LIVE | ...
शनिवार, 27 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - NCERT Textbook में बड़ा बदलाव: अब 9वीं की किताब में यह भी पढ़ाया जाएगा

NCERT Textbook में बड़ा बदलाव: अब 9वीं की किताब में यह भी पढ़ाया जाएगा

वोटर सूची के 'विशेष तीव्र सुधार' को अब NCERT की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में शामिल किया गया, विपक्ष के विवाद के बीच चुनाव आयोग की तारीफ

Ajay Kumar by Ajay Kumar
शुक्रवार, 26 जून 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय
A A
0
NCERT Textbook
104
SHARES
691
VIEWS
ShareShareShareShareShare

NCERT Textbook Syllabus: वोटर सूचियों की ‘विशेष तीव्र सुधार’ (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया को अब NCERT की 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में शामिल किया गया है। इस नई पुस्तक में ‘SIR’ को एक ऐसी अभ्यास प्रक्रिया के रूप में दर्शाया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी योग्य नागरिक वोटर सूची से वंचित न रहे और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम इसमें शामिल न हो सके।

देखा जाए तो यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब SIR प्रक्रिया को लेकर देश में गहरा राजनीतिक विवाद चल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस प्रक्रिया के तहत अब तक करीब 6 करोड़ नाम वोटर सूची से हटाए जा चुके हैं, जिसके कारण विपक्षी दलों और भारतीय चुनाव आयोग के बीच काफी राजनीतिक तल्खी देखने को मिली है।

🔍 यह भी पढ़ें- NCERT Preparation UPSC: SMART Model से कैसे शुरू करें तैयारी, जानें सही रणनीति

नई पाठ्यपुस्तक में क्या शामिल किया गया?

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की इस नई पाठ्यपुस्तक में फेक न्यूज, गलत जानकारी और डराने-धमकाने जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद देश में निष्पक्ष और पक्षपात रहित चुनाव करवाने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की खूब प्रशंसा की गई है।

‘Understanding Society: India and Beyond’ शीर्षक वाली इस पुस्तक के एक हिस्से में लिखा गया है, “चुनाव आयोग विशेष तीव्र सुधार (SIR) भी करवाता है, जिसमें वोटर सूचियों को अपडेट, सत्यापित और संशोधित किया जाता है।”

समझने वाली बात यह है कि पुस्तक में आगे लिखा है, “SIR के माध्यम से यह सुनिश्चित बनाया जाता है कि कोई भी योग्य नागरिक पीछे न छूटे और कोई अयोग्य व्यक्ति वोटर सूची में शामिल न हो। यह प्रक्रिया विशेष रूप से उन नए मतदाताओं के नाम जोड़ने में मदद करती है जो अभी-अभी 18 साल के हुए हैं और जागरूकता की कमी या किसी अन्य कारण से वोटर बनने से रह सकते हैं।”

🔍 यह भी पढ़ें- May 3 History: Lady Gaga के रिकॉर्ड Concert से लेकर जानें इतिहास की 10 बड़ी घटनाएं

किन आधार पर हटाए जाते हैं नाम?

पुस्तक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस प्रक्रिया के तहत वोटर की मृत्यु, निवास बदलने, दोहरे पंजीकरण (duplicate enrolment) और स्थायी रूप से पता न मिलने के आधार पर ही नाम सूची से काटे जाते हैं।

अगर गौर करें तो आयोग इन पर आपत्ति उठाने का पूरा समय देता है। यानी अचानक से किसी का नाम नहीं काटा जाता।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पुरानी 9वीं कक्षा की पुस्तक में चुनाव राजनीति के अध्याय में वोटर सूचियों के बारे में सिर्फ इतना ही लिखा था कि “वोटर सूची का संपूर्ण संशोधन हर पांच साल बाद होता है ताकि इसे अपडेट रखा जा सके।”

हैरान करने वाली बात यह है कि नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के तहत संशोधित इस नई पाठ्यपुस्तक में भारत की चुनाव प्रक्रिया के विशाल स्तर को उभारा गया है।

💡 यह भी पढ़ें- PM Kisan 23वीं किस्त: खाते में पैसा नहीं आया? तुरंत करें ये काम

SIR अभियान का इतिहास और विवाद

इस विशेष अभियान की शुरुआत पिछले साल 24 जून को बिहार विधानसभा चुनावों से पहले एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। इसके नतीजे के रूप में वोटर सूची में बड़ी छंटनी हुई और करीब 65 लाख नाम सूची से हटा दिए गए थे।

उस समय विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीखे सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग सत्ताधारी भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और जरूरी दस्तावेजों की कमी का बहाना बनाकर नागरिकों को वोट के अधिकार से वंचित कर रहा है।

