General VN Sharma Death: भारतीय थल सेना के 14वें प्रमुख (COAS) जनरल विश्व नाथ शर्मा के निधन से हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में शोक की लहर दौड़ गई है। 97 वर्ष की आयु में अंतिम सांस लेने वाले जनरल शर्मा ने 1988 से 1990 तक भारतीय सेना के प्रमुख के रूप में सेवाएं निभाई थीं।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जनरल शर्मा सिर्फ एक सैन्य नेता नहीं थे। वह आजाद भारत के पहले ‘परमवीर चक्र’ विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के सबसे छोटे भाई थे, जिन्होंने 1947-48 की कश्मीर युद्ध में शहादत दी थी।
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97 साल की उम्र में हुआ निधन
उनका अंतिम संस्कार शनिवार सुबह दिल्ली के बरार स्क्वेयर श्मशानघाट में किया जाएगा। कांगड़ा के लोगों ने उन्हें एक महान योद्धा के रूप में याद किया, जिनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
कांगड़ा में उनके प्रशंसकों और मित्रों ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन मिसालीथा और उनकी प्रेरणादायक कहानियां हमेशा याद रहेंगी।
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1950 में शामिल हुए थे सेना में
4 जून 1930 को जन्मे जनरल वी.एन. शर्मा जून 1950 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। समझने वाली बात यह है कि वह भारतीय सेना के पहले ‘प्रेजिडेंट्स कमीशंड ऑफिसर’ थे जो सेना प्रमुख के पद तक पहुंचे।
उन्होंने 1988 से 1990 के नाजुक दौर में सेना का नेतृत्व किया और अपनी पेशेवरता और लीडरशिप के लिए बड़ा सम्मान अर्जित किया। देखा जाए तो यह वह समय था जब भारत कई आंतरिक और बाहरी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा था।
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डोगरा खेत्र से जुड़ी जड़ें
जनरल शर्मा के परिवार की जड़ें डोगरा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं और उनका परिवार कांगड़ा के दाढ़ (Dadh) गांव में बसा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि यह परिवार भारतीय सेना में योगदान के लिए जाना जाता है।
उनके पिता मेजर जनरल अमर नाथ शर्मा भी सेना में सेवा निभा चुके थे। वहीं, उनके बड़े भाई लेफ्टिनेंट जनरल सुरिंदर नाथ शर्मा (103 वर्ष) भारतीय सेना के इंजीनियर-इन-चीफ रहे हैं।
परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई
अगर गौर करें, तो जनरल शर्मा का परिवार भारतीय सैन्य इतिहास में अमर है। उनके बड़े भाई मेजर सोमनाथ शर्मा ने 1947-48 की कश्मीर युद्ध के दौरान असाधारण वीरता दिखाई और देश के पहले परमवीर चक्र से सम्मानित हुए।
मेजर सोमनाथ शर्मा ने अपनी जान देकर कश्मीर में दुश्मन की घुसपैठ को रोका था। उनकी शहादत भारतीय सेना के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है।
यह समझने वाली बात है कि जनरल वी.एन. शर्मा ने अपने भाई की विरासत को आगे बढ़ाया और भारतीय सेना के सर्वोच्च पद तक पहुंचे।
हाल ही में दिल्ली गए थे
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनरल शर्मा हाल ही में अपने जन्मस्थान से दिल्ली स्थित अपने निवास पर गए थे। वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली।
एक युग का अंत
जनरल शर्मा का निधन भारतीय सेना के इतिहास में एक युग के अंत को दर्शाता है। वह उन कुछ बचे हुए अधिकारियों में से थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के शुरुआती दिनों में सेना में शामिल होकर इसे मजबूत बनाने में योगदान दिया।
समझने वाली बात यह है कि उनकी लीडरशिप, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
मुख्य बातें (Key Points)
- भारतीय सेना के 14वें प्रमुख जनरल विश्व नाथ शर्मा का 97 वर्ष की आयु में निधन
- उन्होंने 1988 से 1990 तक सेना प्रमुख के रूप में सेवाएं दीं
- वह परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के सबसे छोटे भाई थे
- जून 1950 में सेना में शामिल हुए और पहले ‘प्रेजिडेंट्स कमीशंड ऑफिसर’ थे जो सेना प्रमुख बने
- उनका परिवार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के दाढ़ गांव से है













