LIVE | ...
गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - कर्नाटक में सियासी उलटफेर! Karnataka CM Siddaramaiah का इस्तीफा, DK Shivakumar बनेंगे अगले मुख्यमंत्री

कर्नाटक में सियासी उलटफेर! Karnataka CM Siddaramaiah का इस्तीफा, DK Shivakumar बनेंगे अगले मुख्यमंत्री

कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव, ढाई साल बाद सिद्धारमैया ने दिया इस्तीफा, अब डीके शिवकुमार संभालेंगे मुख्यमंत्री की कुर्सी

The News Air Team by The News Air Team
गुरूवार, 28 मई 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
Karnataka CM Siddaramaiah
104
SHARES
693
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Karnataka CM Resignation: कर्नाटक की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज सुबह एक महत्वपूर्ण ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। अब उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह वही नेता हैं जो लंबे समय से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे थे।

देखा जाए तो यह फैसला अचानक नहीं है। 2023 में जब कांग्रेस ने कर्नाटक में सरकार बनाई थी, तभी से अटकलें लगाई जा रही थीं कि रोटेशन बेसिस पर मुख्यमंत्री बदले जाएंगे। आज वही हकीकत बन गया। ढाई साल के कार्यकाल के बाद सिद्धारमैया अपनी कुर्सी डीके शिवकुमार को सौंपने के लिए तैयार हैं।

🔍 यह भी पढ़ें- Karnataka Social Media Ban: 16 साल से कम बच्चों पर पाबंदी

ब्रेकफास्ट मीटिंग में हुआ बड़ा ऐलान

आज सुबह कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक खास ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में कांग्रेस पार्टी के सीनियर लीडर्स और मंत्री मौजूद थे। यह कोई साधारण सामाजिक मुलाकात नहीं थी। इसी बैठक में सिद्धारमैया ने खुलकर यह घोषणा कर दी कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इस मीटिंग में उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी शामिल थे। और क्यों न होते, आखिर वही तो अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया तब हुई है जब दिल्ली में कांग्रेस हाई कमान के साथ कई दौर की बातचीत पहले ही हो चुकी थी। शिवकुमार के समर्थक लगातार दबाव बना रहे थे कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए।

समझने वाली बात यह है कि यह सत्ता का औपचारिक हस्तांतरण है। कांग्रेस पार्टी ने अपने अंदरूनी समीकरणों को साध लिया है। यह पावर ट्रांजिशन कर्नाटक कांग्रेस में एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है।

🔍 यह भी पढ़ें- Karnataka Hijab Ban हटा: स्कूलों में हिजाब-जनेऊ अब होंगे Allowed

कर्नाटक कांग्रेस के लिए क्यों अहम है?

अगर गौर करें तो कर्नाटक कांग्रेस पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। पूरे देश में आज कांग्रेस के पास बहुत कम राज्य बचे हैं। ज्यादातर जगहों पर बीजेपी की सरकारें हैं। ऐसे में कर्नाटक वो राज्य है जहां कांग्रेस ने सीधे बीजेपी को हराकर सत्ता हासिल की है।

वित्तीय और राजनीतिक, दोनों ही दृष्टि से कर्नाटक का महत्व बहुत बड़ा है। यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक मजबूत गढ़ बन चुका है। यह राज्य कांग्रेस के लिए एक फ्यू स्टेट्स में से एक है जहां उनकी पूर्ण बहुमत की सरकार है।

अगर यहां कोई अस्थिरता आती है तो इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की एकता पर भी पड़ सकता है। 2029 में लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को अपने इस गढ़ को संभालना बेहद जरूरी है।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि कर्नाटक केवल एक राज्य की समस्या नहीं है। इसके राष्ट्रीय निहितार्थ हैं। इसी वजह से यह खबर इतनी महत्वपूर्ण है।

🔍 यह भी पढ़ें- खतरनाक! H5N1 Virus Karnataka में 44 मोर मरे, इंसानों पर भी खतरा

2023 के चुनाव में क्या हुआ था?

