Sangrur BJP Office Petrol Bomb Attack : संगरूर पुलिस ने भाजपा के जिला दफ्तर पर पेट्रोल बम से हुए हमले की वारदात को अंजाम देने वाले दो युवकों को 24 घंटे के अंदर-अंदर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से वारदात के समय इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
देखा जाए तो यह पुलिस की तेज कार्रवाई का उदाहरण है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी विदेश में बैठे राणा भाऊ नामक व्यक्ति के संपर्क में थे, जिसने वारदात की वीडियो बनाकर भेजने के बदले भारी रकम देने का वादा किया था।
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कैसे हुआ हमला?
जिला पुलिस मुखी डॉ. रवजोत ग्रेवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि 26 जुलाई की रात करीब 2 बजकर 35 मिनट पर दो युवक पैदल पिंड उपली वाली साइड से सड़क पार करके आए।
समझने वाली बात यह है कि यह हमला सुनियोजित था। आरोपियों ने समय और जगह का चुनाव सोच-समझकर किया था।
उन्होंने बोतल पर लगी सूत को आग लगाकर बीजेपी दफ्तर की चारदीवारी की दीवार के ऊपर से बिल्डिंग पर फेंक दिया और वापस चले गए।
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सिर्फ 2200 रुपए के लिए हमला
यहां ध्यान देने वाली बात है कि मूल पूछताछ से सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए राणा भाऊ नामक व्यक्ति के संपर्क में थे।
उसने आरोपियों को वारदात को अंजाम देने और मौके की वीडियो बनाकर भेजने के बदले भारी रकम देने का वादा किया था। इसमें से राणा भाऊ ने दो ट्रांजेक्शन (1200 रुपए और 1000 रुपए) के जरिए कुल 2200 रुपए आरोपियों को भेज दिए थे।
दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ 2200 रुपए के लालच में दो युवकों ने एक राजनीतिक दफ्तर पर हमला कर दिया। यह दर्शाता है कि युवाओं को कितनी आसानी से गुमराह किया जा सकता है।
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विदेशी कनेक्शन और UAPA
राणा भाऊ के कहने पर आरोपियों ने मौके की वीडियो भी बनाई थी, ताकि वे वीडियो राणा भाऊ तक भेजकर उससे बकाया रकम हासिल कर सकें।
आरोपियों से मोबाइल फोन भी बरामद किए जा चुके हैं। राणा भाऊ के सोशल मीडिया अकाउंट और आरोपियों को की गई ट्रांजेक्शन की UPI आईडी के बारे में तफ्तीश अमल में लाई जा रही है।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। विदेशी संपर्क होने के कारण इनके खिलाफ ‘यूएपीए’ (UAPA) भी लगाया गया है।
24 घंटे में कैसे पकड़े गए?
SSP ने बताया कि इस मामले को ट्रेस करने के लिए बड़े पैमाने पर जांच शुरू की गई। SP इन्वेस्टिगेशन दविंदर अतरी की अगुवाई में DSP संगरूर दलबीर सिंह सिद्धू, DSP भवानीगढ़ सतनाम सिंह, DSP D. संगरूर सुखदेव सिंह, इंस्पेक्टर सुखदीप सिंह और इंस्पेक्टर संदीप सिंह की विभिन्न टीमें बनाई गईं।
इसके अलावा डॉ. सिमरत कौर IPS, AIG काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने भी अहम योगदान दिया।
तफ्तीश के दौरान ह्यूमन एंड टेक्निकल इंटेलिजेंस की मदद से 24 घंटे के अंदर-अंदर वारदात को अंजाम देने वाले दोषियों हैप्पी सिंह उर्फ हैप्पी बासी पिंड भम्माबदी थाना लोंगोवाल और जसप्रीत सिंgh उर्फ जस्सी वासी वार्ड नंबर 12 शहीद ऊधम सिंह बस्ती लहिरा को केस में नामजद करके गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों की उम्र और पृष्ठभूमि
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों में से एक की उम्र 22 साल और दूसरे की उम्र 25 साल है।
समझने वाली बात यह है कि ये दोनों काफी युवा हैं और इनका पहले कोई अपराधिक (क्रिमिनल) रिकॉर्ड फिलहाल सामने नहीं आया है।
यह दर्शाता है कि सामान्य युवकों को सोशल मीडिया के जरिए कैसे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है।
राणा भाऊ कौन है?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राणा भाऊ कौन है और वह विदेश से क्यों भारत में आतंकवादी गतिविधियां करवा रहा है?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, राणा भाऊ एक खालिस्तानी समर्थक है जो विदेश से भारत में आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा है। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गुमराह कर रहा है।
पुलिस उसकी पहचान और ठिकाने का पता लगाने के लिए विदेश स्थित एजेंसियों से संपर्क कर रही है।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग
यह मामला दर्शाता है कि कैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। राणा भाऊ ने सोशल मीडिया के जरिए युवकों से संपर्क किया और उन्हें पैसे का लालच देकर अपराध करने के लिए प्रेरित किया।
अगर गौर करें तो यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है। पंजाब में पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं जहां विदेश से युवाओं को गुमराह किया गया।
पुलिस रिमांड और पूछताछ
इन आरोपियों को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड लिया जाएगा और गहराई से पूछताछ की जाएगी।
पुलिस जानना चाहती है कि क्या राणा भाऊ के संपर्क में और भी युवक हैं? क्या ऐसे और हमले की योजना थी? राणा भाऊ का असली नाम और पता क्या है?
पंजाब में बढ़ता आतंकवाद
यह घटना पंजाब में बढ़ते आतंकवादी खतरे को दर्शाती है। विदेश से बैठे तत्व पंजाब में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
सवाल उठता है कि सरकार इस खतरे से निपटने के लिए क्या कर रही है? क्या सोशल मीडिया पर निगरानी पर्याप्त है?
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाजपा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि यह पंजाब में राजनीतिक असहिष्णुता बढ़ने का संकेत है।
दूसरी ओर, AAP सरकार ने कहा है कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कानून व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
मुख्य बातें (Key Points):
- संगरूर में भाजपा दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला हुआ
- पुलिस ने 24 घंटे में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
- विदेश में बैठे राणा भाऊ के निर्देश पर हमला किया गया
- सिर्फ 2200 रुपए के लालच में युवकों ने अपराध किया
- UAPA के तहत मामला दर्ज, विदेशी लिंक की जांच जारी












