Anganwadi Worker Attack Punjab: पंजाब के डेराबस्सी नजदीक पिंड बड़ाणा की आंगनवाड़ी वर्कर गुरदीप कौर ने दोष लगाया है कि पंजाब सरकार की मावां धीआं स्कीम के तहत पिंड वासियों के फॉर्म ऑनलाइन अपलोड करने के दौरान कुछ लोगों द्वारा उस पर और उसके बेटे पर जानलेवा हमला किया गया।
पीड़ित वर्कर के मुताबिक, मोबाइल ऐप की गति धीमी होने के कारण जब उसने आवेदकों को कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा, तो इसी बात से नाराज होकर कुछ व्यक्तियों ने उनके घर के अंदर घुसकर यह वारदात को अंजाम दिया।
देखा जाए तो सरकारी योजना के फॉर्म भरने जैसे छोटे मुद्दे पर यह हिंसा चौंकाने वाली है। यह दर्शाता है कि समाज में धैर्य और सहनशीलता कितनी कम हो गई है।
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घर में घुसकर की गई बेरहमी से कुटमार
प्राप्त जानकारी के अनुसार विधवा गुरदीप कौर ने बताया कि पिंड के ही कुलदीप सिंह, उसकी पत्नी बलजिंदर कौर, बेटा रविंदर सिंह और बहू राजविंदर कौर ने कथित तौर पर उनके घर आकर उनके साथ बेरहमी से कुटमार की।
इस अचानक हुए हमले में वह और उसका बेटा गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल डेराबस्सी में भर्ती करवाया गया है, जहां वे इलाज के दौरान हैं।
अगर गौर करें तो यह हमला सरकारी कर्मचारी पर हुआ है जो अपने कर्तव्य का पालन कर रही थी।
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CDPO ने अस्पताल पहुंचकर लिया हाल-चाल
घटना की सूचना मिलते ही CDPO डेराबस्सी सुमन लता तुरंत अस्पताल पहुंचीं और जख्मियों का हाल-चाल पूछा। उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों के ध्यान में सारा मामला लाकर पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने और कार्रवाई करने का पूरा भरोसा दिलाया।
समझने वाली बात यह है कि विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है, लेकिन सवाल यह है कि ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं?
आंगनवाड़ी यूनियन ने दी कड़ी चेतावनी
इस दौरान, आंगनवाड़ी मुलाजम यूनियन की जिला प्रधान गुरप्रीत कौर ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने उनकी आंगनवाड़ी वर्कर को जल्द इंसाफ नहीं दिलाया, तो समूची यूनियन तीखा संघर्ष छेड़ने के लिए मजबूर होगी।
उन्होंने आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर यूनियन आंदोलन पर उतरी, तो पूरे जिले में आंगनवाड़ी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
पुलिस जांच: वीडियो सबूत मौजूद
गुरदीप कौर ने पुलिस को दी शिकायत में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करके तुरंत केस दर्ज करने की मांग की है। उनका दावा है कि घटना की वीडियो और CDPO कार्यालय से संबंधित वीडियो भी सबूत के रूप में पुलिस को सौंप दी गई है।
खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस शिकायत की बारीकी से जांच की जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की पड़ताल के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दिलचस्प बात यह है कि वीडियो सबूत मौजूद होने के बावजूद अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है।
मावां धीआं योजना: लाभ या परेशानी?
पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी मावां धीआं योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। लेकिन इस योजना के फॉर्म भरने और सत्यापन की प्रक्रिया में कई बार तकनीकी समस्याएं आ रही हैं।
योजना से जुड़ी समस्याएं:
| समस्या | प्रभाव |
|---|---|
| ऐप धीमा चलना | लंबी प्रतीक्षा |
| दस्तावेज सत्यापन में देरी | आवेदक नाराज |
| आंगनवाड़ी वर्कर पर दबाव | तनाव बढ़ना |
| अप्रशिक्षित स्टाफ | गलतियां होना |
समझने वाली बात यह है कि योजना अच्छी है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में कमियां हैं।
सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। आंगनवाड़ी वर्कर अक्सर अकेले या कम सुरक्षा में काम करती हैं।
अगर गौर करें तो यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि एक सरकारी कर्मचारी की मेहनत और सेवा का अपमान है।
मुख्य बातें (Key Points)
✔️ पिंड बड़ाणा की आंगनवाड़ी वर्कर गुरदीप कौर और उसके बेटे पर हमला
✔️ मावां धीआं योजना के फॉर्म भरने में देरी पर नाराजगी
✔️ आरोपी: कुलदीप सिंह, बलजिंदर कौर, रविंदर सिंह, राजविंदर कौर
✔️ दोनों सिविल अस्पताल डेराबस्सी में भर्ती
✔️ CDPO डेराबस्सी ने अस्पताल पहुंचकर हाल-चाल लिया
✔️ आंगनवाड़ी यूनियन ने इंसाफ न मिलने पर संघर्ष की चेतावनी
✔️ घटना की वीडियो सबूत पुलिस को सौंपी गई













