LIVE | ...
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - NEET Paper Leak CBI Investigation: NTA के अंदर से लीक हुआ पेपर? जंतर-मंतर विरोध के बाद बड़े खुलासे

NEET Paper Leak CBI Investigation: NTA के अंदर से लीक हुआ पेपर? जंतर-मंतर विरोध के बाद बड़े खुलासे

सिस्टम के भीतर से बाहर निकली जानकारी, लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर, अदालत में सामने आईं चौंकाने वाली कड़ियां

Ajay Kumar by Ajay Kumar
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
neet
104
SHARES
696
VIEWS
ShareShareShareShareShare

NEET Paper Leak CBI Investigation 2026: दिल्ली का Jantar Mantar – हजारों छात्रों के हाथों में पोस्टर, आंखों में सवाल और जुबान पर एक ही मांग – “जिस परीक्षा के भरोसे हमने अपना भविष्य दांव पर लगाया, अगर उसी परीक्षा का पेपर पहले से ही किसी और के हाथ में पहुंच जाए तो हमारी मेहनत का क्या मतलब रह जाता है?” यह सिर्फ NEET (National Eligibility cum Entrance Test) की परीक्षा का सवाल नहीं था। यह उस भरोसे का सवाल था जो एक छात्र अपने सिस्टम पर करता है।

देखा जाए तो जंतर-मंतर पर बैठे इन छात्रों की मांग साफ थी – जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर पेपर लीक हुआ कैसे? उस वक्त सवाल था कि पेपर बाहर पहुंचा कैसे? लेकिन अब CBI (Central Bureau of Investigation) की जांच जिस दिशा में बढ़ रही है, उसने इस सवाल को और गहरा कर दिया है।

समझने वाली बात यह है कि जांच की कड़ी परीक्षा केंद्र से शुरू होकर बाहर तक नहीं जा रही, बल्कि सवाल उससे पहले की जगह पर पहुंच रहा है – पेपर बना कैसे? किसने बनाया? किसके पास उसकी जानकारी थी? और फिर वो जानकारी बाहर निकली कैसे? यही इस पूरी कहानी का सबसे अहम हिस्सा है।

🔍 यह भी पढ़ें- NEET Paper Leak विरोध: दिल्ली के 18 Metro Stations बंद, सुरक्षा कड़ी

NEET जैसी परीक्षा में प्रश्न पत्र तैयार करना: गोपनीयता सर्वोपरि

सबसे पहले यह जान लेना चाहिए कि NEET जैसी परीक्षा में प्रश्न पत्र तैयार करना कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं है। प्रश्न तैयार करने के लिए विषय विशेषज्ञों की जरूरत होती है। फिर उन प्रश्नों की समीक्षा होती है। भाषा के हिसाब से उनका अनुवाद होता है। अलग-अलग चरणों में प्रश्न पत्र को अंतिम रूप दिया जाता है।

और इन तमाम प्रक्रियाओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण चीज होती है गोपनीयता (Confidentiality)। क्योंकि एक सवाल का बाहर जाना सिर्फ एक सवाल का बाहर जाना नहीं है। वो लाखों छात्रों के बीच असमानता पैदा कर सकता है।

एक छात्र महीनों नहीं बल्कि सालों तैयारी करता है। दूसरा अगर परीक्षा से पहले वही सवाल देख ले, तो दोनों एक तरह की परीक्षा में बैठकर भी बराबर की स्थिति में नहीं रहते। और शायद यही वजह है कि जंतर-मंतर पर छात्रों का गुस्सा सिर्फ परीक्षा के आयोजन को लेकर नहीं था।

वे पूछ रहे थे कि जिस सिस्टम को हमें बराबरी की परीक्षा देने की जिम्मेदारी दी गई थी, क्या वही सिस्टम किसी को हमसे पहले सवाल दे रहा था?

🔍 यह भी पढ़ें- NEET Paper Leak: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों की जीत या राजनीतिक दांव?