साल 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव हुए थे। अगला चुनाव 2028 के अंत में होगा। लेकिन 2023 में जब चुनाव हुआ था तो कांग्रेस को शानदार जीत मिली थी।

पार्टीसीटें
कांग्रेस135
बीजेपी66
जेडीएस19

यह बड़े अंतर से जीत थी। लेकिन जीत के बाद असली संघर्ष शुरू हुआ – मुख्यमंत्री कौन बनेगा? दो दावेदार थे। एक थे सिद्धारमैया और दूसरे थे डीके शिवकुमार। दोनों ही मुख्यमंत्री बनने के इच्छुक थे। शिवकुमार के समर्थकों ने काफी दबाव डाला था।

कांग्रेस हाई कमान के सामने बड़ी दुविधा थी। सिद्धारमैया चुनावी रूप से बेहद लोकप्रिय थे। लेकिन डीके शिवकुमार ने कर्नाटक में कांग्रेस को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई थी। उनके पास अच्छा-खासा पैसा और संगठनात्मक ताकत है।

आखिरकार एक समझौता हुआ। तय किया गया कि अभी के लिए सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बनेंगे और शिवकुमार उप-मुख्यमंत्री। रूमर्स थीं कि यह रोटेशन बेसिस पर होगा। यानी आधे कार्यकाल के बाद बदलाव होगा। और अब ठीक ढाई साल बाद यही हो रहा है।

डीके शिवकुमार कौन हैं?

डीके शिवकुमार कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली संगठनात्मक नेताओं में से एक हैं। वे कर्नाटक की प्रमुख वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं, जो राज्य की प्रभावशाली कृषक जाति है।

यह भी पढे़ं 👇

1 October History

1 October History: सिकंदर की जीत से Model T Ford तक, आज का दिन बदला था इतिहास!

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
Breaking News Live Updates 1 October

Breaking News Live Updates 1 October 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
1 October 2026 Aaj Ka Rashifal

1 October 2026 Aaj Ka Rashifal: अक्टूबर के पहले दिन किसे मिलेगा करियर में बड़ा मौका?

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026

उनकी ताकत कहां है? संगठन पर उनकी पकड़ बहुत मजबूत है। उन्होंने कर्नाटक कांग्रेस को दोबारा खड़ा किया। विधायकों को मैनेज करना हो, चुनाव अभियान चलाना हो या गठबंधन संभालना हो – सब में वे माहिर हैं।

और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी। 2019 में जब महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट आया था, तब कांग्रेस ने सबसे पहले डीके शिवकुमार को ही याद किया। बीजेपी अपनी तरफ विधायक खींच रही थी। ऐसे में शिवकुमार ने महाराष्ट्र के विधायकों को कर्नाटक में रिसॉर्ट में सुरक्षित रखा था।

यही है उनकी ख्याति – संकट प्रबंधक के रूप में। जब भी रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की बात आती है, डीके शिवकुमार का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उन्होंने विधायकों को बचाने का काम बेहतरीन तरीके से किया था।

💡 यह भी पढ़ें- Geyser Safety Alert: सर्दियों में Hot Water बना जानलेवा खतरा

अब शिवकुमार को क्यों बनाया जा रहा है CM?

देखा जाए तो डीके शिवकुमार के शिविर से लगातार दबाव बन रहा था। ढाई साल हो चुके थे। उनके समर्थकों में बेचैनी थी कि कब तक इंतजार करेंगे।

हाई कमान भी चीजों को संतुलित करना चाहता था। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा – सभी यह चाहते थे कि मामला बढ़ने से पहले ही हल हो जाए। दिल्ली में कई राउंड्स ऑफ टॉक्स हुए इस मुद्दे पर।

साथ ही, भविष्य के चुनावों को देखते हुए भी यह फैसला समझदारी भरा है। 2028 में कर्नाटक में फिर से चुनाव होंगे। सत्ताधारी दल के खिलाफ असंतोष का खतरा हमेशा रहता है। ऐसे में पहले ही नया चेहरा ले आना बेहतर रणनीति है।

बीजेपी भी यही करती रही है। उत्तराखंड हो या गुजरात – कई बार मुख्यमंत्री बदल दिए। इससे असंतोष कम होता है। लगता है कांग्रेस भी यही रणनीति अपना रही है। एंटी-इनकंबेंसी को रोकने के लिए यह एक स्मार्ट मूव है।

संवैधानिक प्रक्रिया क्या होगी?

