Heritage Furniture Controversy: पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने चंडीगढ़ प्रशासन से उस हैरिटेज फर्नीचर की कस्टडी रिपोर्ट मांगी है, जो अमेरिका में 59 लाख रुपये से ज्यादा में नीलाम हुआ। मामला पंजाब MLA Hostel से जुड़ी पुरानी कुर्सियों और स्टूलों का है, इसलिए अब यह सिर्फ नीलामी की खबर नहीं, जवाबदेही का बड़ा सवाल बन गया है।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab MLA Hostel Heritage Chairs: अमेरिका में 59 लाख में नीलाम, स्पीकर ने दिया जांच का भरोसा
इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की गई। कोशिश यही है कि पता लगाया जाए कि इन वस्तुओं का वास्तविक कस्टोडियन कौन था। ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक ऐसे हैरिटेज सामान पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की अलग-अलग सरकारी अथॉरिटीज की निगरानी में आते हैं, जबकि इनकी इन्वेंट्री का रिकॉर्ड यूटी प्रशासन रखता है।
| नीलाम वस्तु | जगह | कीमत |
|---|---|---|
| कुर्सियों का एक जोड़ा | शिकागो, अमेरिका | 42 लाख रुपये से अधिक |
| चार लो स्टूल का सेट | शिकागो, अमेरिका | 17 लाख रुपये से अधिक |
| कुल नीलामी राशि | अमेरिका | 72,720 डॉलर, यानी 59 लाख रुपये से अधिक |
विवाद कैसे खड़ा हुआ
चंडीगढ़ के सेक्टर 4 स्थित पंजाब MLA Hostel की हैरिटेज कुर्सियों का एक जोड़ा और चार लो स्टूल का सेट 4 जून को शिकागो में नीलाम हुआ। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, विवाद खड़ा हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि इन वस्तुओं की आवाजाही, बिक्री और निर्यात रोकने के लिए गृह मंत्रालय के स्पष्ट आदेश पहले से मौजूद थे।
फिर भी ये सामान अमेरिका के नीलामी घर Wright तक कैसे पहुंच गया, यही अब सबसे बड़ा सवाल है। अगर गौर करें, तो मामला और गंभीर इसलिए भी हो गया क्योंकि नीलामी घर की वेबसाइट पर लगी कुर्सियों की तस्वीर में इन्वेंट्री मार्किंग “MLA (H) PB/1/B-11” भी दिखाई गई।
🔍 यह भी पढ़ें- Air Canada Pilot का बड़ा खुलासा: 27 साल बिना Licence उड़ाए जहाज
स्पीकर ने क्या कहा
स्पीकर संधवां ने साफ कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और जवाबदेही तय की जाएगी। उनका कहना है कि चंडीगढ़ की अनोखी वास्तुकला और ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी इरादतन लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
देखा जाए तो यहां सिर्फ सरकारी लापरवाही की जांच नहीं हो रही। असली सवाल यह है कि विधान संस्थाओं से जुड़ी विरासत वस्तुएं सुरक्षित हैं भी या नहीं। और यही बात इस खबर को सामान्य प्रशासनिक मुद्दे से उठाकर बड़े सार्वजनिक सवाल में बदल देती है।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Roadways Strike: वोलवो बसों को जैसी मिली हरी झंडी, ठेका कर्मचारी उतरे सड़कों पर
हैरिटेज सेल ने भी उठाए सवाल
हैरिटेज प्रोटेक्शन सेल, चंडीगढ़ के सदस्य अजे जग्गा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्पीकर को पत्र लिखकर पूछा था कि इस बिक्री को किसने अधिकृत किया और क्या जरूरी अनुमति ली गई थी। यह पत्र अब पूरे विवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
समझने वाली बात है: जब किसी वस्तु पर स्पष्ट सरकारी पहचान दर्ज हो और फिर भी वह विदेश में नीलाम हो जाए, तो जांच का दायरा अपने आप बड़ा हो जाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब MLA Hostel का हैरिटेज फर्नीचर अमेरिका में 59 लाख रुपये से ज्यादा में नीलाम हुआ।
- स्पीकर ने चंडीगढ़ प्रशासन से कस्टडी रिपोर्ट मांगी है।
- इन्वेंट्री मार्किंग वाली तस्वीर सामने आने से विवाद और गहरा गया।
- दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की बात कही गई है।













