Punjab Municipal Elections Results 2026: पंजाब में 104 शहरी निकायों की चुनाव मतगणना सिर्फ पार्टियों के लिए नहीं, बल्कि बड़े नेताओं की इज्जत का सवाल बन गई है। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। जब नतीजे आने शुरू हुए तो साफ हो गया कि किसका दबदबा कहां बरकरार है और किसकी साख को झटका लगा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष Raja Warring, पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi और AAP प्रदेश अध्यक्ष Aman Arora – सभी की किस्मत इन चुनावों में दांव पर लगी थी।
देखा जाए तो यह सिर्फ निकाय चुनाव नहीं, बल्कि 2027 की विधानसभा चुनावों से पहले नेताओं की जमीनी ताकत की असली परीक्षा थी। आइए जानते हैं कि दिग्गजों के गढ़ों में क्या रहा नतीजा।
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CM भगवंत मान का धूरी में शानदार शो
मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी नगर कौंसिल में AAP ने विपक्षियों का लगभग सफाया कर दिया। यहां की 21 सीटों में से 19 सीटें आम आदमी पार्टी ने अपने नाम कर लीं। बस दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
हैरान करने वाली बात यह रही कि भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस – तीनों ही पार्टियां यहां अपना खाता तक नहीं खोल सकीं। समझने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में यह जीत उनकी लोकप्रियता का सीधा संकेत है। विपक्ष ने जितनी भी कोशिश की, लेकिन धूरी की जनता ने साफ संदेश दे दिया – भगवंत मान का जादू अभी बरकरार है।
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अमन अरोड़ा के गृह जिले में AAP का दबदबा
पंजाब AAP के अध्यक्ष और मंत्री अमन अरोड़ा के गृहजिले बरनाला की सुनाम नगर परिषद में भी AAP को शानदार बहुमत मिला। 23 वार्डों में से 19 सीटें AAP ने जीतीं। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भाजपा को सिर्फ 1 सीट मिली, जबकि 3 वार्डों में आजाद उम्मीदवार जीते।
दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल दोनों ही यहां शून्य पर आउट हो गईं। लोंगोवाल नगर परिषद में भी अरोड़ा का जलवा दिखा। 15 वार्डों में से AAP ने 10 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 2, अकाली दल को 1 और 2 आजाद उम्मीदवार विजयी रहे।
| नगर परिषद | कुल वार्ड | AAP | कांग्रेस | अकाली दल | BJP | आजाद |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुनाम | 23 | 19 | 0 | 0 | 1 | 3 |
| लोंगोवाल | 15 | 10 | 2 | 1 | 0 | 2 |
राजा वड़िंग को अपने ही गढ़ में करारी शिकस्त
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के लिए यह चुनाव सबसे ज्यादा निराशाजनक साबित हुआ। उनके अपने विधानसभा क्षेत्र गिद्दड़बाहा नगर काउंसिल में AAP ने तूफानी जीत दर्ज की। 19 सीटों में से 17 पर AAP का कब्जा हो गया।
कांग्रेस का प्रदर्शन इतना कमजोर रहा कि पार्टी अपने ही गढ़ में पिछड़ती नजर आई। यहां AAP विधायक डिंपी ढिल्लों का प्रभाव साफ दिखाई दिया। राजा वड़िंग के लिए यह नतीजा एक बड़ा झटका है, खासकर तब जब वे पंजाब कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं। सवाल उठता है कि जब अपने क्षेत्र में ही पार्टी की स्थिति इतनी कमजोर हो तो पूरे पंजाब में 2027 में क्या होगा?
