Cockroach Janta Party Protest : नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में सुलग रही आग में अब एक नया मोड़ आ गया है। Cockroach Janta Party के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बड़ा दांव चला है जो सरकार के लिए सिरदर्द बन सकता है। उन्होंने सीधे देश के अन्नदाता यानी किसानों को इस आंदोलन में शामिल होने का न्योता दे दिया है। अगर किसान छात्रों के साथ खड़े हो गए तो यह लड़ाई सिर्फ NEET तक सीमित नहीं रहेगी।
देखा जाए तो यह कोई साधारण अपील नहीं है बल्कि एक सोचा-समझा राजनीतिक कदम है। अभिजीत ने याद दिलाया कि जब किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे तब छात्रों ने उनका साथ दिया था। अब वक्त आ गया है जब किसान छात्रों के साथ खड़े हों। यह संदेश सीधे तौर पर एक बड़े सियासी समीकरण की ओर इशारा करता है।
🔍 यह भी पढ़ें- Cockroach Janta Party ने नियुक्त किए 3 बुलारे, बड़ा आंदोलन!
जंतर मंतर पर तीसरे दिन भी जारी है प्रदर्शन
Cockroach Janta Party का यह प्रदर्शन अब तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। हर दिन जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती जा रही है। छात्र, युवा और अभिभावक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की लगातार मांग कर रहे हैं। नारे लग रहे हैं, पोस्टर लहरा रहे हैं और सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स चल रहे हैं।
अभिजीत दीपके और उनके समर्थक इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह आंदोलन सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं है। डिजिटल दुनिया में भी इसका असर दिख रहा है। सीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर करोड़ों फॉलोअर्स हैं जो इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आज शाम NEET पेपर लीक में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए मोमबत्ती जुलूस की योजना बनाई है। सीजेपी ने अपील की है कि हजारों लोग मोमबत्तियां लेकर जंतर मंतर पहुंचें और उन छात्रों को याद करें जिन्होंने अपनी जान गंवा दी।
🔍 यह भी पढ़ें- Cockroach Janta Party की Punjab Entry, 13 जून को Amritsar में होगा बड़ा Protest
अभिजीत का नया दांव: किसानों को बुलावा
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अभिजीत दीपके ने यह कदम बहुत सोच-समझकर उठाया है। किसान आंदोलन की ताकत पूरा देश देख चुका है। जब किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे थे तो सरकार को झुकना पड़ा था। वही किसान अगर अब छात्रों के साथ खड़े हो जाएं तो यह आंदोलन एक बड़े जन आंदोलन में तब्दील हो सकता है।
अभिजीत ने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि हजारों लोग जंतर मंतर पर आ रहे हैं और यह प्रदर्शन धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि पुलिस से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि पुलिस उनके साथ है।
समझने वाली बात यह है कि अभिजीत एक डिजिटल मीडिया स्ट्रेटेजिस्ट हैं। उन्हें पता है कि ट्रेंड्स कैसे बनाए जाते हैं और जनमत कैसे तैयार किया जाता है। वो सिर्फ सोशल मीडिया पर नहीं लड़ रहे बल्कि सड़क पर भी उतने ही मजबूती से खड़े हैं। उनकी यह अपील दिखाती है कि वो इस आंदोलन को केवल एक छात्र विरोध से बढ़ाकर जन आंदोलन में बदलना चाहते हैं।
💡 यह भी पढ़ें- DA Hike January 2026: 5% बढ़ोतरी से 63% होगा महंगाई भत्ता, जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी
क्या है Cockroach Janta Party की कहानी?
Cockroach Janta Party की शुरुआत की कहानी भी बेहद दिलचस्प है। यह सब शुरू हुआ 15 मई 2025 को जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।
यह टिप्पणी सुनते ही देशभर के युवाओं में आक्रोश फैल गया। अगले ही दिन 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने Cockroach Janta Party की स्थापना कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए और देखते ही देखते यह एक बड़ा मूवमेंट बन गया।
22 मई को अभिजीत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की। इस याचिका को 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया है।
Cockroach Janta Party की सोशल मीडिया ताकत:
| प्लेटफॉर्म | फॉलोअर्स (जून में) | तुलना |
|---|---|---|
| 2.25 करोड़ | BJP से ज्यादा (94 लाख) | |
| X (Twitter) | 2.79 लाख | लगातार बढ़ रहा |
| कुल असर | करोड़ों युवाओं तक पहुंच | Congress (1.37 करोड़) से भी आगे |
अभिजीत दीपके कौन हैं?
