Guru Ravidas 650th Prakash Parv Punjab को समर्पित वर्षभर चलने वाले उत्सवों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने सभी संबंधित विभागों को कार्यक्रमों की सफलता हेतु पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। देखा जाए तो यह प्रकाश पर्व पंजाब सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरु रविदास जी का दलित समुदाय में बहुत सम्मान है।
जुलाई से नवंबर तक चलेंगे कार्यक्रम
आज चंडीगढ़ में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने पहुंचे कैबिनेट मंत्री को बताया गया कि गुरु रविदास जी को समर्पित स्मारक उत्सवों के रूप में जुलाई से नवंबर तक प्रदेश भर में एक श्रृंखला के तहत धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और अन्य कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं।
इस बैठक में सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, पंजाब विरासत एवं पर्यटन विकास बोर्ड के सलाहकार दीपक बाली के अलावा विशेषज्ञ पैनल से कई संत और विद्वान भी शामिल हुए।
अगर गौर करें तो सरकार ने इस आयोजन के लिए धार्मिक नेताओं और विशेषज्ञों को भी साथ लिया है, जो इसे और प्रामाणिक बनाता है।
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विश्वविद्यालयों में सेमिनार और वर्कशॉप
बैठक के दौरान बताया गया कि पंजाब भर के प्रमुख विश्वविद्यालयों में गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन एवं विरासत के बारे में सेमिनार और वर्कशॉप करवाई जा रही हैं। इसके अलावा समानता, सामाजिक न्याय और भाईचारे का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष कीर्तन दरबार भी करवाए जा रहे हैं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं समानता और सामाजिक न्याय पर आधारित हैं। सरकार इसी संदेश को फैलाना चाहती है।
650 एकड़ में बगीचे, 6.5 लाख पौधे
उत्सवों के हिस्से के रूप में पंजाब भर में 650 एकड़ जमीन पर गुरु रविदास जी की बगीचियाँ स्थापित की जा रही हैं। इसके अलावा 6.50 लाख पौधे लगाने तथा 6.50 लाख स्मारक झंडे वितरित करने संबंधी अभियान भी चलाया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि संख्या 650 रखी गई है क्योंकि यह 650वां प्रकाश पर्व है। यह एक प्रतीकात्मक कदम है।
सभी जिला मुख्यालयों पर ‘रन फॉर इक्वैलिटी’ मैराथन और प्रदेशभर में साइकिल रैलियाँ आयोजित करने की योजना है। समझने वाली बात यह है कि ये आधुनिक तरीके हैं युवाओं को जोड़ने के।
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अक्टूबर में 4 शोभा यात्राएं
मंत्री को बताया गया कि अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में वाराणसी, फरीदकोट, बठिंडा और जम्मू से श्री खुरालगढ़ साहिब तक चार शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी।
यह महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- वाराणसी: गुरु रविदास जी का जन्मस्थान
- खुरालगढ़: पंजाब में उनका प्रमुख स्थान
- जम्मू: वहां भी बड़ी संख्या में अनुयायी
- फरीदकोट और बठिंडा: पंजाब के महत्वपूर्ण शहर
इसके बाद 9 से 11 अक्टूबर तक श्री खुरालगढ़ साहिब में तीन दिवसीय राज्य-स्तरीय समारोह होगा।
खुरालगढ़ में क्या-क्या होगा?
तीन दिवसीय समारोह में निम्नलिखित कार्यक्रम होंगे:
- गुरु रविदास जी के जीवन पर प्रदर्शनियाँ
- कथा एवं कीर्तन दरबार
- संत सम्मेलन
- गुरु रविदास जी की बाणी पर आधारित सम्मेलन
- बेगमपुरा समागम
- मीनार-ए-बेगमपुरा में 3D प्रोजेक्शन शो
बेगमपुरा गुरु रविदास जी का काल्पनिक आदर्श राज्य था जहां कोई भेदभाव नहीं, सब बराबर। 3D शो के जरिए इसे आधुनिक तरीके से दिखाया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध
इन आयोजनों से संबंधित तैयारियों का गहनता से जायजा लेते हुए सौंद ने सभी विभागों को श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु समुचित समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों के दौरान निम्नलिखित सुविधाओं के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए:
- आवास
- स्वच्छता
- पेयजल
- परिवहन
- सुरक्षा
- यातायात प्रबंधन
- चिकित्सा सहायता
- अन्य आवश्यक जनसेवाएं
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसलिए सभी प्रबंध दुरुस्त होने चाहिए।
मुख्यमंत्री प्रतिबद्ध: सौंद
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को उचित, गौरवपूर्ण एवं स्मरणीय ढंग से मनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “वर्षभर चलने वाले ये उत्सव गुरु रविदास जी की समानता, भाईचारे की साझेदारी, दया और नम्रता की सार्वभौमिक शिक्षाओं को जन-जन तक, विशेषकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायक होंगे।”
समझने वाली बात यह है कि AAP सरकार के लिए यह राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। दलित समुदाय पंजाब में एक बड़ा वोट बैंक है और गुरु रविदास जी उनके लिए बेहद पूजनीय हैं।
नियमित निगरानी के निर्देश
सौंद ने अधिकारियों को तैयारियों की प्रगति की नियमित निगरानी करने तथा प्रत्येक कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए, ताकि देशभर की संगतों के लिए सुविधा एवं श्रद्धापूर्वक उत्सवों में भाग लेना सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग के सचिव कुमार अमित, सूचना एवं लोक संपर्क के सचिव पुनीत गोयल, शिक्षा सचिव सोनाली गिरी, पर्यटन विभाग के निदेशक संजीव तिवारी, उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक कुलवंत सिंह तथा विशेषज्ञ समिति के सदस्य भी उपस्थित थे।
राजनीतिक महत्व
इस आयोजन का राजनीतिक महत्व भी है:
- दलित समुदाय में AAP की पकड़ मजबूत होगी
- चरणजीत सिंह चन्नी (जो दलित नेता हैं) की कांग्रेस को टक्कर मिलेगी
- 2027 के चुनावों से पहले सामाजिक न्याय का संदेश
- गुरु रविदास जी के नाम पर सरकार की छवि सुधरेगी
विपक्ष इस पर कुछ नहीं बोल सकता क्योंकि यह धार्मिक आयोजन है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को वर्षभर मनाने की योजना
- 650 एकड़ में बगीचे, 6.5 लाख पौधे और झंडे वितरित होंगे
- अक्टूबर में वाराणसी, फरीदकोट, बठिंडा और जम्मू से 4 शोभा यात्राएं
- 9-11 अक्टूबर को खुरालगढ़ में तीन दिवसीय राज्य-स्तरीय समारोह











