ED US Visa Fraud Case: एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने अमेरिकी इमीग्रेशन और वीजा धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में जालंधर की विशेष अदालत (PMLA) के समक्ष चार्जशीट दायर की है। यह मामला Red Leaf Immigration Private Limited, अमनदीप सिंह, पूनम रानी, अंकुर कुमार केहर, नितिन विज, कमलजोत कंसल, मैसर्ज ओवरसीज पार्टनर और मैसर्ज रुद्र कंसल्टेंसी सर्विसेज के खिलाफ Prevention of Money Laundering Act (PMLA) की धाराओं के तहत दर्ज है।
हैरान करने वाली बात यह है कि इस संगठित रैकेट में आरोपियों ने उन वीजा बिनैकारों को निशाना बनाया जिनके पास जरूरी शैक्षणिक योग्यता या आर्थिक क्षमता नहीं थी। इसका मतलब साफ है: कमजोर सपनों का फायदा उठाकर मोटी रकम वसूली गई।
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कैसे चलता था यह वीजा फ्रॉड रैकेट?
ED की जांच से पता चला है कि अमनदीप सिंह और पूनम रानी द्वारा संचालित Red Leaf Immigration ने एक योजनाबद्ध तरीके से इमीग्रेशन धोखाधड़ी का रैकेट चलाया। यह रैकेट इस तरह काम करता था:
बिनैकारों से मोटी रकम वसूलकर जाली विदेशी डिग्रियां, नकली वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट और फर्जी वित्तीय दस्तावेज तैयार किए जाते थे। विदेशी यूनिवर्सिटीज और वीजा अधिकारियों के साथ सारा संवाद आरोपियों द्वारा कंट्रोल किए जाने वाले ईमेल अकाउंट्स से होता था। यानी बिनैकार को अपनी ही अर्जी की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी तक नहीं होती थी।
अगर गौर करें तो यह सिर्फ जाली कागज बनाने का मामला नहीं था। यह एक पूरी तरह नियंत्रित धोखाधड़ी की फैक्ट्री थी जिसमें हर कड़ी को सोच-समझकर जोड़ा गया था।
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154 बिनैकारों के खातों में कुछ घंटों के लिए जमा हुए ₹40 लाख
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। अंकुर कुमार केहर की मैसर्ज ओवरसीज पार्टनर और नितिन विज की मैसर्ज रुद्र कंसल्टेंसी ने मिलीभुगत करके 154 वीजा बिनैकारों के बैंक खातों में अस्थायी तौर पर करीब ₹40 लाख जमा कराए। यह पैसा सिर्फ कुछ समय के लिए खातों में डाला जाता था ताकि वित्तीय क्षमता का झूठा सबूत पेश किया जा सके, और फिर तुरंत वापस निकाल लिया जाता था।
इस फर्जी फंड अरेंजमेंट के बदले प्रत्येक बिनैकार से करीब ₹40,000 वसूले गए।
वहीं कमलजोत कंसल की मैसर्ज इनफोविज सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन ने उन बिनैकारों के लिए जाली ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किए जिन्होंने कभी कोई ट्रेनिंग या रोजगार हासिल ही नहीं किया था। जब्त की गई डायरियों और आपराधिक रिकॉर्ड ने नकद के बदले जाली रोजगार दस्तावेज बनाने की पुष्टि की है।
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ED की तलाशी में क्या-क्या मिला?
फरवरी 2025 में ED ने PMLA की धारा 17 के तहत आरोपियों से जुड़े कई परिसरों और लॉकरों की तलाशी ली। इसमें जो मिला वह पूरी कहानी बयान करता है:
| जब्त सामग्री | विवरण |
|---|---|
| आपराधिक दस्तावेज | जाली सर्टिफिकेट और फर्जी कागजात |
| डिजिटल उपकरण | मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिवाइस |
| बेहिसाब नकदी | ₹19 लाख |
| सोने की ईंट | लगभग 1 किलो वजनी |
| डायरियां | गैर-कानूनी लेनदेन के रिकॉर्ड |
₹2.14 करोड़ की अपराध से कमाई की पहचान
ED की जांच ने कुल ₹2.14 करोड़ की अपराध से कमाई (Proceeds of Crime) की पहचान की है:
| कंपनी/संस्था | राशि |
|---|---|
| Red Leaf Immigration Pvt Ltd | ₹1.37 करोड़ |
| Overseas Partner और Rudra Consultancy | ₹61.60 लाख |
| Infoviz Software Solution | ₹15 लाख |
ED ने PMLA के तहत ₹2.14 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर अटैच/फ्रीज किया है, जिसमें आवासीय संपत्तियां और बैंक बैलेंस शामिल हैं।
इस मामले से क्या सबक मिलता है?
यह मामला उन हजारों युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो विदेश जाने के चक्कर में बिना जांचे-परखे एजेंटों पर भरोसा कर लेते हैं। जो एजेंट बिना योग्यता के वीजा दिलाने का वादा करें, उनसे सतर्क रहना जरूरी है। अमेरिकी दूतावास की शिकायतों के आधार पर पंजाब पुलिस और दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की थीं, जिनके आधार पर ED ने यह जांच शुरू की थी।
मुख्य बातें (Key Points)
- ED ने जालंधर की विशेष अदालत में अमेरिकी वीजा फ्रॉड मामले में PMLA के तहत Red Leaf Immigration समेत 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की।
- 154 वीजा बिनैकारों के खातों में अस्थायी तौर पर ₹40 लाख जमा कराकर वित्तीय क्षमता का झूठा सबूत पेश किया गया; प्रत्येक बिनैकार से ₹40,000 वसूले गए।
- ₹2.14 करोड़ की अपराध से कमाई की पहचान हुई और उतनी ही राशि की संपत्तियां अटैच/फ्रीज की गई हैं; तलाशी में ₹19 लाख नकदी और 1 किलो सोने की ईंट भी जब्त हुई।
- यह रैकेट जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्र, नकली अनुभव सर्टिफिकेट और फर्जी वित्तीय दस्तावेज बनाकर अमेरिकी स्टूडेंट और विजिटर वीजा हासिल करने की सुनियोजित साजिश था।













