India Meteorological Department (IMD) ने देशभर के लिए अगले दो सप्ताह का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 ने रफ्तार पकड़ ली है और 4 जून को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में दस्तक दे चुका है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में हीट वेव का खतरा भी मंडरा रहा है।
देखा जाए तो इस साल मानसून का पैटर्न थोड़ा अलग नजर आ रहा है। IMD के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्री-मानसून सीजन (1 मार्च से 31 मई 2026) में देश में सामान्य से 1% अधिक बारिश हुई है। लेकिन पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 51% की भारी कमी दर्ज की गई, जबकि उत्तर-पश्चिमी भारत में 74% अधिक बारिश हुई।
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मानसून ने कहां-कहां दी दस्तक
Southwest Monsoon 2026 ने 4 जून तक अरब सागर के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व हिस्सों, पूरे लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व, मध्य और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में भी मानसून सक्रिय हो चुका है।
IMD के मुताबिक, मानसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit) अब 14°N/60°E से लेकर 22°N/95°E तक फैल चुकी है। समझने वाली बात यह है कि अगले 2-3 दिनों में गोआ, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून की एंट्री होने वाली है।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। मौसम विभाग का कहना है कि इस हफ्ते के बाकी दिनों में पूरे कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।
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किन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट
अगर गौर करें तो IMD ने कई राज्यों के लिए हैवी से वेरी हैवी रेनफॉल का अलर्ट जारी किया है। यहां ध्यान देने वाली बात है कि यह चेतावनी सिर्फ एक-दो दिनों के लिए नहीं, बल्कि अगले 10-15 दिनों के लिए है।
पूर्वोत्तर भारत:
- अरुणाचल प्रदेश में 4 जून और 6-9 जून के बीच अत्यधिक भारी बारिश की संभावना
- असम और मेघालय में 6-9 जून को भारी से अत्यधिक भारी बारिश
- नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5-10 जून तक लगातार बारिश
- गस्टी विंड्स की रफ्तार 40-50 किमी प्रति घंटा तक
दक्षिण भारत:
- तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5-7 जून को बहुत भारी बारिश
- कोस्टल कर्नाटक और केरल में 4-10 जून तक लगातार बारिश
- नॉर्थ इंटीरियर कर्नाटक में 6-10 जून भारी बारिश
- तेलंगाना में 5-8 जून को भारी बारिश
- हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटा
पश्चिमी भारत:
- कोंकण और गोवा में 4-10 जून तक भारी बारिश
- मध्य महाराष्ट्र में 5 जून और 7-10 जून को हैवी रेनफॉल
पूर्वी भारत:
- सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4-10 जून तक भारी बारिश
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4-5 जून को भारी बारिश
उत्तर भारत में ओलावृष्टि की चेतावनी
चिंता का विषय यह भी है कि उत्तरी राज्यों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में 4-5 जून को ओलावृष्टि हो सकती है। राजस्थान में भी 4 जून को इसकी संभावना है।
इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में चक्रवाती हवाएं सक्रिय हैं, जिसका असर उत्तर भारत पर भी पड़ रहा है।
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हीट वेव का कहर: बिहार-यूपी में तापमान 47°C के पार
राहत की बात यह है कि पिछले हफ्ते देशभर में हीट वेव की स्थिति 31 मई के बाद कम हुई थी। लेकिन अब फिर से कई राज्यों में गर्मी का कहर शुरू होने वाला है।
तापमान का हाल:
- पिछले हफ्ते बांदा (उत्तर प्रदेश) में 21 और 25 मई को अधिकतम तापमान 47.6°C दर्ज किया गया
- ब्रह्मपुरी (महाराष्ट्र) में भी 25 मई को 47.6°C तापमान रहा
- सबसे कम न्यूनतम तापमान 26 मई को हाफलोंग (असम) में 17.0°C रिकॉर्ड हुआ
आने वाले दिनों का अनुमान:
- बिहार में 6-8 जून के बीच हीट वेव की स्थिति
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7-10 जून तक लू चलने की संभावना
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 8-10 जून को हीट वेव
- ओडिशा, कोस्टल आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम (4-8 जून)
क्या है El Niño का कनेक्शन
समझने वाली बात यह भी है कि इस साल मानसून पर El Niño का असर पड़ सकता है। IMD के Monsoon Mission Climate Forecast System (MMCFS) के अनुसार, प्रशांत महासागर में ENSO-neutral स्थिति अब El Niño की ओर बढ़ रही है।