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चन्नी के चमकौर साहिब में कांग्रेस की मजबूत पकड़
पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने गढ़ में दबदबा बरकरार रखा। चमकौर साहिब नगर कौंसिल की 13 वार्डों में से 11 पर कांग्रेस ने जीत हासिल की। यह चन्नी की व्यक्तिगत लोकप्रियता का सबूत है।
अगर गौर करें तो यह उन गिने-चुने क्षेत्रों में से एक है जहां कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला। राहत की बात यह रही कि चन्नी अपनी विधानसभा सीट के अधीन आने वाले इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने में कामयाब रहे। इससे साफ होता है कि व्यक्तिगत स्तर पर चन्नी की स्वीकार्यता अभी भी बरकरार है।
राणा गुरजीत सिंह का कपूरथला में जलवा
कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह ने फिर एक बार अपनी ताकत दिखाई। कपूरथला नगर निगम एकमात्र ऐसा निगम है जहां 8 निगमों में से कांग्रेस को बहुमत मिला। यहां 50 वार्डों में से कांग्रेस ने 30 सीटें जीतीं।
AAP को 12, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा को 3-3 सीटें मिलीं, जबकि 2 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनाव जीते। राणा गुरजीत की यह जीत दर्शाती है कि कांग्रेस में अगर मजबूत स्थानीय नेतृत्व हो तो AAP की लहर के बीच भी जीत संभव है।
कपूरथला नगर निगम परिणाम:
- कुल वार्ड: 50
- कांग्रेस: 30
- AAP: 12
- अकाली दल: 3
- भाजपा: 3
- निर्दलीय: 2
बटाला में शैरी कलसी की अच्छी बढ़त
AAP के उपाध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी के क्षेत्र बटाला नगर निगम में भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया। 50 सीटों में से अब तक 26 सीटों के नतीजे आए हैं। इनमें AAP को 16, कांग्रेस को 8 और भाजपा को 2 सीटें मिली हैं।
चिंता का विषय यह है कि बटाला में कांग्रेस ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर यही अनुपात बाकी सीटों पर भी रहा तो AAP को यहां स्पष्ट बहुमत मिल सकता है।
मोहाली में कुलवंत सिंह के बेटे की जीत
मोहाली नगर निगम चुनाव विधायक कुलवंत सिंह और कांग्रेस के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू – दोनों के लिए खास था। दोनों के बेटे चुनावी मैदान में थे।
कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह समाना ने वार्ड नंबर 42 से 458 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की। AAP के वरिष्ठ नेता डॉ. सन्नी आहलूवालिया भी चुनाव जीत गए। वहीं, सिद्धू के बेटे कंवरबीर सिंह ‘रूबी’ सिद्धू को करारी हार का सामना करना पड़ा (जैसा कि पहली खबर में बताया गया)। कुल मिलाकर मोहाली में AAP बढ़त बनाए हुए है।
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राणा इंद्र प्रताप का सुल्तानपुर लोधी में दबदबा
2022 में AAP की आंधी के बीच भी निर्दलीय खड़े होकर चुनाव जीतने वाले सुल्तानपुर लोधी के विधायक राणा इंद्रप्रताप सिंह का प्रभाव फिर से दिखा। उनके गुट ने नगर कौंसिल सुल्तानपुर लोधी की 13 सीटों में से 7 सीटें जीतीं।
AAP को 5 सीटें मिलीं, जबकि एक सीट शिरोमणि अकाली दल के खाते में गई। उम्मीद की किरण यह है कि राणा इंद्रप्रताप (जो कपूरथला के कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत के बेटे हैं) ने साबित किया कि व्यक्तिगत प्रभाव आज भी मायने रखता है।
सुल्तानपुर लोधी नगर कौंसिल:
- कुल वार्ड: 13
- राणा इंद्रप्रताप गुट (आजाद): 7
- AAP: 5
- अकाली दल: 1
इन नतीजों से क्या संदेश मिलता है?
इन चुनावों ने कई बड़ी बातें साफ कर दीं:
1. मुख्यमंत्री भगवंत मान की मजबूत स्थिति: धूरी में उनकी जबरदस्त जीत साबित करती है कि जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत है।
2. राजा वड़िंग के लिए चेतावनी: गिद्दड़बाहा में हार दर्शाती है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को अपने ही क्षेत्र में काम करने की जरूरत है।
3. व्यक्तिगत करिश्मा अभी भी काम करता है: चन्नी, राणा गुरजीत और राणा इंद्रप्रताप की जीत बताती है कि मजबूत स्थानीय नेतृत्व पार्टी की लहर से ऊपर उठ सकता है।
4. AAP की जमीनी मजबूती: अमन अरोड़ा और शैरी कलसी के क्षेत्रों में जीत दिखाती है कि पार्टी का संगठनात्मक ढांचा मजबूत है।
2027 के लिए क्या संकेत?
ये निकाय चुनाव 2027 की विधानसभा चुनावों की झलक दे रहे हैं। AAP के लिए राहत की बात है कि उनके बड़े नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत हैं। लेकिन कांग्रेस के लिए राजा वड़िंग की हार चिंता का विषय है।
दूसरी ओर, जहां स्थानीय नेतृत्व मजबूत है (जैसे राणा गुरजीत और चन्नी के क्षेत्र), वहां कांग्रेस अभी भी प्रतिस्पर्धी है। यह 2027 में कांग्रेस की रणनीति तय करेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
• CM भगवंत मान के धूरी में AAP ने 21 में से 19 सीटें जीतीं, विपक्ष का सफाया
• पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के गिद्दड़बाहा में AAP ने 19 में से 17 सीटें जीतकर बड़ा झटका दिया
• पूर्व CM चरणजीत चन्नी के चमकौर साहिब में कांग्रेस ने 13 में से 11 सीटें जीतकर दबदबा कायम रखा
• राणा गुरजीत सिंह के कपूरथला में कांग्रेस को 50 में से 30 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत
• AAP अध्यक्ष अमन अरोड़ा के सुनाम में 23 में से 19 और लोंगोवाल में 15 में से 10 सीटें जीतीं
• राणा इंद्रप्रताप के सुल्तानपुर लोधी में आजाद गुट ने 13 में से 7 सीटें जीतीं













