Vigilance Bribery Case : सीबीआई की जांच में अब असली राज खुलने वाला है। चंडीगढ़ की CBI अदालत ने सोमवार को विजिलेंस मुखी के रीडर ओ पी राणा सहित तीन आरोपियों को पांच दिन का रिमांड दे दिया है। अब CBI पहली बार राणा, राघव गोयल और अंकित वधवा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी। यह तिकड़ी विजिलेंस ब्यूरो के बड़े राज खोल सकती है, जो पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी का कारण बन सकता है।
देखा जाए तो यह पहला मौका है जब रीडर राणा के आत्मसमर्पण के बाद CBI तीनों मुलजिमों को एक साथ बिठाकर जिरह करेगी। सूत्रों के अनुसार, CBI को पूछताछ के दौरान राणा से एक अहम डिवाइस हाथ लगी है, जिससे कई नए भेद खुले हैं। अब यह डिवाइस और राघव गोयल के मोबाइल फोन से मिली चैट विजिलेंस के उच्च अफसरों तक सीधा तार जोड़ सकती है।
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बुरेल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए राघव और अंकित
CBI ने बुरेल जेल में बंद मुलजिम राघव गोयल और अंकित वधवा को प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट में पेश किया। दोनों को भी पांच दिन का रिमांड मिल गया है। यह पहली बार है जब तीनों आरोपियों को एक साथ लाया गया है।
CBI का मानना है कि अब तक की पूछताछ में जो सुराग मिले हैं, उनके आधार पर यह तिकड़ी ही पूरे रिश्वत कांड की असली तस्वीर खोल सकती है। हैरान करने वाली बात यह है कि राणा के पास से मिली डिवाइस में ऐसी जानकारी है जो सीधे विजिलेंस ब्यूरो के बड़े अफसरों से जुड़ती है।
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11 मई का ट्रैप: 13 लाख नकद और मोबाइल के साथ पकड़ा गया था अंकित
मामले की पृष्ठभूमि समझें तो 11 मई को CBI ने एक टैक्स अधिकारी की शिकायत पर ट्रैप ऑपरेशन किया था। इस ऑपरेशन में अंकित वधवा को टैक्स अधिकारी से 13 लाख रुपये की नकदी और एक मोबाइल फोन लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।
उस वक्त मौके पर मलोट के विकास गोयल और राघव गोयल फरार हो गए थे। लेकिन CBI ने चौकन्नी जांच के बाद उन्हें अंबाला के पास से दबोच लिया। मौके से फरार हुए रीडर राणा ने बाद में CBI अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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ट्रैप ऑपरेशन की टाइमलाइन:
| तारीख/घटना | विवरण |
|---|---|
| 11 मई 2026 | CBI का ट्रैप ऑपरेशन |
| अंकित वधवा गिरफ्तार | 13 लाख रुपये और मोबाइल के साथ पकड़ा गया |
| विकास गोयल और राघव गोयल | मौके से फरार |
| बाद में | अंबाला से दबोचे गए |
| रीडर राणा | बाद में आत्मसमर्पण किया |
| वर्तमान | तीनों को 5 दिन का रिमांड |
अहम डिवाइस से खुले कई राज, उच्च अफसरों तक जा सकती है जांच
CBI सूत्रों के मुताबिक, रीडर राणा से की गई पूछताछ के दौरान एक अहम डिवाइस बरामद हुई है। इस डिवाइस में ऐसी जानकारी है जो पूरे मामले को नया मोड़ दे सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि राघव गोयल के मोबाइल फोन से कुछ ऐसी चैट भी मिली है जो सीधे विजिलेंस ब्यूरो के उच्च अफसरों से तार जोड़ती है। अगर गौर करें, तो यह मामला सिर्फ 13 लाख की रिश्वत तक सीमित नहीं रह सकता। यह एक बड़े रैकेट का हिस्सा हो सकता है।
CBI का मानना है कि अगले पांच दिन के रिमांड में तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने से विजिलेंस ब्यूरो के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार के और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
विजिलेंस अफसरों के लिए मुश्किल भरे दिन आ सकते हैं
यह कहना गलत नहीं होगा कि विजिलेंस अफसरों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। CBI की पूछताछ में नए राज खुलने की संभावना है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि विजिलेंस ब्यूरो वह संस्था है जो भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती है। लेकिन अगर खुद विजिलेंस के लोग ही भ्रष्टाचार में लिप्त हों, तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार, जो ईमानदारी और पारदर्शिता का दावा करती है, के लिए यह मामला बड़ी शर्मिंदगी का सबब बन सकता है।
राणा की संवैधानिक स्थिति पर पलटवार
रीडर राणा को हाल ही में विजिलेंस मुखी ने चीफ व्हिप के पद से हटा दिया था। लेकिन राणा का कहना है कि संवैधानिक और संसदीय स्थिति रातोंरात नहीं बदलती।
उनका तर्क है कि जब तक स्पीकर को औपचारिक सूचना नहीं मिलती, तब तक वह संवैधानिक रूप से चीफ व्हिप ही हैं। हालांकि, यह मामला अलग है और विजिलेंस से जुड़ा है, लेकिन राणा की यह दलील दिखाती है कि वह कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
CBI की रणनीति: आमने-सामने पूछताछ
CBI की रणनीति बिल्कुल साफ है। तीनों आरोपियों को एक साथ बिठाकर पूछताछ करने से उनके बयानों में विरोधाभास पकड़ में आ सकते हैं।
एक आरोपी जो कहेगा, उसे दूसरे के सामने रखा जाएगा। इससे झूठ बोलना मुश्किल हो जाता है। यह तकनीक जांच एजेंसियां अक्सर बड़े मामलों में इस्तेमाल करती हैं।
अगले पांच दिन बेहद अहम होंगे। CBI को उम्मीद है कि इस दौरान विजिलेंस ब्यूरो के अंदर चल रहे भ्रष्टाचार के नेटवर्क का पूरा खाका सामने आ जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- CBI अदालत ने रीडर ओ पी राणा, राघव गोयल और अंकित वधवा को 5 दिन का रिमांड दिया।
- पहली बार तीनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ होगी।
- राणा से मिली अहम डिवाइस से कई नए भेद खुले हैं।
- राघव गोयल के मोबाइल चैट से विजिलेंस के उच्च अफसरों तक तार जुड़ता है।
- 11 मई को ट्रैप ऑपरेशन में अंकित को 13 लाख रुपये के साथ पकड़ा गया था।
- राघव और विकास गोयल अंबाला से गिरफ्तार किए गए थे।
- रीडर राणा ने बाद में आत्मसमर्पण किया था।
- विजिलेंस अफसरों के लिए मुश्किल भरे दिन आ सकते हैं।