CBI जांच का बड़ा खुलासा: पेपर का स्रोत NTA से जुड़ा

अब CBI की जांच पर आते हैं। जांच एजेंसी की ओर से अदालत में यह बात सामने आई कि पेपर का स्रोत NTA (National Testing Agency) से जुड़ा हुआ था।

यानी जांच की पहली महत्वपूर्ण कड़ी किसी बाहरी गिरोह से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था के भीतर तक पहुंचती दिखाई दी जो परीक्षा आयोजित करती है। और यहीं से कहानी बदल जाती है।

अगर गौर करें, तो अगर पेपर किसी परीक्षा केंद्र से चोरी हुआ होता, तो सुरक्षा व्यवस्था में सेंध की बात होती। अगर किसी स्ट्रांग रूम से निकला होता, तो वहां मौजूद लोगों की भूमिका सवालों के घेरे में होती।

लेकिन अगर प्रश्न पत्र तैयार होने की प्रक्रिया से ही जानकारी बाहर निकलती है, तो फिर सवाल पूरी व्यवस्था का है। कौन-कौन उस जानकारी तक पहुंच सकता था? किसके पास कितनी जानकारी थी? और क्या किसी ने इस जानकारी का इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए किया?

जंतर-मंतर का विरोध: सिर्फ रद्द नहीं, भरोसा चाहिए था

यह ध्यान देने वाली बात है कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन को इस जांच से जोड़कर देखना जरूरी हो जाता है। क्योंकि प्रदर्शन कर रहे छात्र सिर्फ यह नहीं कह रहे थे कि परीक्षा दोबारा करा दीजिए। उनकी मूल चिंता थी कि अगली बार भरोसा कैसे करेंगे?

अगर परीक्षा रद्द कर दी जाए, नई तारीख घोषित कर दी जाए या फिर नया पेपर तैयार कर दिया जाए, लेकिन उस पूरी प्रक्रिया में शामिल लोगों की जवाबदेही तय न हो, तो क्या समस्या खत्म हो जाएगी? इसका जवाब है – शायद नहीं।

क्योंकि परीक्षा का परिणाम सिर्फ एक तारीख और एक प्रश्न पत्र से तय नहीं होता। उसके पीछे पूरी व्यवस्था होती है:

  • प्रश्न बनाने वाला विशेषज्ञ
  • प्रश्न पत्र को संभालने वाला कर्मचारी
  • प्रिंटिंग से जुड़े लोग
  • परिवहन और सुरक्षा
  • परीक्षा केंद्र
  • और सबसे आखिर में वो छात्र जो परीक्षा हॉल में बैठता है

इस पूरी श्रृंखला की एक भी कड़ी कमजोर हुई, तो उसका असर लाखों छात्रों पर पड़ सकता है।

यह सिर्फ मेडिकल सीट का नहीं, भविष्य का सवाल है

जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच इसी वजह से गुस्सा था। वहां मौजूद लोग पूछ रहे थे कि आखिर बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर ऐसी शिकायतें क्यों सामने आती हैं?

NEET में सवाल सिर्फ मेडिकल कॉलेज में दाखिले का नहीं है। यह उन परिवारों का सवाल है जिन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई पर वर्षों लगाए हैं। यह उन छात्रों का सवाल है जिन्होंने:

  • कोचिंग की भारी फीस दी
  • शहर बदला, घर छोड़ा
  • दिन-रात पढ़ाई की
  • परीक्षा के दिन यह सोचकर बैठे कि सामने जो सवाल आएंगे, वह उनके लिए भी उतने ही नए होंगे जितने बाकी उम्मीदवारों के लिए

लेकिन अगर परीक्षा से पहले किसी और को वही सवाल मिल जाए, तो मेहनत और पैसे के बीच की दूरी अचानक बहुत बड़ी हो जाती है। यही वजह है कि NEET विवाद ने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था को नहीं, युवा भरोसे को भी प्रभावित किया है।

कथित नेटवर्क: पेपर कहां से आया, किसने पहुंचाया?

अब CBI की जांच उस कथित नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही है:

  • पेपर कहां से आया?
  • किसने उपलब्ध कराया?
  • किसने आगे पहुंचाया?
  • किसने इसे हासिल करने के लिए पैसे दिए?
  • और सबसे अहम – क्या इस पूरी प्रक्रिया में अंदर का कोई व्यक्ति शामिल था?