हमारी संसदीय प्रणाली में मुख्यमंत्री सबसे पहले राज्यपाल को इस्तीफा सौंपते हैं। फिर कांग्रेस विधायक दल अपना नया नेता चुनता है। यहां चुनाव की जरूरत नहीं है क्योंकि कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है।

कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी सबसे संभावित रूप से डीके शिवकुमार को नया नेता चुनेगी। उसके बाद राज्यपाल उन्हें नई सरकार बनाने के लिए बुलाएंगे। फिर अनुच्छेद 164 के तहत उनका मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण होगा।

कहने का मतलब साफ है कि प्रक्रिया बिल्कुल संवैधानिक और पारदर्शी तरीके से होगी। कोई विवाद या अस्थिरता का मामला नहीं है।

राज्यपाल की अनुपस्थिति का सवाल

कई समाचारों में यह चर्चा हो रही है कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत अभी कर्नाटक में नहीं हैं। बुधवार सुबह 10:30 बजे वे बेंगलुरु से इंदौर के लिए निकल गए थे। पारिवारिक आपातकाल बताया जा रहा है। अभी तक वे वापस नहीं लौटे हैं।

तो अब सवाल उठता है – क्या राज्यपाल की मौजूदगी जरूरी है?

जवाब है – नहीं। संविधान में कहीं नहीं लिखा कि राज्यपाल को राजभवन में ही होना जरूरी है। इस्तीफा हाथों-हाथ सौंपना अनिवार्य नहीं है। संविधान संचार पर जोर देता है, भौतिक उपस्थिति पर नहीं।

संभव है कि आधिकारिक लिखित संचार के जरिए यह काम हो जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय मुख्य सचिव के माध्यम से राजभवन अधिकारियों को इस्तीफा भेज सकता है। राज्यपाल इंदौर से ही इसे स्वीकार कर सकते हैं।

बाद में जब राज्यपाल वापस आएंगे, तब औपचारिकताएं पूरी होंगी। डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह तब आयोजित किया जाएगा। तब तक सिद्धारमैया कार्यवाहक सरकार के रूप में काम संभाल सकते हैं।

सरकार नहीं रुक सकती

हमारे लोकतांत्रिक सिद्धांतों में एक बात साफ है – शासन नहीं रुक सकता सिर्फ इसलिए कि कोई पदाधिकारी यात्रा पर है। मान लीजिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विदेश दौरे पर हैं। क्या इसका मतलब यह है कि भारत में कोई इस्तीफा नहीं दे सकता? कोई नियुक्ति नहीं हो सकती? बिल्कुल नहीं।

अगर ऐसा होता तो शासन पंगु हो जाता। आपात स्वीकृतियां नहीं मिल पातीं। इसीलिए संविधान में यह लचीलापन रखा गया है। काम आसानी से आगे बढ़ सके, यही उद्देश्य है।

संवैधानिक सिद्धांत यही है – गवर्नेंस कैन नॉट स्टॉप मेयरली बिकॉज एन ऑफिस होल्डर इज ट्रैवलिंग। शासन जारी रहना चाहिए, चाहे कुछ भी हो।

कैबिनेट का क्या होगा?

भारत में सामूहिक जवाबदेही की प्रणाली चलती है। संसदीय लोकतंत्र में मंत्रिपरिषद मुख्यमंत्री की वजह से ही अस्तित्व में रहती है। अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा देते हैं तो पूरी मंत्रिपरिषद गिर जाती है।

यह समझना जरूरी है। मंत्री मुख्यमंत्री की सलाह पर नियुक्त होते हैं। इसलिए जब डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे तो वे अपनी खुद की कैबिनेट बनाएंगे। कौन-कौन मंत्री होगा, कौन उनके वफादार होंगे – यह सब नए सिरे से तय होगा।

काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स चीफ मिनिस्टर की एडवाइस पर अपॉइंटेड होते हैं। तो पूरी कैबिनेट में फेरबदल की पूरी संभावना है। यह कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाला है।

जानें पूरा मामला

2023 के चुनावों में जब कांग्रेस को भारी जीत मिली, तभी से यह तय था कि सत्ता साझेदारी का फॉर्मूला अपनाया जाएगा। सिद्धारमैया अनुभवी और लोकप्रिय चेहरे थे। लेकिन डीके शिवकुमार संगठनात्मक रूप से बेहद मजबूत थे।

