Cockroach Janta Party Website Blocked: बड़ी खबर – सोशल मीडिया पर तूफान बनी Cockroach Janta Party की बहुचर्चित वेबसाइट को शनिवार, 23 मई को इंटरनेट से हटा दिया गया है। और बस यहीं से शुरू हुआ एक नया विवाद जिसने डिजिटल भारत की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस वायरल डिजिटल मूवमेंट के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस बात की पुष्टि करते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने इसे “सरकार का तानाशाही रवैया” करार दिया है।
समझने वाली बात यह है कि यह अजीब लेकिन अत्यंत वायरल डिजिटल अभियान युवा सोशल मीडिया यूज़र्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ था। खासकर मिलेनियल और Gen-Z युवाओं ने इसे मौजूदा व्यवस्था पर मीम्स और कटाक्ष के जरिए निशाना साधने का एक बड़ा मंच बना लिया था।
क्या है पूरा मामला?
अभिजीत दीपके ने X (पूर्व में Twitter) पर सरकार पर भड़ास निकालते हुए कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया कि लगभग 10 लाख लोगों ने उनकी वेबसाइट पर सदस्य के रूप में साइन अप किया था।
X पर अपनी भड़ास निकालते हुए दीपके ने पोस्ट किया:
“सरकार ने हमारी आइकॉनिक वेबसाइट को हटा दिया है। 10 लाख कॉकरोचों ने हमारी वेबसाइट पर सदस्य के रूप में साइन अप किया था। 6 लाख कॉकरोचों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।”
दिलचस्प बात यह है कि दीपके ने आगे लिखा:
“सरकार कॉकरोचों से इतना क्यों डरती है? लेकिन यह तानाशाही रवैया भारत के युवाओं की आंखें खोल रहा है।”
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| वेबसाइट ब्लॉक तिथि | 23 मई (शनिवार) |
| कुल मेंबर्स (दावा) | लगभग 10 लाख |
| धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा याचिका | 6 लाख हस्ताक्षर |
| Instagram हैक | हां (आरोप) |
| X अकाउंट ब्लॉक | भारत में रोक |
| बैकअप अकाउंट | हटा दिया गया |
सोशल मीडिया अकाउंट्स पर क्लैंपडाउन
वेबसाइट ब्लॉक होने से कुछ समय पहले ही दीपके ने आरोप लगाया था कि उनकी व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
अपने आधिकारिक अकाउंट से किए गए पोस्ट में दीपके ने लिखा:
“Cockroach Janta Party पर कार्रवाई जारी है। Instagram पेज हैक हो गया है। मेरा निजी Instagram अकाउंट भी हैक कर लिया गया है। X अकाउंट को भारत में रोक दिया गया है। वहीं बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया है।”
हैरान करने वाली बात यह है कि इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा:
“कृपया ध्यान दें कि फिलहाल हमारी किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म तक हमारी पहुंच नहीं है। इसके बाद किए गए किसी भी पोस्ट को Cockroach Janta Party का आधिकारिक बयान ना माना जाए।”
यह सवाल उठता है – क्या यह वाकई में हैकिंग थी या सरकारी दबाव? दीपके का स्पष्ट आरोप है कि यह तानाशाही रवैया है।
NEET-UG पेपर लीक विवाद से संबंध
यह पूरा विवाद कथित NEET-UG पेपर लीक को लेकर मचे बवाल के बीच सामने आया, जिसने देश भर के लाखों मेडिकल छात्रों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
दीपके ने दावा किया कि Cockroach Janta Party के 6 लाख सदस्यों ने परीक्षा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाली पिटीशन पर हस्ताक्षर किए थे।
चिंता का विषय यह है कि NEET-UG पेपर लीक का मामला बेहद संवेदनशील है। हजारों छात्रों ने अपने करियर का भविष्य इस परीक्षा पर दांव पर लगाया हुआ है। और जब इस परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे, तो युवाओं का गुस्सा स्वाभाविक था।
CJI सूर्यकांत की टिप्पणी से शुरुआत
Cockroach Janta Party का यह ट्रेंड पहली बार तब ऑनलाइन वायरल हुआ था जब एक वकील को वरिष्ठ का दर्जा देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा कथित तौर पर की गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।
15 मई को CJI की टिप्पणी:
CJI ने एक वकील को फटकार लगाई थी जिन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट को उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा देने के संबंध में निर्देश देने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।
मुख्य न्यायाधीश ने सवाल उठाया:
“क्या इस दर्जे का पीछा करना या इसके लिए जोर लगाना उचित लगता है? समाज में पहले से ही ऐसे परजीवी मौजूद हैं जो व्यवस्था पर हमला करते हैं और क्या आप उसके साथ हाथ मिलाना चाहते हैं?”