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं। लेकिन यहां एक बात समझनी होगी। किसी आरोपी का जांच में नाम आना और अदालत में उसका दोषी साबित होना दोनों अलग बातें हैं। इसलिए अंतिम जिम्मेदारी अदालत के फैसले से ही तय होगी।

यह भी पढे़ं 👇

Punjab Employees Protest

Punjab Employees Protest: विधानसभा कूच पर वॉटर कैनन, कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, DA-पेंशन की मांग पर टकराव

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
ITR Refund Delay

ITR Refund Delay: 24 घंटे में आ रहा रिफंड तो आपका क्यों अटका? जानें 5 बड़े कारण और समाधान

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
How New Country Forms

How New Country Forms: कोई नया देश कैसे बनता है? जानें UN, Montevideo Convention और अंतरराष्ट्रीय कानून

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
Sukhbir Badal

Sukhbir Badal PM Modi Meeting: 2027 Election से पहले अकाली-BJP गठजोड़ की वापसी? संसद में हुई बड़ी मुलाकात

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026

लेकिन जांच में सामने आती कड़ियां यह जरूर बताती हैं कि मामला सिर्फ एक छात्र को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने तक सीमित नहीं है। अगर पेपर वास्तव में सिस्टम के भीतर से बाहर गया, तो फिर यह एक संस्थागत सुरक्षा (Institutional Security) का सवाल है।

सड़क पर सवाल, लैब में जांच: दोनों एक ही निशाने पर

शायद यही वजह है कि जंतर-मंतर की तस्वीरें इस पूरी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाती हैं। एक तरफ सड़क पर छात्र थे जो कह रहे थे कि हमें जवाब चाहिए। दूसरी तरफ जांच एजेंसी थी जो दस्तावेजों, बयानों और कड़ियों के जरिए उस जवाब तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

सड़क पर सवाल था: पेपर लीक कैसे हुआ?

जांच में सवाल बन गया: पेपर तक पहुंच किसकी थी?

और अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच सिर्फ आरोपी तक पहुंचेगी या उस व्यवस्था की उन कमजोर कड़ियों तक भी पहुंचेगी जहां से कथित तौर पर यह पूरा खेल शुरू हुआ?

भरोसे की परीक्षा: क्या नियम सबके लिए एक हैं?

क्योंकि NEET जैसी परीक्षा में लाखों छात्र सिर्फ सवालों का जवाब देने परीक्षा हॉल में नहीं बैठते। वो इस भरोसे के साथ बैठते हैं कि जिस मेहनत से उन्होंने तैयारी की है, उसका मुकाबला उसी मेहनत से होगा।

और अगर उस भरोसे में ही सेंध लग जाए, तो जंतर-मंतर पर उठी आवाज सिर्फ एक प्रदर्शन की आवाज नहीं रह जाती। वो एक पूरी पीढ़ी का सवाल बन जाती है कि क्या भारत की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं अब छात्रों को सिर्फ परीक्षा देंगी या उन्हें यह भरोसा भी देंगी कि इस परीक्षा में हर किसी के लिए नियम एक जैसे हैं।

परीक्षा प्रक्रिया का चरणकमजोर कड़ी की संभावनाजांच का फोकस
प्रश्न निर्माणविषय विशेषज्ञों तक पहुंचNTA के अंदरूनी लोग
प्रिंटिंगप्रिंटिंग प्रेस कर्मचारीVendor और ठेकेदार
परिवहनट्रांसपोर्ट एजेंसीSecurity Protocol breach
स्ट्रांग रूमपरीक्षा केंद्र स्टाफCCTV, लॉग बुक्स
वितरणअंतिम वितरण श्रृंखलाCoordination gaps
पेपर लीक का इतिहास: यह पहली बार नहीं

यह भी याद रखना जरूरी है कि भारत में पेपर लीक की घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों में:

  • SSC परीक्षाएं लीक हुई हैं
  • Railway Recruitment में अनियमितताएं सामने आई हैं
  • NEET-UG 2024 में भी विवाद हुआ था
  • State-level exams में तो यह लगभग सामान्य हो गया है

लेकिन हर बार छात्र सड़कों पर आते हैं, जांच होती है, कुछ गिरफ्तारियां होती हैं और फिर सब कुछ सामान्य हो जाता है। अगली परीक्षा तक, अगली लीक तक।

NTA की भूमिका: सवालों के घेरे में

National Testing Agency को 2017 में इसीलिए बनाया गया था कि बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जा सके। लेकिन अगर CBI की जांच में यह सामने आता है कि लीक NTA के अंदर से हुई, तो यह एजेंसी के अस्तित्व पर ही सवाल उठाएगा।

क्या NTA में सुरक्षा प्रोटोकॉल कमजोर हैं? क्या Background Verification ठीक से नहीं होता? क्या Multi-layer security जो होनी चाहिए, वह सिर्फ कागजों पर है?