दोनों के बीच संतुलन बनाना कांग्रेस की मजबूरी थी। अगर किसी एक को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाता तो आंतरिक विद्रोह का खतरा था। फैक्शनल पॉलिटिक्स से पार्टी को बचाना जरूरी था।

इसलिए ढाई साल सिद्धारमैया को और अब बाकी समय शिवकुमार को देने का फॉर्मूला अपनाया गया। यह कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक राजनीति का सबसे बड़ा खेल था।

अब देखना होगा कि डीके शिवकुमार अपने कार्यकाल में क्या कमाल दिखाते हैं और 2028 के चुनावों के लिए कांग्रेस को कैसे तैयार करते हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता की असली परीक्षा अब शुरू होगी।


मुख्य बातें (Key Points)

• कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आज ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस्तीफे का ऐलान किया

• उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अब कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे

• 2023 में कांग्रेस की जीत के बाद रोटेशन बेसिस पर यह बदलाव तय था

• राज्यपाल थावरचंद गहलोत की अनुपस्थिति में भी संवैधानिक प्रक्रिया जारी रहेगी

• कर्नाटक कांग्रेस के लिए राजनीतिक और वित्तीय रूप से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है

• मुख्यमंत्री बदलने से पूरी मंत्रिपरिषद भी बदल जाएगी, नई कैबिनेट का गठन होगा


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: डीके शिवकुमार कब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे?

उत्तर: आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण की तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत के वापस लौटने के बाद औपचारिक शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। हालांकि प्रक्रिया जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है। कुछ सूत्रों के अनुसार यह इस सप्ताह के अंत तक हो सकता है।

प्रश्न 2: क्या सिद्धारमैया का इस्तीफा पार्टी के अंदरूनी विवाद की वजह से है?

उत्तर: नहीं, यह पहले से तय योजना का हिस्सा है। 2023 में जब सरकार बनी थी तभी रोटेशन बेसिस पर मुख्यमंत्री बदलने की बात हुई थी। ढाई साल बाद अब यह योजना अमल में आ रही है। यह आंतरिक समझौते का परिणाम है, विवाद का नहीं। कांग्रेस हाई कमान ने दोनों नेताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए यह फॉर्मूला अपनाया था।

प्रश्न 3: क्या इस बदलाव से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर कोई असर पड़ेगा?

उत्तर: कांग्रेस के पास विधानसभा में पूर्ण बहुमत है (135 सीटें)। इसलिए सरकार की स्थिरता पर कोई खतरा नहीं है। हालांकि नई कैबिनेट का गठन होगा और कुछ नीतिगत बदलाव हो सकते हैं। डीके शिवकुमार को संगठनात्मक कौशल के लिए जाना जाता है, इसलिए प्रशासन मजबूत रह सकता है। कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

AMCA Private Players: भारत ने 3 प्राइवेट कंपनियों को भेजा निमंत्रण, HAL को किनारे

Next Post

NEET Computer Based Exam का बड़ा फैसला! Normalisation से परेशान होंगे छात्र

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

1 October History

1 October History: सिकंदर की जीत से Model T Ford तक, आज का दिन बदला था इतिहास!

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
Breaking News Live Updates 1 October

Breaking News Live Updates 1 October 2026: Top Alerts, हर बड़ी खबर सबसे पहले

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
1 October 2026 Aaj Ka Rashifal

1 October 2026 Aaj Ka Rashifal: अक्टूबर के पहले दिन किसे मिलेगा करियर में बड़ा मौका?

गुरूवार, 1 अक्टूबर 2026
LPU Violence

LPU Violence: High Court ने Punjab Government से मांगी Report, फर्जी पोस्ट पर सख्त सवाल!

बुधवार, 30 सितम्बर 2026
Director Jaswant Zafar

Punjab Bhasha Vibhag: Director Jaswant Zafar को Show Cause Notice, भर्ती में गड़बड़ी का आरोप!

बुधवार, 30 सितम्बर 2026
Next Post
NEET Computer Based Exam

NEET Computer Based Exam का बड़ा फैसला! Normalisation से परेशान होंगे छात्र

BJP State President Change

BJP का बड़ा राजनीतिक दांव! चार राज्यों में State President बदले, जानें क्या है रणनीति

CO₂ Paradox

धरती गर्म, आसमान ठंडा! CO₂ Paradox का बड़ा खुलासा, Climate Change का सबसे मजबूत सबूत

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।