Punjab Police Officers Gurugram Case: एक विवादित वीडियो के मामले में अब नया मोड़ आया है। गुरुग्राम पुलिस ने दो पंजाब पुलिस अधिकारियों की CCTV फुटेज हासिल कर ली है, जो कथित तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ी एक विवादास्पद वीडियो की ‘फर्जी’ फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए गुरुग्राम के एक होटल में गए थे। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पुलिस इन दोनों अधिकारियों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है।
पुलिस सूत्रों ने स्पष्ट किया कि अगर इन पंजाब पुलिस अधिकारियों के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं तो उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। यह घटनाक्रम एक ऐसे सियासी तूफान के बीच सामने आया है जो एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पैदा हुआ है।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab SC Commission से Ravneet Bittu ने मांगी लिखित माफी, धार्मिक स्थलों पर जाने का हुक्म
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद एक ऐसे वीडियो से शुरू हुआ जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति नजर आता है। इस वीडियो को लेकर सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को मान के खिलाफ एक आदेश जारी किया था।
यह आदेश अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज्ज ने यह दावा करने के बाद जारी किया था कि वह वीडियो—जिसमें मान जैसा दिखने वाला व्यक्ति है—दो फोरेंसिक लैबोरेट्रीज द्वारा “असली” पाई गई थी।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Governor Convoy Accident: गुलाब चंद कटारिया के काफिले में शामिल एंबुलेंस से टकराई इनोवा
मुख्यमंत्री मान का पलटवार
हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस वीडियो को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि यह उन्हें बदनाम करने के लिए “झूठा प्रचार” है। पंजाब आम आदमी पार्टी ने भी दावा किया था कि दो लैब्स द्वारा किए गए फोरेंसिक टेस्टों से पता चला है कि कथित आपत्तिजनक वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं था।
देखा जाए तो यह मामला अब एक राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर आपराधिक जांच का रूप ले चुका है।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Roadways Strike टली, मंत्री चीमा ने बुलाई मीटिंग
गुरुग्राम होटल में पंजाब पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी
अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस ने CCTV फुटेज और होटल के एंट्री रजिस्टर से जानकारी हासिल कर ली है, जिस होटल में पंजाब पुलिस के दो अधिकारी हाल ही में ठहरे थे।
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें लगता है कि इन अधिकारियों की मौजूदगी सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकती है।
अधिकारी ने कहा, “पंजाब के इन दो अधिकारियों को जल्द ही जांच में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से बुलाया जाएगा। हम होटल में उनके जाने के उद्देश्य को स्पष्ट करना चाहते हैं और यह निर्धारित करना चाहते हैं कि क्या उनका इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कोई संबंध है। उन्हें इस केस में सह-आरोपी बनाने का फैसला उनके जवाबों और पूछताछ के दौरान मिले सबूतों के आधार पर लिया जाएगा।”
शिकायतकर्ता जसप्रीत की कहानी
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले के शिकायतकर्ता जसप्रीत उर्फ जस्सी को एक सुरक्षित घर में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी उससे पूछताछ कर रहे हैं।
गुरुग्राम में दर्ज FIR के अनुसार, हरियाणा के सिरसा के रहने वाले जसप्रीत ने आरोप लगाया है कि उस पर दबाव डाला गया, धमकाया गया और मजबूर किया गया कि वह वीडियो से संबंधित फोरेंसिक रिपोर्टें ऐसे पूर्व-निर्धारित निष्कर्ष के साथ प्राप्त करे कि संदिग्ध वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके बनाई गई थी और वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति मुख्यमंत्री मान नहीं था।
जसप्रीत का पेशेवर पृष्ठभूमि और दावे
अपनी शिकायत में डिजिटल फोरेंसिक, साइबर जांच और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण से जुड़े जसप्रीत ने दावा किया कि उसे प्रदान की गई सामग्री की समीक्षा करने के बाद, उसने उन्हें बताया कि वीडियो सामग्री की गुणवत्ता, प्रकृति और स्रोत एक भरोसेमंद फोरेंसिक राय प्रदान करने के लिए नाकाफी थे।
समझने वाली बात यह है कि जसप्रीत ने साफ इनकार कर दिया था, लेकिन फिर भी उस पर दबाव बनाया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, 8 दिन का रिमांड
अधिकारियों ने बताया कि एक सिटी कोर्ट ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों, अरुण मेहंद्रू और अंकित को आठ दिनों के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। उन्हें 23 जून को गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों के रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पंजाब के किन अधिकारियों ने उनसे बातचीत की थी।
पूछताछ के मुख्य बिंदु
पुलिस आरोपियों से पूछताछ करेगी कि:
- रिपोर्ट कहां और कैसे तैयार की गई थी
- उन्होंने प्रिंटआउट कहां से प्राप्त किए
- लैब की ईमेल आईडी क्या थी
- मोहरों का उपयोग कैसे हुआ
- और अन्य संबंधित जानकारी
एक सीनियर जांच अधिकारी ने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या इस फर्जी रिपोर्ट को तैयार करने में कोई और भी शामिल था।
राजनीतिक दांवपेच और धार्मिक संवेदनशीलता
यह मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं रह गई है बल्कि इसने पंजाब की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। अकाल तख्त साहिब जैसी धार्मिक संस्था का इसमें शामिल होना इसे और संवेदनशील बना देता है।
दिलचस्प बात यह है कि आम आदमी पार्टी और उसके विरोधियों के बीच यह मामला एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
मुख्य बातें (Key Points)
- गुरुग्राम पुलिस ने दो पंजाब पुलिस अधिकारियों की CCTV फुटेज हासिल की
- अधिकारी CM भगवंत मान से जुड़े वीडियो की फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट बनाने के आरोप में जांच के दायरे में
- शिकायतकर्ता जसप्रीत ने आरोप लगाया कि उस पर दबाव डाला गया
- दो आरोपी अरुण मेहंद्रू और अंकित को 8 दिन के रिमांड पर भेजा गया
- अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को CM मान के खिलाफ आदेश जारी किया था
- पंजाब पुलिस अधिकारियों को जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा
- ठोस सबूत मिलने पर गिरफ्तारी की संभावना













