Sikkim Landslide Tunnel Collapse: सिक्किम के नामची जिले में मंगलवार को एक निर्माणाधीन हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की समरदुंग सुरंग पर भारी मलबा गिर गया, जिससे इसका मुख्य प्रवेश द्वार पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस हादसे में सुरंग के अंदर काम कर रहे 27 मजदूर फंस गए हैं।
नामची की जिला कलेक्टर (DC) अनूपा तामलिंग के अनुसार फंसे हुए मजदूरों की सही संख्या का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि सुरंग के अंदर मीथेन गैस लीक होने की आशंका के कारण बचाव कार्य में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं।
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मीथेन गैस लीक से बचाव टीम के सदस्य बेहोश
घटना की जानकारी मिलते ही NDRF, SDRF, जिला पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत और बचाव कार्यों के लिए मौके पर पहुंच गईं। लेकिन सुरंग के अंदर ढिगांमेंट गिरने से मीथेन गैस के रिसाव की आशंका है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर काफी कम हो गया है।
बचाव कार्यों के दौरान अंदर जाने वाले कई बचाव कर्मचारियों को चक्कर आने लगे और कुछ बचाव कर्मी बेहोश भी हो गए। समझने वाली बात है कि मीथेन गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, लेकिन यह बेहद खतरनाक है। यह ऑक्सीजन की कमी कर देती है और इससे दम घुटने का खतरा रहता है।
इस कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब गैस मास्क पहनकर मजदूरों तक पहुंचने की कोशिशें की जा रही हैं।
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प्रशासन ने कई टीमों की ड्यूटी लगाई
देखा जाए तो यह सिक्किम में इस तरह का पहला हादसा नहीं है। पहाड़ी राज्यों में निर्माण कार्य के दौरान भूस्खलन और सुरंग हादसे होते रहते हैं। लेकिन इस बार मीथेन गैस की समस्या ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
प्रशासन ने मजदूरों को बाहर निकालने के लिए कई टीमों की ड्यूटी लगा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले गैस के स्तर को नियंत्रित करना होगा, उसके बाद ही अंदर जाकर मजदूरों को सुरक्षित बाहर लाया जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि फंसे मजदूरों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। अगर संपर्क हो जाता है तो उन्हें ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जाएगा।
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उत्तराखंड सुरंग हादसे की याद
यह हादसा उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग हादसे की याद दिलाता है, जहां नवंबर 2023 में 41 मजदूर 17 दिनों तक फंसे रहे थे। उस समय भी बचाव कार्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन अंततः सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
सिक्किम के इस मामले में भी विशेषज्ञों को उम्मीद है कि जल्द ही मजदूरों को बचा लिया जाएगा। लेकिन मीथेन गैस की समस्या चिंता का विषय बनी हुई है।
निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट में सुरक्षा के सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाइड्रो प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले मजदूरों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए जाते।
पर्यावरणविदों ने भी कई बार चेताया है कि पहाड़ी इलाकों में अंधाधुंध सुरंग निर्माण से भूस्खलन का खतरा बढ़ता है। सिक्किम जैसे संवेदनशील क्षेत्र में तो और भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
• सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन समरदुंग सुरंग पर मलबा गिरा
• सुरंग के अंदर 27 मजदूर फंसे हुए हैं
• मीथेन गैस लीक होने से ऑक्सीजन का स्तर कम, बचाव मुश्किल
• कई बचाव कर्मी चक्कर और बेहोशी का शिकार हुए
• NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं
• गैस मास्क पहनकर मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश जारी
• उत्तराखंड सिलक्यारा सुरंग हादसे की याद ताजा













