IMD Weather Forecast को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 जून 2026 को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी दी है। देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश अपने सामान्य स्तर से 38% कम रही है। देखा जाए तो यह आंकड़ा किसानों और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन काम करने वाले India Meteorological Department ने 18 जून से 01 जुलाई 2026 तक के अगले दो हफ्तों के लिए विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। समझने वाली बात यह है कि इस अवधि में भी अधिकांश राज्यों में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है।
🔍 यह भी पढ़ें- IMD Weather Alert: Southwest Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, Delhi में 80 kmph आंधी का अलर्ट, 10 राज्यों में Heavy Rain
मानसून की वर्तमान स्थिति: आंकड़े चिंताजनक
अगर गौर करें तो 01 जून से 17 जून 2026 के बीच देश में हुई कुल बारिश का औसत 46.2 मिमी रहा, जबकि सामान्य औसत 74.3 मिमी होना चाहिए था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ एक हफ्ते (11-17 जून) में तो देश में बारिश सामान्य से 48% कम रही।
| क्षेत्र | वास्तविक बारिश (mm) | सामान्य बारिश (mm) | कमी (%) |
|---|---|---|---|
| पूर्व और पूर्वोत्तर भारत | 89.2 | 159 | -44% |
| उत्तर-पश्चिम भारत | 31.7 | 30.8 | +3% |
| मध्य भारत | 25.1 | 66.8 | -62% |
| दक्षिण प्रायद्वीप | 70.2 | 86.5 | -19% |
| पूरा देश | 46.2 | 74.3 | -38% |
चिंता का विषय यह है कि मध्य भारत में तो बारिश 62% तक कम रही है। हालांकि राहत की बात यह है कि उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश सामान्य से 3% अधिक रही।
मानसून की आगे बढ़त: धीमी रफ्तार जारी
दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर लिया है। IMD के अनुसार अगले 4-5 दिनों में मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में पहुंच सकता है।
हालांकि समझने वाली बात यह है कि मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी बनी हुई है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा 18°N/60°E से शुरू होकर हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर होते हुए 28.3°N/83°E तक फैली हुई है।
🔍 यह भी पढ़ें- Weather Alert: Monsoon 2026 की रफ्तार तेज, देश के इन हिस्सों में भारी बारिश-ओलावृष्टि, देखें अपना शहर
El Niño का असर: मानसून कमजोर होने का खतरा
यहां सबसे अहम बात यह है कि वर्तमान में प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में El Niño की स्थिति बनी हुई है। इससे बड़ा खतरा यह है कि मानसून सीजन के दौरान El Niño की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
अगर गौर करें तो El Niño की स्थिति आमतौर पर भारत में मानसून को कमजोर करती है। मॉनसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के पूर्वानुमान से संकेत मिल रहे हैं कि मानसून सीजन के दौरान El Niño की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
राहत की बात यह है कि वर्तमान में हिंद महासागर में न्यूट्रल इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति बनी हुई है, जो पूरे मानसून सीजन के दौरान बनी रह सकती है।
पहले हफ्ते का पूर्वानुमान: कमजोर मानसून जारी
Week 1 (18-24 जून 2026) के दौरान मानसून की कमजोर स्थिति जारी रहने की संभावना है। IMD के अनुसार:
बारिश का पूर्वानुमान:
- पूर्वोत्तर भारत और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश होगी
- अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा में कई दिनों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना
- पश्चिमी तट (कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल) में व्यापक बारिश और कई दिनों में भारी से अति भारी बारिश
- उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में हल्की से मध्यम बारिश
सवाल उठता है कि बाकी देश का क्या? हैरान करने वाली बात यह है कि देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है, सिवाय दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में जहां यह सामान्य के करीब रहेगी।
Heat Wave की चेतावनी: कई राज्य प्रभावित
चिंता का विषय यह है कि पहले हफ्ते में कई राज्यों में लू (Heat Wave) की स्थिति बन सकती है:
- बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, ओडिशा: 18 जून को
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: 18-24 जून के दौरान
- मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना और विदर्भ: 18-20 जून के दौरान
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश: 19-24 जून के दौरान
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि गर्म और आर्द्र मौसम की स्थिति गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कोंकण और गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में बनी रह सकती है।
तापमान का हाल: कहीं गर्मी तो कहीं राहत
देखा जाए तो पिछले हफ्ते सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0°C हाफलोंग (असम) में 14 जून को दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान 46.0°C जैसलमेर (राजस्थान) में 11 और 12 जून को दर्ज किया गया।