30 साल के अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले हैं। वे एक डिजिटल मीडिया स्ट्रेटेजिस्ट हैं और इन दिनों अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी कर चुके अभिजीत को सोशल मीडिया ट्रेंड्स और डिजिटल कैंपेन चलाने का गहरा अनुभव है।
अगर गौर करें तो अभिजीत ने इस पूरे मूवमेंट को एक प्रोफेशनल की तरह हैंडल किया है। उन्होंने न सिर्फ सोशल मीडिया पर ट्रेंड्स बनाए बल्कि जमीनी स्तर पर भी आंदोलन खड़ा कर दिया। यह कोई आसान काम नहीं है। खासकर तब जब वो खुद अमेरिका में हैं लेकिन भारत में इतना बड़ा मूवमेंट चला रहे हैं।
NEET पेपर लीक: क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विरोध NEET परीक्षा में पेपर लीक को लेकर है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। लाखों छात्र इसकी तैयारी में सालों मेहनत करते हैं। लेकिन जब पेपर लीक होता है तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
इस बार भी NEET परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें आईं। कई जगहों से पेपर लीक होने के आरोप लगे। कुछ छात्रों ने तो निराश होकर आत्महत्या तक कर ली। यह घटनाएं पूरे देश में आक्रोश की लहर लेकर आईं।
छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। परीक्षा प्रणाली में सुधार हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
किसान-छात्र गठबंधन: कितना संभव, कितना खतरनाक?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसान वाकई इस आंदोलन में शामिल होंगे? और अगर ऐसा हुआ तो इसका सियासी असर क्या होगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह गठबंधन बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। किसान और युवा—ये दोनों ही वर्ग भारतीय समाज की रीढ़ हैं। अगर ये दोनों एक मंच पर आ गए तो सरकार के लिए इसे संभालना मुश्किल हो जाएगा।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि किसान आंदोलन की ताकत देश देख चुका है। 2020-21 में जब किसान तीन कृषि कानूनों के खिलाफ उठे थे तो सरकार को अंततः कानून वापस लेने पड़े थे। वही किसान अगर अब शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर छात्रों के साथ खड़े हो जाएं तो यह एक बड़ा जनांदोलन बन सकता है।
दूसरी तरफ, सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। सुरक्षा एजेंसियां जंतर मंतर पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर धमाकेदार प्रभाव
Cockroach Janta Party का सबसे बड़ा हथियार है इसकी सोशल मीडिया उपस्थिति। Instagram पर 2.25 करोड़ फॉलोअर्स के साथ यह BJP और Congress दोनों से आगे निकल चुकी है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
जंतर मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारी लाइव वीडियो, रील्स और पोस्ट्स के जरिए पूरे देश से जुड़ रहे हैं। हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। वायरल वीडियो बन रहे हैं। यह सब अभिजीत की डिजिटल स्ट्रेटेजी का हिस्सा है।
समझने वाली बात यह है कि आज का युवा डिजिटल दुनिया में ज्यादा सक्रिय है। अभिजीत ने इसी ताकत को पहचाना और इस्तेमाल किया। उन्होंने सोशल मीडिया को सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं बल्कि आंदोलन का आधार बनाया।
सरकार की चुनौती बढ़ी
अगर किसान इस आंदोलन में शामिल हो गए तो सरकार की मुसीबत और बढ़ जाएगी। NEET का मुद्दा तो है ही, साथ में किसानों के अपने मुद्दे भी हैं। MSP की गारंटी, कर्ज माफी, फसल बीमा जैसे कई मुद्दे अभी भी लंबित हैं।
यह दर्शाता है कि यह लड़ाई अब सिर्फ NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रहेगी। यह व्यवस्था के खिलाफ, सिस्टम की विफलता के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन बन सकता है।
राजनीतिक पंडितों का कहना है कि सरकार को इस मामले में जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना होगा। चाहे वह शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो या फिर NEET परीक्षा में सुधार की घोषणा—कुछ तो करना होगा वरना यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें आने वाले कुछ घंटों और दिनों पर टिकी हैं। क्या किसान संगठन अभिजीत के बुलावे पर जंतर मंतर पहुंचेंगे? क्या यह आंदोलन और तेज होगा? और सबसे बड़ी बात—क्या सरकार कोई बड़ा फैसला लेगी?
जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी है। मोमबत्ती जुलूस की तैयारी हो रही है। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। और देश भर के युवा इस आंदोलन को करीब से देख रहे हैं।
अगर किसान और छात्र साथ आ गए तो यह लड़ाई NEET पेपर लीक से शुरू होकर सिस्टम की जड़ों तक जाएगी। यह एक ऐसा गठबंधन होगा जिसे नजरअंदाज करना सरकार के लिए मुश्किल होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- Cockroach Janta Party के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किसानों को जंतर मंतर पर आने की अपील की
- NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
- सीजेपी के Instagram पर 2.25 करोड़ फॉलोअर्स, BJP और Congress से भी ज्यादा
- अभिजीत दीपके बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रेटेजिस्ट हैं
- 15 मई को CJI सूर्यकांत की टिप्पणी के बाद शुरू हुई थी Cockroach Janta Party
- किसान-छात्र गठबंधन बनने से सरकार की मुसीबत बढ़ सकती है
- आज शाम NEET पेपर लीक में आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि के लिए मोमबत्ती जुलूस की योजना