वहीं, हिंद महासागर में Indian Ocean Dipole (IOD) की स्थिति फिलहाल neutral है, लेकिन मानसून सीजन के अंत तक कमजोर positive IOD की संभावना है। इसका मतलब है कि मानसून की बारिश कुछ क्षेत्रों में प्रभावित हो सकती है।
किन राज्यों में कम-ज्यादा बारिश
IMD के आंकड़ों के अनुसार, पिछले हफ्ते (28 मई से 3 जून) में देश में औसत से 10% कम बारिश हुई। लेकिन क्षेत्रवार तस्वीर अलग है:
| क्षेत्र | वास्तविक बारिश (mm) | सामान्य (mm) | विचलन (%) |
|---|---|---|---|
| पूर्व और पूर्वोत्तर भारत | 25.7 | 52.1 | -51% |
| उत्तर-पश्चिमी भारत | 14.1 | 8.1 | +74% |
| मध्य भारत | 10.6 | 8.4 | +26% |
| दक्षिणी प्रायद्वीप | 22.5 | 23.1 | -3% |
दिलचस्प बात यह है कि प्री-मानसून सीजन (1 मार्च से 31 मई 2026) में देशभर में कुल 131.3 mm बारिश हुई, जो सामान्य 130.6 mm से सिर्फ 1% अधिक है।
दूसरे सप्ताह (11-17 जून) का पूर्वानुमान
अगले हफ्ते यानी 11-17 जून के बीच मानसून की प्रगति और तेज होगी:
- मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों में मानसून पहुंच जाएगा
- पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक कमजोर Western Disturbance सक्रिय रहेगा
- पूर्वोत्तर भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रहेगी
- महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक में भी भारी बारिश की संभावना
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश को छोड़कर बाकी देश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।
आम लोगों पर क्या होगा असर
इस मौसम बदलाव का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा:
बारिश वाले इलाकों में:
- शहरी क्षेत्रों में सड़कों पर जलभराव
- यातायात में व्यवधान और यात्रा का समय बढ़ना
- कच्ची सड़कों को नुकसान
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा
- खड़ी फसलों को नुकसान
हीट वेव वाले इलाकों में:
- बुजुर्गों, बच्चों और दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ितों के लिए खतरा
- लू लगने और डिहाइड्रेशन का जोखिम
- बिजली की खपत में बढ़ोतरी
किसानों के लिए खास सलाह
IMD ने किसानों के लिए विशेष एग्रो-मेट एडवाइजरी भी जारी की है:
ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में:
- फलों के बागों और सब्जियों के पौधों को हेल नेट या हेल कैप से सुरक्षित रखें
- फसल को जल्दी काट लें और सुरक्षित जगह रखें
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में:
- खेतों में ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित करें
- धान की नर्सरी को पतली पॉलिथीन शीट से ढकें
- केले, पपीता और फलदार पेड़ों को सहारा दें
- पके हुए फलों को तुरंत तोड़ लें
पशुपालकों के लिए:
- पशुओं को ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान शेड के अंदर रखें
- साफ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराएं
- चारे और फीड को सुरक्षित जगह स्टोर करें
सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय
तूफान और बिजली गिरने से बचाव:
- घर के अंदर रहें, खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें
- पेड़ों के नीचे शरण न लें
- कंक्रीट की दीवार से न टिकें
- बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें
- पानी से तुरंत बाहर निकल जाएं
हीट वेव से बचाव:
- लंबे समय तक धूप में रहने से बचें
- ORS, नींबू पानी, लस्सी, छाछ का सेवन करें
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
मौसम की निगरानी जारी
India Meteorological Department लगातार मौसम की निगरानी कर रहा है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है। यह सिर्फ मौसम का पूर्वानुमान नहीं, बल्कि लाखों लोगों की सुरक्षा और आजीविका से जुड़ा मामला है।
अगले कुछ हफ्तों में Southwest Monsoon 2026 की प्रगति तय करेगी कि इस साल कृषि उत्पादन कैसा रहेगा, पानी की उपलब्धता क्या होगी और जलवायु परिवर्तन का क्या असर होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- Southwest Monsoon 2026 ने 4 जून को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में दस्तक दी
- अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी (6-9 जून)
- बिहार और उत्तर प्रदेश में हीट वेव का अलर्ट (6-10 जून)
- हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में ओलावृष्टि की संभावना (4-5 जून)
- El Niño के विकास से मानसून प्रभावित हो सकता है
- किसानों और आम लोगों के लिए विशेष सुरक्षा उपाय जारी












