Gold-Silver Rate Today: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए आज का दिन (18 जून 2026) काफी अहम माना जा रहा है। सर्राफा बाजार में दोनों की कीमतों में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली। देखा जाए तो जहां सोना ऊंचे स्तर पर बने रहने के बावजूद हल्की कमजोरी दिखा रहा है, वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों का ध्यान खींच लिया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले संकेतों का असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। इसी वजह से कीमती धातुओं की चाल सुस्त नजर आ रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या थोड़ा और इंतजार करना चाहिए?
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सोने में तेजी का दम कम होता दिखा
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतें अभी भी रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बनी हुई हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ सत्रों से इसमें तेजी का दम कम होता दिखाई दे रहा है।
Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना दबाव में कारोबार करता नजर आया। निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की चाल पर बनी हुई है, क्योंकि इन्हीं संकेतों से आगे की दिशा तय हो सकती है।
समझने वाली बात यह है कि जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है तो सोने की कीमतें आमतौर पर कमजोर होती हैं। फिलहाल यही हो रहा है।
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चांदी में सोने से ज्यादा कमजोरी
अगर चांदी की बात करें तो इसमें सोने के मुकाबले ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। MCX पर चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई, जबकि खुदरा बाजार में भी इसके दामों पर दबाव बना रहा।
वहीं, कीमतें अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई हैं, लेकिन हाल के दिनों में आई नरमी ने बाजार का रुख बदल दिया है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि चांदी औद्योगिक उपयोग में भी आती है, इसलिए इसकी मांग सिर्फ निवेश पर नहीं बल्कि उद्योगों की स्थिति पर भी निर्भर करती है।
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प्रमुख शहरों में आज के भाव
देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी के दाम अलग-अलग स्तर पर बने हुए हैं। आइए एक नजर डालते हैं:
| शहर | 24K सोना (₹/10 ग्राम) | चांदी (₹/किलो) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹1,52,000 (लगभग) | ₹2,50,000 (लगभग) |
| मुंबई | ₹1,52,000 (लगभग) | ₹2,50,000 (लगभग) |
| जयपुर | ₹1,52,000 (लगभग) | ₹2,50,000 (लगभग) |
| पटना | ₹1,52,000 (लगभग) | ₹2,50,000 (लगभग) |
| कानपुर | ₹1,52,000 (लगभग) | ₹2,50,000 (लगभग) |
| लखनऊ | ₹1,52,000 (लगभग) | ₹2,50,000 (लगभग) |
यह टेबल बताती है कि देशभर में कीमतें लगभग समान स्तर पर हैं। हालांकि स्थानीय टैक्स और अन्य चार्ज के कारण मामूली अंतर हो सकता है।
बीते कुछ दिनों का रुझान
अगर गौर करें तो बीते कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और साफ होती है। कुछ दिन पहले तक सोना मजबूत स्थिति में बना हुआ था, लेकिन अब इसमें हल्की नरमी देखने को मिल रही है।
इसी बीच, चांदी में लगातार दबाव बना हुआ है, जिससे इसके दाम में गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक हालात इस उतार-चढ़ाव की बड़ी वजह हैं।
निवेश की मांग पर असर
जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और निवेशकों का भरोसा दूसरे विकल्पों की ओर बढ़ता है, तब सोने और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग प्रभावित होती है। इसी कारण कीमतों पर दबाव देखने को मिलता है।
दूसरे शब्दों में, जब शेयर बाजार अच्छा चल रहा हो या बैंक FD में बेहतर रिटर्न मिल रहा हो, तो लोग सोने-चांदी में कम निवेश करते हैं। फिलहाल कुछ ऐसा ही माहौल है।
आगे क्या होगा? विशेषज्ञों की राय
फिलहाल बाजार में निवेश करने वाले लोग अगले कुछ दिनों के संकेत का इंतजार कर रहे हैं। राहत की बात यह है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और केंद्रीय बैंकों के फैसले सोने और चांदी की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञ सुझाते हैं:
- अगर लंबे समय के लिए निवेश करना है तो थोड़ी गिरावट में खरीदारी अच्छा विकल्प
- शॉर्ट टर्म के लिए थोड़ा और इंतजार करें
- चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव, इसलिए सावधानी जरूरी
- सोना अभी भी safe investment माना जाता है
US Federal Reserve के फैसलों का असर
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve की ब्याज दर नीति सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित करती है। अगर Fed ब्याज दरें बढ़ाता है तो डॉलर मजबूत होता है और सोना कमजोर होता है।
फिलहाल Fed की नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, लेकिन निवेशक आने वाली बैठकों के संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
त्योहारी सीजन का इंतजार
हैरान करने वाली बात यह है कि भारत में अभी त्योहारी सीजन दूर है। आमतौर पर अगस्त-सितंबर से लेकर दिवाली तक सोने की मांग बढ़ती है। उस समय कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।
तो क्या अभी खरीदारी करना फायदेमंद है? कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि हां, क्योंकि त्योहारों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। लेकिन कुछ का मानना है कि थोड़ा और इंतजार करें, और गिरावट आ सकती है।
मुख्य बातें (Key Points):
- 18 जून को सोने में हल्की कमजोरी, ₹1,52,000/10 ग्राम के आसपास
- चांदी में सोने से ज्यादा गिरावट, ₹2,50,000/किलो पर कारोबार
- MCX पर दोनों धातुओं में दबाव, अंतरराष्ट्रीय संकेत कमजोर
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक स्थिति प्रमुख कारण
- विशेषज्ञों का सुझाव: लंबे समय के निवेशक गिरावट में खरीद सकते हैं













