Amarnath Yatra 2026: श्री अमरनाथ यात्रा में सेवा और भंडारे यानी लंगर लगाने में पंजाब हमेशा सबसे आगे रहता है। श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड से यात्रा के दोनों मार्गों पहलगाम और बालटाल से लेकर पवित्र गुफा तक 122 लंगर संगठनों को लंगर लगाने की मंजूरी मिल चुकी है।
देखा जाए तो इनमें 44 लंगर अकेले पंजाब के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के हैं। इतना ही नहीं यात्रा करने वालों में पंजाब के श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है।
🔍 यह भी पढ़ें- Amarnath Yatra 2023: कश्मीर में भारी बारिश, अमरनाथ यात्रा दूसरे दिन भी स्थगित
हरियाणा और दिल्ली के भी लंगर
जबकि हरियाणा के 24 और दिल्ली के 22 लंगर लगाए जा रहे हैं। बता दें कि 3 जुलाई से शुरू हो रही यात्रा 57 दिन चलकर 28 अगस्त को संपन्न होगी।
अगर गौर करें तो इन लंगरों की व्यवस्था श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर संगठन के दिशानिर्देशों और श्राइन बोर्ड द्वारा तय मेन्यू अनुसार की जाती है। जगह का चयन बोर्ड करता है। सामान पहुंचाना, लंगर लगाना आवेदकों के जिम्मे होता है।
🔍 यह भी पढ़ें- Amarnath Yatra 2023 : मौसम साफ़ होने से फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, श्रीनगर बेस कैंप से रवाना हुआ जत्था
सुरक्षा का जिम्मा सरकार का
जबकि सुरक्षा का जिम्मा सरकार का होता है। प्रशासन और बोर्ड पानी, बिजली व अन्य सुविधाएं मुहैया कराता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यात्रा में लंगर लगाने वालों की भूमिका अहम होती है। लंगर उपलब्ध कराने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के ठहरने का भी प्रबंध किया जाता है। हर लंगर में 60 से 70 के बीच सेवादार दिन रात कार्य करते हैं।
🔍 यह भी पढ़ें- Amarnath Yatra 2024: जम्मू से 5,800 तीर्थयात्री अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना
ट्रकों में सामान पहुंचना शुरू
लंगर संगठन ट्रकों में खाद्य सामग्री, शेड और अन्य सामान के साथ जम्मू-कश्मीर पहुंचने शुरू हो गए हैं। यात्रा मार्ग पर लंगर लगाने वालों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश के अलावा जम्मू-कश्मीर के संगठन भी होते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग व जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी लंगर लगाए जाएंगे। इसकी अनुमति संबंधित जिला प्रशासन की तरफ से दी जाती है। यह प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
💡 यह भी पढ़ें- Gold Silver Rate Today: सोने में ₹439 की उछाल, चांदी ₹1989 धड़ाम
राजमार्ग पर भी 50-60 लंगर
50 से 60 के बीच लंगर राष्ट्रीय राजमार्ग व जम्मू के यात्री निवास चंद्रकोट, यात्री निवास पंथा चौक, श्रीनगर यात्री निवास में भी लगेंगे।
समझने वाली बात यह है कि इस बार भी श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर की सेवा उपलब्ध नहीं होगी। जंक फूड की मनाही यात्रा में ले जाने से लगी रहेगी।
जंक फूड पर सख्त प्रतिबंध
लंगरों में जंक फूड व तले हुए पदार्थों की सख्त मनाई है। गत वर्षों पहले श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से मौत बढ़ने के बाद बोर्ड ने यह निर्णय लिया था।
अगर गौर करें तो यह निर्णय श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को देखते हुए लिया गया है। ऊंचाई पर हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और भारी, तैलीय भोजन से समस्या बढ़ सकती है।
पंजाब की निस्वार्थ सेवा परंपरा
यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि पंजाब में सेवा और लंगर की परंपरा बहुत पुरानी है। गुरुद्वारों में निरंतर चलने वाले लंगर इस परंपरा का जीवंत उदाहरण हैं।
श्री अमरनाथ यात्रा में भी पंजाब के संगठन बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और निस्वार्थ सेवा करते हैं। यह सांप्रदायिक सद्भाव और मानवता की सेवा का अद्भुत उदाहरण है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू, 28 अगस्त को समाप्त होगी
- 122 लंगर संगठनों को मंजूरी मिली
- पंजाब के 44, हरियाणा के 24, दिल्ली के 22 लंगर
- हर लंगर में 60-70 सेवादार दिन-रात सेवा करेंगे
- जंक फूड और तले पदार्थों पर प्रतिबंध