चिंता का विषय यह है कि यह अभियान अब तक अपना एक साल पूरा कर चुका है और देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार जारी है। इस दौरान करीब 6 करोड़ नाम वोटर सूची से हटाए गए हैं।

देखा जाए तो यह संख्या बेहद बड़ी है। कुछ राज्यों में तो 10-15% तक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए।

भारत की चुनाव प्रक्रिया का वर्णन

नई पाठ्यपुस्तक में भारत के चुनाव अभ्यास को विश्व में बेमिसाल बताया गया है। पुस्तक के अनुसार, 96.8 करोड़ से अधिक योग्य मतदाताओं के साथ भारत का चुनाव अभ्यास पूरी दुनिया में बेमिसाल और विलक्षण है।

‘मुफ्त और निष्पक्ष चुनावों के सामने चुनौतियां’ शीर्षक के तहत बताया गया है कि विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में फैले हजारों पोलिंग स्टेशनों और सैकड़ों राजनीतिक दलों के साथ चुनाव करवाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है।

समझने वाली बात यह है कि पुस्तक में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता की प्रशंसा की गई है, जबकि हकीकत में इसी SIR प्रक्रिया को लेकर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विपक्ष के आरोप क्या हैं?

विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR के नाम पर व्यवस्थित तरीके से खास समुदायों और इलाकों के मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है। कांग्रेस, आप और अन्य विपक्षी दलों ने कई बार इस मुद्दे को उठाया है।

उनका कहना है कि:

यह भी पढे़ं 👇

Baljit Kaur

Punjab Rural Development में बड़ा कदम: SC गांवों के लिए 72.21 करोड़ जारी

शनिवार, 27 जून 2026
Punjab Drug Free Campaign

Punjab Drug Free Campaign में बड़ा कदम: सूरमा मुहिम से बदलेगी तस्वीर

शनिवार, 27 जून 2026
India's First Private Gold Mine

India’s First Private Gold Mine शुरू: क्या बदलेगी देश की Gold Economy?

शनिवार, 27 जून 2026
Maharashtra TET Paper Leak

Maharashtra TET Paper Leak: पेपर लीक के शक में TET Exam मुलतवी, भिवंडी में पुलिस रेड

शनिवार, 27 जून 2026
  • बिना पर्याप्त नोटिस दिए नाम हटाए जा रहे हैं
  • आपत्ति दर्ज करने का उचित समय और तरीका नहीं दिया जा रहा
  • खास इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है
  • दस्तावेजों की मांग अनुचित और जटिल है

हैरान करने वाली बात यह है कि इन सभी विवादों के बीच ही इस प्रक्रिया को NCERT की पाठ्यपुस्तक में सकारात्मक रूप से पेश किया गया है।

शिक्षा का राजनीतिकरण?

कुछ शिक्षाविदों और विश्लेषकों का मानना है कि विवादित मुद्दों को पाठ्यपुस्तकों में इस तरह से शामिल करना शिक्षा के राजनीतिकरण का उदाहरण है।

उनका तर्क है कि जब कोई मुद्दा अभी भी विवाद में है और उस पर राजनीतिक बहस जारी है, तो उसे स्कूली पाठ्यक्रम में तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं है।

दूसरी ओर, सरकार और NCERT का पक्ष है कि छात्रों को भारत की चुनावी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत और अपडेटेड जानकारी देना जरूरी है।

राहत की बात यह है कि पुस्तक में यह भी बताया गया है कि किन आधारों पर नाम हटाए जाते हैं और आपत्ति का अधिकार भी है।

NCF के तहत अन्य बदलाव

नए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCF) के तहत NCERT की कई पुस्तकों में बड़े बदलाव किए गए हैं। कुछ ऐतिहासिक घटनाओं की व्याख्या बदली गई है, कुछ नए विषय जोड़े गए हैं और कुछ पुराने हटाए गए हैं।

यह SIR प्रक्रिया का समावेश भी उसी सिलसिले का हिस्सा है।


मुख्य बातें (Key Points)

  • NCERT की 9वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान पुस्तक में वोटर सूची की SIR प्रक्रिया शामिल की गई
  • पुस्तक में चुनाव आयोग की प्रशंसा की गई है, फेक न्यूज जैसी चुनौतियों के बावजूद
  • SIR के तहत अब तक 6 करोड़ नाम वोटर सूची से हटाए गए, विपक्ष ने लगाए पक्षपात के आरोप
  • पुरानी पुस्तक में वोटर सूची पर सिर्फ एक लाइन थी, नई में विस्तृत जानकारी दी गई
  • मृत्यु, निवास बदलने और दोहरे पंजीकरण के आधार पर नाम हटाने की प्रक्रिया बताई गई

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: SIR प्रक्रिया क्या है?

