Punjab VB-G RAM G Scheme 2026: पंजाब सरकार ने सूबे में ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ [VB-G RAM G] स्कीम, पंजाब 2026 को नोटिफाई कर दिया है। और बस यहीं से शुरू हुआ एक बड़े विवाद का नया मोड़। यह फैसला इस लिहाज से बेहद हैरानीजनक है क्योंकि कुछ महीने पहले ही पंजाब विधानसभा में इस कानून का सर्वसम्मति से तीखा विरोध किया गया था।
देखा जाए तो इस ताजा नोटिफिकेशन के जारी होने से अब केंद्र सरकार का यह नया पेंडू रोजगार कानून 1 जुलाई से पूरे सूबे में आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Voter List Update 2026: 24,453 BLOs ने शुरू की घर-घर गणना, CEO अनिंदिता मित्रा ने खुद भरा फॉर्म
क्या है VB-G RAM G योजना? MGNREGA से कैसे अलग?
पेंडू विकास और पंचायत विभाग की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, इस योजना को ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ के उपबंधों के तहत नोटिफाई किया गया है।
समझने वाली बात यह है कि नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इस स्कीम का मुख्य मकसद पंजाब के पेंडू विकास ढांचे को केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत@2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुकूल बनाना है।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab SC Commission से Ravneet Bittu ने मांगी लिखित माफी, धार्मिक स्थलों पर जाने का हुक्म
मुख्य अंतर:
- MGNREGA: 100 दिन रोजगार की गारंटी
- VB-G RAM G: 125 दिन रोजगार की गारंटी
इसके तहत अब पेंडू परिवारों के बालिग सदस्यों को, जो शारीरिक मेहनत (अकुशल काम) करने के इच्छुक हैं, हर वित्तीय साल में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी।
दिसंबर 2025: जब विधानसभा ने किया था विरोध
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह नोटिफिकेशन पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) की अगुवाई वाली सरकार की नीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
दिसंबर 2025 में, पंजाब विधानसभा ने एकमत से मता पास करके इस नए कानून को वापस लेने और MGNREGA को उसके असल अधिकार-आधारित रूप में बहाल रखने की मांग की थी।
अगर गौर करें तो राज्य विधानसभा ने केंद्र सरकार से इस एक्ट को तुरंत रद्द करने और MGNREGA के तहत मजदूरों के लिए गारंटीशुदा काम और दिहाड़ी को बरकरार रखने की अपील की थी।
उस समय राज्य सरकार ने इस प्रस्तावित कानून को सीधे तौर पर “मजदूर-विरोधी” और “लोक-विरोधी” करार दिया था।
💡 यह भी पढ़ें- Rule Change From 1st March 2026: LPG, CNG, WhatsApp, UPI, Train Ticket – जानें क्या सस्ता क्या महंगा
सरकार का पुराना रुख बनाम नया फैसला
दिलचस्प बात यह है कि पहले पंजाब सरकार ने दोष लगाया था कि MGNREGA को बदलने से दलित मजदूरों, पेंडू कामगारों और इस रोजगार गारंटी प्रोग्राम पर निर्भर आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के हितों को बड़ी चोट लगेगी।
लेकिन अब वही सरकार इसे नोटिफाई कर रही है। यह एक 180 डिग्री का policy U-turn है।
1 जुलाई से लागू: क्या बदलेगा जमीन पर?
गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह योजना पूरे सूबे के सारे नोटिफाइड पेंडू क्षेत्रों में 1 जुलाई से पूरी तरह प्रभावशाली होगी।
पंजाब के राजपाल की ओर से केंद्रीय एक्ट की धारा 3(1) के तहत इस योजना को प्रवानगी दी गई है।
यह नई स्कीम मुख्य तौर पर:
- रोजगार के मौके पैदा करने
- विकास
- पेंडू क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के संतुलन (Saturation) पर केंद्रित है
समझने वाली बात यह है कि पहले चल रही MGNREGA योजना के 100 दिनों के रोजगार की हद को बढ़ाकर अब 125 दिन सालाना कर दिया गया है।
MGNREGA vs VB-G RAM G: विस्तृत तुलना
| पहलू | MGNREGA | VB-G RAM G |
|---|---|---|
| रोजगार दिन | 100 दिन/वर्ष | 125 दिन/वर्ष |
| शुरुआत | 2005 | 2025-26 |
| फोकस | रोजगार गारंटी (Rights-based) | विकास + रोजगार (Saturation approach) |
| केंद्रीय विजन | ग्रामीण रोजगार | विकसित भारत@2047 |
| नाम | महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम | विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन |
विपक्ष और कार्यकर्ताओं की चिंता
विपक्षी दल और मजदूर संगठन इस बदलाव को लेकर चिंतित हैं। उनके मुख्य सवाल:
क्या यह सच में बेहतर है?
