Himachal Bus Accident: चंबा जिले के चुराह उपमंडल में आज तड़के बैरागढ़-चंबा रूट पर जा रही एक निजी बस के सड़क से खिसककर नीचे वाली सड़क पर गिरने से कम से कम 7 व्यक्तियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। बैरागढ़ से चंबा की ओर जा रही बस चलुंज मोड़ के पास हादसाग्रस्त हुई।
दिलचस्प बात यह है कि वाहन सड़क से खिसककर सीधे नीचे वाली सड़क पर पलट गया, जिससे कई यात्री मलबे के नीचे फंस गए। हैरान करने वाली बात यह है कि यह इस साल चुराह क्षेत्र में दूसरा बड़ा सड़क हादसा है—मई में भी बैरागढ़-सच्च पास रोड पर खाई में गिरने से आठ लोगों की मौत हुई थी।
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मलबे में फंसे यात्री, JCB से चल रहा बचाव कार्य
बस के पलट जाने से कई यात्री मलबे के नीचे फंस गए। बचाव टुकड़ियों और स्थानीय निवासियों ने मौके पर पहुंचकर मलबे के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशें की।
समझने वाली बात यह है कि पलटी हुई बस को उठाने और मलबे के नीचे से यात्रियों को बचाने के लिए JCB (Backhoe Loader) तैनात किए गए हैं। बचाव कार्य जारी है और अधिक विवरणों की प्रतीक्षा की जा रही है।
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मृतकों और घायलों की पहचान अभी नहीं हुई
अभी तक मृतकों की पहचान और घायलों की सही संख्या का पता नहीं चल सका है। घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचा दिया गया है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
विधायक हंस राज ने जताया दुख, परिवारों से की हमदर्दी
चुराह के विधायक हंस राज ने जानी नुकसान पर दुख प्रकट किया है। एक बयान में, उन्होंने चलुंज के पास हुए हादसे को “बेहद दुखदाई” करार दिया।
उन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ हमदर्दी प्रकट की और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना की।
पहाड़ी सड़कों पर सफर के खतरे फिर उजागर
यह हादसा चुराह की पहाड़ी सड़कों पर सफर के खतरों को एक बार फिर उजागर कर देता है, जहां खड़ी ढलानें, तंग रास्ते और तीखे मोड़ मोटर वाहन चालकों और सार्वजनिक परिवहन संचालकों के लिए लगातार चुनौती बने रहते हैं।
अगर गौर करें तो Himachal Pradesh की mountain roads पर हर साल दर्जनों bus accidents होते हैं, जिनमें कई मासूम जानें चली जाती हैं। बुनियादी ढांचे की कमी, खराब मौसम और अक्सर overloaded vehicles इन हादसों के मुख्य कारण हैं।
मई में हुआ था पिछला बड़ा हादसा
इससे पहले मई में बैरागढ़-सच्च पास रोड पर एक गहरी खाई में उनका वाहन गिरने से बेंगलुरु के सात सैलानियों और ड्राइवर समेत आठ व्यक्ति मारे गए थे।
यह सिलसिला दर्शाता है कि चुराह और आसपास के पहाड़ी इलाकों में road safety को लेकर गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।
सड़क सुरक्षा और Infrastructure में सुधार की मांग
राहत की बात यह है कि हर हादसे के बाद सरकार मुआवजे की घोषणा करती है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या केवल आर्थिक मदद काफी है? क्या इन जानलेवा सड़कों पर safety barriers, proper signage और regular maintenance नहीं होनी चाहिए?
चिंता का विषय यह है कि पहाड़ी इलाकों में public transport operators को भी proper training और vehicle maintenance के strict guidelines की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
- चंबा के चुराह में बैरागढ़-चंबा रूट पर चलती बस खाई में गिरी, 7 की मौत
- चलुंज मोड़ के पास हुआ हादसा, बस सड़क से खिसककर नीचे वाली सड़क पर पलटी
- कई यात्री मलबे में फंसे, JCB से चल रहा बचाव कार्य
- घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया, कई की हालत गंभीर
- मई में भी बैरागढ़-सच्च पास रोड पर 8 लोगों की मौत हुई थी












