Heavy Rainfall Warning : देखा जाए तो मानसून इस बार पूरे देश में अपना रंग दिखा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त 2026 को गुजरात, केरल, कोस्टल कर्नाटक और साउथ इंटीरियर कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की है। विभाग ने इन राज्यों के लिए रेड अलर्ट घोषित करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
1 अगस्त 2026 को दोपहर 1:30 बजे जारी की गई प्रेस रिलीज के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गुजरात के कुछ इलाकों में 30 सेमी से अधिक बारिश हो चुकी है। यह असाधारण स्थिति है। अंबिका (सूरत जिला) में 61 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन की सबसे भारी बारिश मानी जा रही है।
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गुजरात में तबाही का मंजर, 61 सेमी बारिश का रिकॉर्ड
गुजरात के हालात बेहद गंभीर हैं। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, अंबिका (जिला सूरत) में पिछले 24 घंटों में 61 सेमी बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य से कई गुना अधिक है। बारिश के कारण गुजरात के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सूरत, भरूच, वडोदरा, तापी, वलसाड, नर्मदा जैसे जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है। अहमदाबाद, आनंद, बनासकांठा, खेड़ा, महेसाणा, साबरकांठा में भी निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका है।
समझने वाली बात यह है कि जब इतनी भारी बारिश होती है, तो मिट्टी पूरी तरह संतृप्त हो जाती है और पानी का बहाव तेज हो जाता है। इससे अचानक बाढ़ (Flash Flood) की स्थिति बन सकती है।
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केरल और कर्नाटक में भी भारी बारिश का अलर्ट
केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी स्थिति चिंताजनक है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अगुंबे AWS (जिला शिवमोग्गा) में 27 सेमी, केरल के लाहा (जिला पथानामथिट्टा) में 25 सेमी और सुब्रमण्या (दक्षिण कन्नड़) में 16 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
कोस्टल कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों में मध्यम फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। केरल के अलप्पुझा, इडुक्की, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टयम, कोझिकोड, मल्लापुरम, पलक्कड़, वायनाड जिलों में भी सतह पर पानी जमा होने की पूरी संभावना है।
दिलचस्प बात यह है कि IMD ने बताया कि 2 अगस्त के बाद इन इलाकों में बारिश की तीव्रता में काफी कमी आएगी। यानी यह स्थिति अस्थायी है, लेकिन अभी 24-48 घंटे बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
पिछले 24 घंटों में कहां-कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटों (31 जुलाई सुबह 8:30 से 1 अगस्त सुबह 8:30 तक) की बारिश का ब्योरा जारी किया है:
| राज्य/क्षेत्र | स्थान | बारिश (सेमी) |
|---|---|---|
| गुजरात | अंबिका (सूरत) | 61 |
| तमिलनाडु | नालुमुक्कु (तिरुनेलवेली) | 29 |
| तमिलनाडु | ऊथु (तिरुनेलवेली) | 27 |
| साउथ इंटीरियर कर्नाटक | अगुंबे AWS (शिवमोग्गा) | 27 |
| महाराष्ट्र | तामिनी-मुलशी (पुणे) | 28 |
| केरल | लाहा (पथानामथिट्टा) | 25 |
| मेघालय | खलिहरियात | 20 |
| पश्चिम बंगाल-सिक्किम | डोमोहनी | 18 |
| कोस्टल कर्नाटक | सुब्रमण्या (दक्षिण कन्नड़) | 16 |
अगर गौर करें तो गुजरात का आंकड़ा अकेला ही सबसे अलग और चिंताजनक है। 61 सेमी बारिश का मतलब है कि 24 घंटे में 2 फीट से भी ज्यादा पानी बरसा।
मानसून ट्रफ और लो प्रेशर सिस्टम का खेल
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मौसम में इस बदलाव की वजह क्या है। IMD के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में और पूर्वी सिरा उत्तर में स्थित है।
इसके अलावा, दक्षिण-पूर्व राजस्थान में स्थित डिप्रेशन अब एक वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल गया है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले 24 घंटों में कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो जाएगा।
साउथ गुजरात से केरल तक समुद्र तट पर एक ऑफ-शोर ट्रफ सक्रिय है। यही कारण है कि पश्चिमी तट पर इतनी भारी बारिश हो रही है।
उत्तर भारत में भी बारिश का दौर जारी
केवल दक्षिण और पश्चिम भारत ही नहीं, उत्तर भारत में भी अगले एक हफ्ते तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 1 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है।
पंजाब में 3-4 अगस्त को, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3-7 अगस्त तक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2-7 अगस्त तक बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी 1-2 अगस्त को तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
पूर्वी भारत: बिहार, बंगाल, ओडिशा में भी बारिश
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल-सिक्किम में 1-7 अगस्त तक व्यापक बारिश रहेगी। गंगेटिक वेस्ट बंगाल, झारखंड और ओडिशा में 2-7 अगस्त तक बारिश होगी। बिहार में 2-6 अगस्त तक बारिश की संभावना है।
अंडमान-निकोबार में 40-50 किमी प्रति घंटे से 60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं। झारखंड में भी 1-5 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है।
सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल-सिक्किम में 1-5 अगस्त तक अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। 6 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर: असम, मेघालय, त्रिपुरा में भी भारी बारिश
अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में भी अगले एक हफ्ते बारिश का दौर जारी रहेगा।
अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में 1 अगस्त और 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में 1-4 अगस्त तक बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ का हाल
पश्चिम मध्य प्रदेश में 1 अगस्त को व्यापक बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4-7 अगस्त तक बारिश होगी। विदर्भ में 1 अगस्त और 5-6 अगस्त को बारिश रहेगी। छत्तीसगढ़ में 3-7 अगस्त तक व्यापक बारिश रहेगी।
पश्चिम मध्य प्रदेश के झिरन्या (खरगोन) में पिछले 24 घंटों में 10 सेमी बारिश हुई है।
मछुआरों के लिए खास चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। समुद्र में जाना खतरनाक हो सकता है।
अरब सागर: सोमालिया और ओमान तट के साथ, पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में 6 अगस्त तक खतरनाक स्थिति रहेगी। गुजरात, कर्नाटक, केरल तट, लक्षद्वीप क्षेत्र, कोमोरिन क्षेत्र और पूर्व-मध्य और उत्तरी अरब सागर में 1-3 अगस्त तक समुद्र उफान पर रहेगा। कोंकण-गोवा में 1 अगस्त को मछुआरे समुद्र में न जाएं।
बंगाल की खाड़ी: श्रीलंका तट और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी में 6 अगस्त तक खतरनाक स्थिति। मन्नार की खाड़ी में 1 अगस्त को समुद्र में न जाएं। अंडमान सागर में 3-6 अगस्त तक खतरनाक लहरें चल सकती हैं।
दिल्ली-NCR का मौसम: हल्की बारिश जारी रहेगी
राजधानी दिल्ली और NCR में भी मौसम सुहाना बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान में 1-2 डिग्री की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25-28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
1 अगस्त 2026: दिल्ली में आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। दोपहर से पहले और दोपहर में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। शाम/रात में फिर से हल्की बारिश की संभावना। हवा की दिशा दक्षिण-पूर्व से रहेगी, गति 20 किमी प्रति घंटा तक।
2 अगस्त 2026: बादल छाए रहेंगे। दोपहर से पहले और दोपहर में कुछ जगहों पर हल्की बारिश। अधिकतम तापमान 32-34 डिग्री और न्यूनतम 25-27 डिग्री रहेगा।
3-4 अगस्त: 3 अगस्त को कुछ स्थानों पर और 4 अगस्त को कई स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 4 अगस्त को अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री तक गिर सकता है।
क्या करें, क्या न करें: सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- मौसम पर नजर रखें और बिगड़ती परिस्थितियों में सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए तैयार रहें।
- पेड़ों के नीचे शरण न लें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा हो सकता है।
- बिजली चमकने की स्थिति में तुरंत इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें।
- पानी के स्रोतों से दूर रहें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहें।
- पर्यटन और मनोरंजक गतिविधियों को विनियमित करें।
- तटीय और अपतटीय गतिविधियों को सावधानी से विनियमित करें।
- हेलीकॉप्टर सेवाओं को विनियमित करें।
कहने का मतलब साफ है कि अगले 24-48 घंटे बेहद सावधानी के हैं। खासकर गुजरात, केरल और कर्नाटक के लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
फ्लैश फ्लड का खतरा: कहां-कहां सतर्क रहें
IMD की फ्लैश फ्लड गाइडेंस के अनुसार, 2 अगस्त 2026 की सुबह 11:30 बजे तक निम्न क्षेत्रों में लो से मॉडरेट फ्लैश फ्लड का खतरा है:
गुजरात क्षेत्र: अहमदाबाद, आनंद, बनासकांठा, भरूच, खेड़ा, महेसाणा, नर्मदा, साबरकांठा, सूरत, तापी, वडोदरा और वलसाड जिले।
सौराष्ट्र और कच्छ: अमरेली, भावनगर, बोटाद, गिर सोमनाथ, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, सुरेंद्रनगर और मोरबी जिले।
कोस्टल कर्नाटक: दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिले।
केरल-माहे: अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की, कन्नूर, कासरगोड, कोट्टयम, कोझिकोड, माहे, मल्लापुरम, पलक्कड़, पथानामथिट्टा, तृश्शूर और वायनाड जिले।
साउथ इंटीरियर कर्नाटक: चिकमगलूर, कोडागु और शिवमोग्गा जिले।
इन क्षेत्रों में पूरी तरह संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही जल प्रवाह/जलभराव हो सकता है।
संभावित प्रभाव और नुकसान
मौसम विभाग ने संभावित प्रभावों की चेतावनी दी है:
- पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, केला, पपीता, ड्रमस्टिक जैसे छोटे पेड़ उखड़ सकते हैं।
- तेज हवा और बारिश से बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।
- कमजोर संरचनाओं को आंशिक क्षति।
- कच्चे मकानों/दीवारों, झोपड़ियों और सड़कों को मामूली नुकसान।
- छोटे जहाज, ट्रॉलर और नावें प्रभावित हो सकती हैं।
- सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
- स्थानीय भूस्खलन, मिट्टी के धसाव, निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ हो सकती है।
- भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी।
- हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
• भारत मौसम विभाग ने 1 अगस्त 2026 को गुजरात, केरल, कोस्टल कर्नाटक और साउथ इंटीरियर कर्नाटक में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की रेड अलर्ट चेतावनी जारी की है।
• पिछले 24 घंटों में गुजरात के अंबिका (सूरत) में 61 सेमी असाधारण बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
• गुजरात, केरल और कर्नाटक के कई जिलों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा बना हुआ है, निचले इलाकों में जलभराव की आशंका।
• मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की सख्त चेतावनी, समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं चलने का अनुमान।
• 2 अगस्त के बाद इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में काफी कमी आने की संभावना, लेकिन अभी 24-48 घंटे अत्यधिक सतर्कता जरूरी है।