- 25 दिन ज्यादा रोजगार तो मिल रहा है
- लेकिन क्या मजदूरी समय पर मिलेगी?
- क्या काम की गुणवत्ता बरकरार रहेगी?
Rights-based से Scheme-based में बदलाव:
- MGNREGA एक अधिकार-आधारित कानून था
- नई योजना एक स्कीम-आधारित प्रोग्राम है
- इसमें अधिकार की भावना कमजोर हो सकती है
विकेंद्रीकरण का सवाल:
- पंचायतों की भूमिका क्या होगी?
- ग्राम सभाओं की शक्तियां कमजोर होंगी या मजबूत?
आखिर क्यों बदला गया MGNREGA?
केंद्र सरकार का तर्क है कि:
- MGNREGA 2005 में बना था, अब 2025 है
- नए भारत के लिए नया विजन चाहिए
- केवल मजदूरी देना काफी नहीं, skill development भी जरूरी है
- विकसित भारत@2047 के vision के अनुकूल बनाना जरूरी है
लेकिन आलोचकों का कहना है:
- यह एक tested and proven system को तोड़ना है
- MGNREGA ने करोड़ों गरीबों को सहारा दिया
- इसे सुधारना था, खत्म करना नहीं
पंजाब में क्या है खास स्थिति?
पंजाब में MGNREGA की मांग अपेक्षाकृत कम है क्योंकि:
- यहां कृषि मजदूरी ज्यादा मिलती है
- पंजाब अपेक्षाकृत समृद्ध राज्य है
- लोग MGNREGA के बजाय निजी sector में काम करना पसंद करते हैं
फिर भी, दलित समुदाय, भूमिहीन मजदूर, और महिलाएं इस पर बहुत निर्भर हैं।
राजनीतिक गणित: AAP सरकार की मुश्किल स्थिति
यह नोटिफिकेशन AAP सरकार के लिए राजनीतिक रूप से मुश्किल है:
एक तरफ:
- केंद्र सरकार ने यह कानून पास किया है
- राज्यपाल ने मंजूरी दी है
- इसे लागू करना अनिवार्य है
दूसरी तरफ:
- विधानसभा ने विरोध किया था
- AAP ने खुद इसे “मजदूर-विरोधी” कहा था
- अब लागू करने से विरोधाभास दिखेगा
आगे क्या होगा?
1 जुलाई से यह योजना लागू हो जाएगी। लेकिन जमीन पर क्या असर होगा, यह देखना बाकी है।
देखने वाली बातें:
- क्या सच में 125 दिन का रोजगार मिलेगा?
- मजदूरी की दरें क्या होंगी?
- भुगतान में देरी तो नहीं होगी?
- किस तरह के काम होंगे?
- ग्राम पंचायतों की भूमिका क्या होगी?
समझने वाली बात यह है कि सरकार का दावा है कि यह बेहतर योजना है। लेकिन मजदूर संगठन और विपक्ष इसे MGNREGA को कमजोर करने की साजिश बता रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points):
- पंजाब सरकार ने VB-G RAM G योजना 2026 नोटिफाई की
- 1 जुलाई 2026 से पूरे पंजाब में लागू होगी
- MGNREGA की जगह लेगी, 100 की बजाय 125 दिन रोजगार
- दिसंबर 2025 में पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से इसका विरोध किया था
- AAP सरकार ने पहले इसे “मजदूर-विरोधी” कहा था, अब लागू कर रही है
- विकसित भारत@2047 के विजन से जुड़ी है यह योजना
- दलित मजदूर, पेंडू कामगार और कमजोर परिवार प्रभावित होंगे