SIR यानी Special Intensive Revision वोटर सूची को अपडेट करने की एक विशेष प्रक्रिया है जिसमें मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया पिछले साल बिहार में शुरू हुई थी।

प्रश्न 2: विपक्ष को SIR से क्या आपत्ति है?

विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत व्यवस्थित तरीके से खास समुदायों के मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त नोटिस और आपत्ति का मौका दिए 6 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं।

प्रश्न 3: NCERT की पुस्तक में इसे क्यों शामिल किया गया?

NCERT का कहना है कि छात्रों को भारत की चुनाव प्रक्रिया के बारे में अपडेटेड और विस्तृत जानकारी देना जरूरी है। SIR एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो चुनावी सुधार का हिस्सा है, इसलिए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Nihang Singh Protest: उत्तराखंड में निहंग सिंघों और पुलिस के बीच तनाव खत्म, हिमाचल बॉर्डर पर भारी सुरक्षा

Next Post

Rajpura Firing: लक्ष्मी Property Dealer के दफ्तर पर दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग

Ajay Kumar

Ajay Kumar

पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का ठोस अनुभव रखने वाले अजय कुमार 'शोर से ज़्यादा सार' की पत्रकारिता पर दृढ़ विश्वास करते हैं। वर्तमान में वे The News Air में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं, जहां वे समाचारों की रणनीति, लेखन, तथ्य-सत्यापन (Fact-Checking) और सटीक प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं।पत्रकारिता का सफर और अनुभव - अजय कुमार का करियर ग्राउंड ज़ीरो की रिपोर्टिंग से लेकर न्यूज़ डेस्क के कुशल प्रबंधन तक विस्तृत है। The News Air में पिछले 3 वर्षों से नेतृत्व करने से पहले, उन्होंने 'दैनिक जागरण' और 'सिटी न्यूज़' जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। पत्रकारिता में उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके काम करने के तरीके को बेहद व्यावहारिक और तथ्य-आधारित बनाया है।विशेषज्ञता और कार्यक्षेत्र (Expertise & Beats) - वे जटिल राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को सरल भाषा, स्पष्ट तथ्यों और निष्पक्ष तरीके से पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं। उनकी पत्रकारिता की मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है:राजनीतिक कवरेज: लोकसभा चुनावों और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की ग्राउंड और डेस्क रिपोर्टिंग।कानूनी और संसदीय खबरें: संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों की नियमित और रियल-टाइम कवरेज।खोजी पत्रकारिता: ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ रिपोर्टिंग के जरिए अंदरूनी खबरों की पड़ताल।विश्वसनीयता और डिजिटल योगदान (Trust & Authority) - सटीक और प्रामाणिक ख़बरों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें पाठकों के बीच एक विश्वसनीय पत्रकार बनाती है। डिजिटल न्यूज़ इकोसिस्टम को बेहतर बनाने और फेक न्यूज़ से लड़ने की दिशा में, अजय कुमार गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

Related Posts

Baljit Kaur

Punjab Rural Development में बड़ा कदम: SC गांवों के लिए 72.21 करोड़ जारी

शनिवार, 27 जून 2026
Punjab Drug Free Campaign

Punjab Drug Free Campaign में बड़ा कदम: सूरमा मुहिम से बदलेगी तस्वीर

शनिवार, 27 जून 2026
India's First Private Gold Mine

India’s First Private Gold Mine शुरू: क्या बदलेगी देश की Gold Economy?

शनिवार, 27 जून 2026
Maharashtra TET Paper Leak

Maharashtra TET Paper Leak: पेपर लीक के शक में TET Exam मुलतवी, भिवंडी में पुलिस रेड

शनिवार, 27 जून 2026
VB-G RAM G

Punjab VB-G RAM G Scheme: विरोध के महीनों बाद सरकार ने MGNREGA की जगह लाई नई योजना

शनिवार, 27 जून 2026
Rajpura Firing

Rajpura Firing: गैंगस्टर Goldy Dhillon ने ली जिम्मेदारी, MLA Neena Mittal को धमकी

शनिवार, 27 जून 2026
Next Post
Rajpura Property Dealer Office Firing

Rajpura Firing: लक्ष्मी Property Dealer के दफ्तर पर दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग

High Court

High Court का ऐतिहासिक फैसला: बिजली है सम्मान से जीने का मूल अधिकार

Chandigarh Education Website

Chandigarh Education Website Crash: 11वीं में दाखिले के बीच ठप हुई वेबसाइट

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।