मुख्य बातें (Key Points)
  • NEET Paper Leak मामले में CBI की जांच में खुलासा: पेपर का स्रोत NTA से जुड़ा
  • जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था, मांग थी – जवाबदेही तय हो
  • जांच की कड़ी परीक्षा केंद्र से नहीं, प्रश्न पत्र निर्माण प्रक्रिया तक पहुंच रही है
  • NEET की तैयारी में छात्र सालों मेहनत, लाखों रुपए और पूरा भविष्य दांव पर लगाते हैं
  • अगर पेपर सिस्टम के अंदर से लीक हुआ, तो यह संस्थागत सुरक्षा का सवाल है
  • प्रश्न निर्माण से लेकर वितरण तक पूरी श्रृंखला में कमजोर कड़ियां संभव
  • जांच में नाम आना और अदालत में दोषी साबित होना अलग-अलग बातें हैं

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. NEET पेपर लीक में CBI ने क्या खुलासा किया है?

CBI ने अदालत में बताया है कि पेपर का स्रोत NTA (National Testing Agency) से जुड़ा हुआ था। यानी जांच की कड़ियां यह संकेत दे रही हैं कि लीक किसी बाहरी गिरोह से नहीं, बल्कि परीक्षा आयोजन की व्यवस्था के भीतर से हुई हो सकती है। यह प्रश्न पत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, परिवहन या स्टोरेज की प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की ओर इशारा करता है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अभी बाकी है और अदालत में ही सबूतों के आधार पर फैसला होगा।

2. जंतर-मंतर पर छात्रों की मुख्य मांग क्या थी?

छात्र केवल परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं कर रहे थे। उनकी मुख्य मांगें थीं: (1) पूरी तरह से पारदर्शी CBI जांच, (2) दोषियों की पहचान और सजा, (3) NTA की जवाबदेही तय करना, (4) भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल। छात्रों का असली सवाल था कि अगली बार वे सिस्टम पर भरोसा कैसे करें अगर इस बार के दोषियों को सजा नहीं मिली।

3. पेपर लीक से छात्रों को कैसा नुकसान होता है?

पेपर लीक से छात्रों को तीन तरह का नुकसान होता है: (1) आर्थिक: सालों की कोचिंग फीस, किताबें, आवास – लाखों रुपए बर्बाद, (2) समय: 2-3 साल की तैयारी व्यर्थ, उम्र की सीमा के कारण फिर से मौका नहीं मिलता, (3) मानसिक: जिसने ईमानदारी से तैयारी की, उसका मनोबल टूटता है जब किसी और को पहले से सवाल मिल जाएं। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि सिस्टम पर से भरोसा उठ जाता है।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

ITR Refund Delay: 24 घंटे में आ रहा रिफंड तो आपका क्यों अटका? जानें 5 बड़े कारण और समाधान

Next Post

Punjab Employees Protest: विधानसभा कूच पर वॉटर कैनन, कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, DA-पेंशन की मांग पर टकराव

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Punjab Employees Protest

Punjab Employees Protest: विधानसभा कूच पर वॉटर कैनन, कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, DA-पेंशन की मांग पर टकराव

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
ITR Refund Delay

ITR Refund Delay: 24 घंटे में आ रहा रिफंड तो आपका क्यों अटका? जानें 5 बड़े कारण और समाधान

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
How New Country Forms

How New Country Forms: कोई नया देश कैसे बनता है? जानें UN, Montevideo Convention और अंतरराष्ट्रीय कानून

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
Sukhbir Badal

Sukhbir Badal PM Modi Meeting: 2027 Election से पहले अकाली-BJP गठजोड़ की वापसी? संसद में हुई बड़ी मुलाकात

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
India Middle Class Inflation

India Middle Class Inflation Crisis: महंगाई की मार से गरीब हो रहा भारत का मिडिल क्लास

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
Domino's Pizza Free Delivery Scam

Domino’s Pizza Free Delivery Scam: 20 रुपए वसूलने के चक्कर में देने पड़े 20,000 रुपए जुर्माना

शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
Next Post
Punjab Employees Protest

Punjab Employees Protest: विधानसभा कूच पर वॉटर कैनन, कर्मचारियों पर लाठीचार्ज, DA-पेंशन की मांग पर टकराव

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।