Week 1 के लिए तापमान पूर्वानुमान:
- उत्तर-पश्चिम भारत में 18 जून तक अधिकतम तापमान में 2-3°C की धीरे-धीरे वृद्धि, उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं
- मध्य भारत में 20 जून तक अधिकतम तापमान में 2-3°C की वृद्धि, उसके बाद कोई खास बदलाव नहीं
- पूर्वी भारत में 18 जून तक कोई खास बदलाव नहीं, फिर 20 जून तक 2-3°C की गिरावट
दूसरे हफ्ते का पूर्वानुमान: मानसून की बेहतर उम्मीद
उम्मीद की किरण यह है कि Week 2 (25 जून – 01 जुलाई 2026) के दौरान स्थिति बेहतर हो सकती है। IMD के अनुसार:
मानसून की आगे बढ़त:
- मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, बिहार के बचे हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी
- उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मानसून पहुंच सकता है
बारिश का पूर्वानुमान:
- कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में व्यापक बारिश और भारी से अति भारी वर्षा
- अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में कई दिनों में भारी से अति भारी बारिश
दिलचस्प बात यह है कि दूसरे हफ्ते में कोंकण और गोवा, कर्नाटक, रायलसीमा, केरल और तमिलनाडु को छोड़कर पूरे देश में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।
आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी
यहां सावधानी बरतने की जरूरत है। IMD ने निम्नलिखित चेतावनियां जारी की हैं:
Thundersquall (तेज आंधी-तूफान):
- पश्चिमी राजस्थान: 18 जून को (60-70 kmph तक तेज हवाएं)
- पूर्वी राजस्थान: 18-19 जून
- बिहार: 18-19 जून
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: 18-19 जून
- झारखंड: 18-20 जून
ओलावृष्टि:
- जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 18-20 जून
- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड: 18-19 जून
किसानों के लिए विशेष सलाह
IMD ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण एग्रोमेट सलाह जारी की है:
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में:
- सब्जियों, मक्का, धान नर्सरी और अन्य फसलों में जलभराव रोकने के लिए उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- पके फलों और सब्जियों की तुरंत कटाई करें
- केले के पौधों को सहारा दें और सब्जियों की पंडालों को मजबूत करें
Heat Wave और उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में:
- सब्जी फसलों और फलों के बागों में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करें
- मिट्टी की नमी बचाने के लिए मल्चिंग करें
- पौधों को उच्च तापमान से बचाने के लिए अस्थायी छाया जाल का उपयोग करें
पशुपालन के लिए:
- भारी बारिश के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखें
- गर्मी और लू की स्थिति में पशुओं को साफ, ठंडा पीने का पानी दें
- पोल्ट्री शेड की छतों को घास से ढकें
जनता के लिए सुरक्षा सलाह
IMD ने आम जनता को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
Heat Wave से बचाव:
- लंबे समय तक धूप में रहने से बचें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो
- ORS, लस्सी, नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
- बच्चों, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों का विशेष ध्यान रखें
आंधी-तूफान के दौरान:
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें
- पानी के स्रोतों से तुरंत बाहर निकलें
भारी बारिश के दौरान:
- यातायात में रुकावट के लिए तैयार रहें
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- कमजोर संरचनाओं में रहने से बचें
क्या है बड़ी तस्वीर?
देखा जाए तो इस साल मानसून की शुरुआत निराशाजनक रही है। 38% की कमी के साथ यह किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति है। हालांकि राहत की बात यह है कि दूसरे हफ्ते में मानसून के आगे बढ़ने की बेहतर संभावना है।
समझने वाली बात यह है कि El Niño की मौजूदगी इस साल पूरे मानसून सीजन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। सरकार और किसान दोनों को इस स्थिति के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
उम्मीद की किरण यह है कि IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है और लोगों को समय पर चेतावनी दे रहा है। जागरूकता और सावधानी से ही हम इस मौसमी चुनौती से निपट सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points):
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि मानसून सीजन (01-17 जून) में देश में बारिश सामान्य से 38% कम रही
- मध्य भारत में बारिश 62% तक कम, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में 3% अधिक
- El Niño की स्थिति बनी हुई है जो मानसून को और कमजोर कर सकती है
- पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार, विदर्भ, मराठवाड़ा में Heat Wave की चेतावनी
- Week 2 (25 जून-01 जुलाई) में मानसून के महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश में आगे बढ़ने की संभावना
- कोंकण, गोवा, केरल, कर्नाटक तट पर व्यापक बारिश की उम्मीद
- राजस्थान, बिहार, झारखंड में तेज आंधी-तूफान की चेतावनी
- जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना












