IMD Weather Alert Heavy Rainfall India : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई 2026 को देश के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देखा जाए तो अगले 3-4 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में सक्रिय मॉनसून की स्थिति बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में दक्षिण गुजरात में असाधारण रूप से भारी बारिश (42 सेमी) रिकॉर्ड की गई है। समझने वाली बात यह है कि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, दक्षिण-पूर्व राजस्थान, कोंकण और गोवा में 22 जुलाई को, मध्य महाराष्ट्र में 22-23 जुलाई को और गुजरात क्षेत्र में 22-24 जुलाई तक अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है।
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पिछले 24 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 21 जुलाई सुबह 8:30 बजे से 22 जुलाई सुबह 8:30 बजे तक देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख बारिश के आंकड़े:
| स्थान | बारिश (सेमी) | श्रेणी |
|---|---|---|
| कपराडा, वलसाड (गुजरात) | 42 | असाधारण भारी |
| तमिनी, पुणे (महाराष्ट्र) | 28 | अत्यधिक भारी |
| जगलबेट, उत्तर कन्नड़ (कर्नाटक) | 22 | अत्यधिक भारी |
| कटक (ओडिशा) | 21 | अत्यधिक भारी |
| अमृतसर (पंजाब) | 19 | अति भारी |
| मकसूदानगढ़ (मध्य प्रदेश) | 17 | अति भारी |
| कठुआ (जम्मू-कश्मीर) | 15 | अति भारी |
| धारावी, मुंबई (महाराष्ट्र) | 15 | अति भारी |
अगर गौर करें तो गुजरात के कपराडा में 42 सेमी बारिश का मतलब है कि एक ही दिन में साल भर की बारिश का एक बड़ा हिस्सा बरस गया। यह स्थिति बाढ़, भूस्खलन और जन-जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।
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मौसम प्रणाली: मॉनसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण
IMD ने बताया कि कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं:
सक्रिय मौसम प्रणालियां:
• मॉनसून ट्रफ – समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में
• ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण – उत्तर मध्य प्रदेश के मध्य भागों पर
• पूर्व-पश्चिम शीयर जोन – मध्य भारत में लगभग 22°N अक्षांश के साथ
• पश्चिमी विक्षोभ – जम्मू और आस-पास के क्षेत्रों पर चक्रवाती परिसंचरण
• ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण – उत्तर-पूर्व असम और आस-पास के क्षेत्रों पर
यहां ध्यान देने वाली बात है कि इन सभी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ भारी बारिश हो रही है।
राज्यवार चेतावनी: कहां कितनी बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत:
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में 22-28 जुलाई तक व्यापक बारिश की भविष्यवाणी की है।
• जम्मू-कश्मीर: 22 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश के साथ दक्षिण-पूर्व राजस्थान में भी चरम वर्षा
• हिमाचल प्रदेश: 22 जुलाई को अति भारी बारिश, 23-28 जुलाई तक भारी बारिश जारी
• पंजाब: 22 जुलाई और 27-28 जुलाई को अति भारी बारिश
• हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली: 27-28 जुलाई को अति भारी बारिश
गुजरात-महाराष्ट्र (चरम चेतावनी):
• गुजरात क्षेत्र: 22-24 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा
• मध्य महाराष्ट्र: 22-23 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश
• कोंकण और गोवा: 22 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश
समझने वाली बात यह है कि गुजरात और महाराष्ट्र में “रेड अलर्ट” स्तर की चेतावनी है, जिसका मतलब है “तत्काल कार्रवाई करें”।
मध्य भारत:
• पश्चिम मध्य प्रदेश: 22 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में अत्यधिक भारी बारिश
• पूर्व मध्य प्रदेश: 22-23 जुलाई को अति भारी बारिश
• छत्तीसगढ़: 22-28 जुलाई तक व्यापक बारिश
पूर्वी भारत:
• ओडिशा: 22 जुलाई को अति भारी बारिश, 23-28 जुलाई तक भारी बारिश जारी
• झारखंड: 22-26 जुलाई तक भारी बारिश
• पश्चिम बंगाल: 22-24 जुलाई तक भारी बारिश
• बिहार: 22-24 जुलाई और 27-28 जुलाई को भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत:
• अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय: 22 जुलाई को अति भारी बारिश, 23-28 जुलाई तक भारी बारिश
• नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 22-23 जुलाई को अति भारी बारिश
फ्लैश फ्लड अलर्ट: इन जिलों में खतरा
IMD ने कई जिलों में 23 जुलाई सुबह 11:30 बजे तक फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा बताया है।
गुजरात क्षेत्र (मध्यम से उच्च जोखिम):
दादरा और नगर हवेली, दमन, वलसाड, नवसारी, तापी, सूरत, नर्मदा, भरूच और छोटा उदयपुर जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा।
महाराष्ट्र (मध्यम से उच्च जोखिम):
- मध्य महाराष्ट्र: सतारा, कोल्हापुर, पुणे, अहिल्यानगर, नासिक, धुले और नंदुरबार
- कोंकण और गोवा: मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, पालघर, रायगढ़, सिंधुदुर्ग, ठाणे और रत्नागिरी
उत्तर भारत (पहाड़ी क्षेत्र):
- जम्मू-कश्मीर: कठुआ, डोडा, उधमपुर, रामबन, रियासी, कुलगाम, शोपियां, बडगाम, बारामूला, मुजफ्फराबाद, गांदरबल, बांदीपोरा, पुंछ और कुपवाड़ा
- हिमाचल प्रदेश: सिरमौर, शिमला, मंडी, कांगड़ा और चंबा
- उत्तराखंड: उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत और नैनीताल
पूर्वोत्तर:
- नागालैंड: मोन, लोंगलेंग, मोकोकचुंग, तुएनसांग, वोखा, जुन्हेबोटो, किफिरे, दीमापुर, कोहिमा, फेक और पेरेन
- मणिपुर: सेनापति और उखरूल
- अरुणाचल प्रदेश: तिरप, चांगलांग और अंजॉ
दिलचस्प बात यह है कि ये सभी क्षेत्र पहाड़ी या तटीय हैं जहां अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा अधिक होता है।
दिल्ली-NCR: अगले 4 दिनों का मौसम
22 जुलाई 2026 (आज):
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की कुछ बौछारें
- अलग-अलग स्थानों पर मध्यम बारिश
- दोपहर से रात तक 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से 50 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं
- अधिकतम तापमान: 31-33°C
- न्यूनतम तापमान: 23-26°C
23 जुलाई:
- सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर हल्की बारिश
- शाम से रात तक कुछ स्थानों पर फिर से बारिश
- तापमान: 32-34°C / 23-25°C
24-25 जुलाई:
- आम तौर पर बादल छाए रहेंगे
- सुबह हल्की बारिश की संभावना
- तापमान सामान्य से नीचे रहेगा
मछुआरों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है:
अरब सागर:
- सोमालिया और ओमान तट के साथ 22-27 जुलाई तक
- दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र, कर्नाटक तट पर 22 जुलाई
- गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र तट पर 23-25 जुलाई
बंगाल की खाड़ी:
- ओडिशा तट और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 जुलाई
- मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों पर 26 जुलाई
यहां ध्यान देने वाली बात है कि समुद्र में तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा तक) और ऊंची लहरें (6-14 मीटर तक) का खतरा है।
कृषि पर प्रभाव: किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों के लिए राज्यवार सलाह जारी की है:
जम्मू-कश्मीर:
- मूंग और उड़द की बुवाई तब तक स्थगित करें जब तक मौसम में सुधार न हो
- धान, मक्का, मूंग और उड़द के खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
पंजाब और हरियाणा:
- मूंग की बुवाई भारी बारिश के दौरान न करें
- धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर और मूंगफली के खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करें
- कपास के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालें
उत्तर प्रदेश और बिहार:
- धान, मक्का, तिल और अरहर के खेतों में लगातार जल निकासी बनाए रखें
- सिंचाई, उर्वरक और पौध संरक्षण कार्य स्थगित करें
गुजरात और महाराष्ट्र:
- खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त बारिश का पानी निकालें
- धान की रोपाई तब तक न करें जब तक अतिरिक्त पानी निकल न जाए
ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल:
- धान, दलहन, तिलहन और सब्जियों के खेतों में लगातार जल निकासी सुनिश्चित करें
- नर्सरी की मेड़ों को मजबूत करें
प्रभाव और सुझाई गई कार्रवाई
अपेक्षित प्रभाव:
• सड़कों पर स्थानीय बाढ़ और निचले इलाकों में जल जमाव
• भारी बारिश के कारण दृश्यता में कभी-कभी कमी
• जल जमाव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात व्यवधान
• कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान
• कमजोर संरचनाओं को नुकसान की संभावना
• स्थानीय भूस्खलन/मिट्टी का खिसकना
• जल जमाव के कारण कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान
सुझाई गई कार्रवाई:
• अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने मार्ग पर यातायात की स्थिति जांचें
• इस संबंध में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें
• उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जल जमाव होता है
• कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
रंग-कोडित चेतावनी प्रणाली
IMD चार रंगों की चेतावनी प्रणाली का उपयोग करता है:
| रंग | अर्थ | कार्रवाई |
|---|---|---|
| हरा | कोई चेतावनी नहीं | कोई कार्रवाई नहीं |
| पीला | सतर्क रहें | सावधान रहें |
| नारंगी | तैयार रहें | कार्रवाई के लिए तैयार रहें |
| लाल | चेतावनी | तुरंत कार्रवाई करें |
कहने का मतलब साफ है – नारंगी और लाल चेतावनी वाले क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई आवश्यक है।
दक्षिण भारत: कम बारिश की स्थिति
जबकि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश हो रही है, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 7 दिनों तक कम बारिश की स्थिति जारी रहने की संभावना है।
केवल तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 24-28 जुलाई के दौरान व्यापक बारिश की उम्मीद है।
मुख्य बातें (Key Points)
• गुजरात के कपराडा में 42 सेमी असाधारण भारी बारिश, महाराष्ट्र, ओडिशा, कर्नाटक में भी अत्यधिक वर्षा
• जम्मू-कश्मीर, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात में अगले 2-3 दिन अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी
• गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में फ्लैश फ्लड का खतरा
• दिल्ली-NCR में 22-23 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश, 50 किमी/घंटा तक तेज हवाएं
• मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह
• किसानों को खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करने और बुवाई/सिंचाई स्थगित करने की सलाह
• मॉनसून ट्रफ, चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ एक साथ सक्रिय
• अगले 3-4 दिन सक्रिय मॉनसून की स्थिति











