित्तीय साक्षरता को महत्वपूर्ण बनाता है।

फिनटेक का बढ़ता दबाव

छोटे टिकट वाले लोन (₹500 से कम) में फिनटेक कंपनियों की हिस्सेदारी 56.8% तक पहुंच गई है। फिनटेक लोन बुक्स का 70% हिस्सा असुरक्षित है।

यह आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल लेंडिंग का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ जोखिम भी बढ़ रहे हैं। जब रिकवरी नहीं हो पाती, तो रिकवरी एजेंट्स का दबाव शुरू होता है। और यह दबाव इतना खतरनाक होता है कि कई युवा आत्महत्या तक कर लेते हैं।

चिंता का विषय यह है कि क्या आसान डिजिटल क्रेडिट अनावश्यक उधारी और लाइफस्टाइल खर्च को प्रोत्साहित कर रहा है? जवाब है: हां।

व्यक्तिगत और राष्ट्रीय नुकसान

जब एक युवा कर्ज में डूब जाता है, तो नुकसान सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहता। यह पूरे देश को प्रभावित करता है:

  1. मानव संसाधन की बर्बादी: एक प्रतिभाशाली युवा जो देश के विकास में योगदान दे सकता था, वह कर्ज के तनाव में उलझ जाता है।
  2. उत्पादकता पर असर: मानसिक तनाव से काम की गुणवत्ता घटती है, जिससे उत्पादकता प्रभावित होती है।
  3. बैंकिंग सेक्टर पर बोझ: जब NPA बढ़ता है, तो बैंकों की लोन देने की क्षमता घटती है।
  4. सामाजिक समस्याएं: कर्ज के दबाव में युवा अपराध या ड्रग्स की ओर मुड़ सकते हैं।

यह दर्शाता है कि यह सिर्फ एक आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकट है।

क्या है समाधान?

समाधान बेहद सरल है:

  1. वित्तीय साक्षरता: युवाओं को वित्तीय शिक्षा देनी जरूरी है। स्कूल-कॉलेज स्तर पर इसे पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए।
  2. कमाने की क्षमता बढ़ाएं: पहले स्किल डेवलप करें, फिर कमाई बढ़ाएं, फिर खर्च करें। यह सही क्रम है।
  3. सोशल मीडिया की चकाचौंध से बचें: हर चीज जो रील में दिखती है, वह असली नहीं होती।
  4. क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल: इसे इमरजेंसी के लिए रखें, दिखावे के लिए नहीं।
  5. बजट बनाएं: अपनी आय और खर्च का हिसाब रखें। जितनी चादर हो, उतने ही पैर फैलाएं।

समझने वाली बात है कि जीवन को संतुलित तरीके से जीना जरूरी है।

ग्लोबल परिदृश्य भी चिंताजनक

यह समस्या सिर्फ भारत की नहीं है। अमेरिका में 59% युवा नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं। यूरोप में क्रेडिट कार्ड का कर्ज महामारी पूर्व स्तर से काफी अधिक है।

इससे साफ होता है कि जेन जी का कर्ज संकट एक वैश्विक समस्या है, न कि सिर्फ भारतीय।

मुख्य बातें (Key Points)
  • मार्च 2026 में गैर-आवास रिटेल लोन घरेलू उधारी का 58.4% हो गया, जो पिछले साल 54.9% था
  • लोन लेने की औसत उम्र 35 साल से घटकर 22 साल हो गई है
  • 25% से अधिक पर्सनल लोन सिर्फ यात्रा के लिए लिए जा रहे हैं
  • फिनटेक लोन बुक्स का 70% हिस्सा असुरक्षित है, जो NPA बढ़ाने का कारण बन रहा है
  • आरबीआई ने असुरक्षित लोन और युवाओं की बढ़ती उधारी को करीबी निगरानी का क्षेत्र बताया है

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: जेन जी कौन होते हैं?

जेन जी (Gen Z) वे लोग हैं जो 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए। यह पीढ़ी डिजिटल युग में पली-बढ़ी है और सोशल मीडिया, टेक्नोलॉजी और इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन के साथ जीती है।

प्रश्न 2: जेन जी कर्ज क्यों ले रहे हैं?

जेन जी लाइफस्टाइल खर्चों—महंगे फोन, विदेश यात्रा, कॉन्सर्ट, ब्रांडेड कपड़े—के लिए कर्ज ले रहे हैं। सोशल मीडिया का प्रभाव और “लाइव नाउ, पे लेटर” की सोच इसका मुख्य कारण है।

प्रश्न 3: इस कर्ज से कैसे बचें?

वित्तीय साक्षरता बढ़ाएं, बजट बनाएं, पहले कमाने की क्षमता विकसित करें, फिर खर्च करें। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी के लिए करें, दिखावे के लिए नहीं।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

PSRLM Recruitment रोकी: High Court ने Punjab State Rural Livelihood Mission भर्ती पर लगाई रोक

Next Post

Old Pension Scheme Latest News: संसद में सरकार का बड़ा अपडेट, OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप

अभिनव कश्यप 'The News Air' के संस्थापक और मुख्य संपादक (Chief Editor) हैं। डिजिटल मीडिया में उनके अनुभव में ग्राउंड रिपोर्टिंग, न्यूज़ डेस्क ऑपरेशन और एडिटोरियल लीडरशिप शामिल है। वे हर खबर की फैक्ट-चेकिंग और संपादन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करते हैं। राजनीति, चुनाव विश्लेषण, सामाजिक मुद्दे और डिजिटल मीडिया ट्रेंड्स उनकी विशेषज्ञता के प्रमुख क्षेत्र हैं। अभिनव का संपादकीय सिद्धांत है "सनसनी नहीं, सच्चाई; तेज़ी नहीं, तथ्य।"

Related Posts

Sickle Cell & Thalassemia Crisis

Sickle Cell & Thalassemia Crisis: भारत में हर साल 90,000 बच्चे जन्मजात रक्त रोग के साथ पैदा होते हैं, क्यों?

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Parliament Monsoon Session Ends

Parliament Monsoon Session Ends: विवाद में खत्म हुआ संसद का मानसून सत्र, कौन है जिम्मेदार?

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Old Pension Scheme Latest News

Old Pension Scheme Latest News: संसद में सरकार का बड़ा अपडेट, OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
PSRLM Recruitment

PSRLM Recruitment रोकी: High Court ने Punjab State Rural Livelihood Mission भर्ती पर लगाई रोक

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Sukhbir Badal Attack

सुखबीर बादल पर Nanded Attack: निहंग ने गुरुद्वारे में किया जानलेवा हमला

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Historical

13 अगस्त का इतिहास: Berlin Wall से Manhattan Project तक, जानें इस दिन की अहम घटनाएं

गुरूवार, 13 अगस्त 2026
Next Post
Old Pension Scheme Latest News

Old Pension Scheme Latest News: संसद में सरकार का बड़ा अपडेट, OPS बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं

Parliament Monsoon Session Ends

Parliament Monsoon Session Ends: विवाद में खत्म हुआ संसद का मानसून सत्र, कौन है जिम्मेदार?

Sickle Cell & Thalassemia Crisis

Sickle Cell & Thalassemia Crisis: भारत में हर साल 90,000 बच्चे जन्मजात रक्त रोग के साथ पैदा होते हैं, क्यों?

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।