Old Pension Scheme Update: अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं, NPS के तहत आते हैं या Old Pension Scheme (OPS) का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए, जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले नौकरी के लिए आवेदन किया था और अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पाई थी।
दरअसल, Council of Scientific and Industrial Research (CSIR) ने एक नया मेमोरेंडम जारी किया है। यह आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया, जिसमें अनुकंपा के आधार पर हुई नियुक्तियों को CCS (पेंशन) नियमों के तहत शामिल किए जाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।
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CSIR ने क्या कहा?
CSIR के अनुसार कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 22 जून को जारी ऑफिस मेमोरेंडम को सभी CSIR लैब, संस्थानों और इकाइयों में जानकारी, अनुपालन और आगे की कारवाई के लिए भेज दिया गया है।
देखा जाए तो यह उन हजारों NPS कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है जो सालों से Old Pension Scheme की मांग कर रहे थे।
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किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
इस फैसले पर All India NPS Employees Federation ने खुशी जताई है। फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि यह उन NPS कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो केंद्रीय स्वायत्त संस्थानों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त हुए हैं और जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले नौकरी के लिए आवेदन किया था।
समझने वाली बात यह है कि यह फैसला सभी NPS कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि केवल एक विशेष श्रेणी के लिए है।
| पात्रता शर्तें | विवरण |
|---|---|
| आवेदन तिथि | 1 जनवरी 2004 से पहले |
| नियुक्ति का आधार | अनुकंपा नियुक्ति |
| संगठन | केंद्रीय स्वायत्त संस्थान (CSIR आदि) |
| वर्तमान पेंशन योजना | NPS के तहत |
आगे क्या होगा?
उनके अनुसार CSIR ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी व्यवस्था अन्य केंद्रीय स्वायत्त संस्थानों में भी लागू हो सकती है।
हालांकि उन्होंने सरकार के सामने एक और महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया है। मनजीत सिंह पटेल ने कहा कि Death और Disability के मामलों में UPS और UPS (Unified Pension Scheme) का विकल्प अभी तक केंद्रीय स्वायत्त संस्थानों में लागू नहीं किया गया है।
अगर गौर करें तो यह एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि किसी कर्मचारी की असमय मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में उसके परिवार को पेंशन सुरक्षा नहीं मिल पाती।
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मंत्री से की मांग
उन्होंने केंद्रीय कार्मिक और पेंशन मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से इस लंबित मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है ताकि संबंधित कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर पेंशन सुरक्षा मिल सके।
दिलचस्प बात यह है कि यह मांग कई महीनों से उठाई जा रही थी, लेकिन अब इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
8वें वेतन आयोग से कनेक्शन
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 8वें वेतन आयोग को लेकर भी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। कई कर्मचारी मानते हैं कि वेतन संशोधन के साथ-साथ पेंशन से जुड़े लंबित मामलों पर भी सरकार को प्राथमिकता से निर्णय लेना चाहिए।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि 8वां वेतन आयोग 2026 में गठित होने की संभावना है और इसका लाभ 2027 से मिलना शुरू हो सकता है।
NPS बनाम OPS: क्या है अंतर?
Old Pension Scheme (OPS):
- आखिरी वेतन का 50% पेंशन
- कोई योगदान नहीं (सरकार देती है पूरी पेंशन)
- महंगाई भत्ता (DA) भी मिलता है
- आजीवन सुरक्षित पेंशन
New Pension Scheme (NPS):
- कर्मचारी के वेतन का 10% योगदान
- सरकार का 14% योगदान
- बाजार में निवेश (रिटर्न गारंटी नहीं)
- रिटायरमेंट पर 60% एकमुश्त, 40% से annuity
| पहलू | OPS | NPS |
|---|---|---|
| कर्मचारी का योगदान | कोई नहीं | 10% |
| पेंशन की गारंटी | हाँ | नहीं |
| DA मिलता है | हाँ | नहीं |
| बाजार जोखिम | नहीं | हाँ |
महत्वपूर्ण सूचना
फिलहाल यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह प्रक्रिया CSIR द्वारा अपने संस्थानों में संबंधित मेमोरेंडम के अनुपालन के लिए शुरू की गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी NPS कर्मचारियों के लिए OPS लागू होने का फैसला हो गया है।
आगे क्या बदलाव होते हैं, यह सरकार और संबंधित विभाग के आगामी निर्णयों पर निर्भर करेगा। लेकिन यह शुरुआत निश्चित रूप से सकारात्मक है।
मुख्य बातें (Key Points):
- CSIR ने अनुकंपा नियुक्त NPS कर्मचारियों को CCS पेंशन नियम में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की
- यह लाभ 1 जनवरी 2004 से पहले आवेदन करने वालों को मिलेगा
- Death और Disability के मामलों में UPS का विकल्प अभी लागू नहीं
- NPS फेडरेशन ने मंत्री से जल्द निर्णय की मांग की
- यह फैसला सभी NPS कर्मचारियों के लिए नहीं, केवल विशेष श्रेणी के लिए