दिलचस्प बात यह है कि CJI ने आगे कहा:
“कुछ युवा कॉकरोच की तरह होते हैं जिन्हें ना तो कोई रोजगार मिलता है और ना ही इस पेशे में कोई जगह। उनमें से कुछ मीडिया में चले जाते हैं। कुछ सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाते हैं। कुछ RTI कार्यकर्ता या अन्य कार्यकर्ता बन जाते हैं और वह हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।”
इन टिप्पणियों से काफी ज्यादा हंगामा हो गया। बाद में CJI ने स्पष्ट किया कि:
“यह कहना पूरी तरह बेबुनियाद है कि मैंने युवाओं की आलोचना की है। मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने नकली और फर्जी डिग्रियों की मदद से बार यानी कानूनी पेशे जैसे क्षेत्रों में प्रवेश किया है। मुझे ना केवल हमारे वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है।”
लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। “Cockroach” शब्द वायरल हो गया और युवाओं ने इसे व्यंग्य में अपना लिया।
अभिजीत दीपके कौन हैं?
अभिजीत दीपके 2 साल पहले Public Relations (जनसंपर्क) का कोर्स करने के लिए बोस्टन (अमेरिका) गए थे। उनका परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर जिले में रहता है।
समझने वाली बात यह है कि दीपके ने सोशल मीडिया की शक्ति को समझा और एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मूवमेंट शुरू किया जो तेजी से वायरल हो गया।
डिजिटल विद्रोह या राजद्रोह?
उस CJI की टिप्पणी के बाद से यह डिजिटल मूवमेंट हास्य, व्यंग और सत्ता विरोधी टिप्पणियों से लैस एक व्यापक इंटरनेट विद्रोह में बदल गया।
इसे खासकर युवा सोशल मीडिया यूजर्स का भारी समर्थन मिल रहा था। मीम्स, वीडियो, पोस्ट – हर जगह Cockroach Janta Party की चर्चा थी।
राहत की बात यह है कि यह एक अहिंसक, व्यंग्यात्मक विरोध था। लेकिन सवाल यह उठता है – क्या व्यंग्य भी अब खतरनाक माना जाने लगा है?
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल
यह मामला भारत में डिजिटल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है:
- क्या सरकार व्यंग्यात्मक मूवमेंट को बर्दाश्त नहीं कर सकती?
- क्या वेबसाइट ब्लॉक करना लोकतंत्र में उचित है?
- क्या युवाओं की आवाज दबाई जा रही है?
हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन दीपके के आरोप गंभीर हैं और जवाब मांगते हैं।
आगे क्या होगा?
Cockroach Janta Party का भविष्य अनिश्चित है। वेबसाइट ब्लॉक, सोशल मीडिया अकाउंट्स हैक/ब्लॉक – ये सब इस मूवमेंट को कमजोर कर सकते हैं।
लेकिन दूसरी ओर, यह दमन और अधिक युवाओं को गुस्सा दिला सकता है। इंटरनेट पर विचार को मारना बेहद मुश्किल है। शायद यह मूवमेंट और मजबूत होकर उभरे।
मुख्य बातें (Key Points)
- Cockroach Janta Party की वेबसाइट 23 मई को इंटरनेट से हटा दी गई
- संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया
- 10 लाख मेंबर्स और 6 लाख ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की
- Instagram पेज हैक, X अकाउंट भारत में ब्लॉक, बैकअप अकाउंट हटाए गए
- CJI सूर्यकांत की “कॉकरोच” टिप्पणी से शुरू हुआ यह मूवमेंट
- NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच यह मामला सामने आया
- युवा सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे व्यंग्यात्मक विरोध का मंच बनाया
- अभिजीत दीपके बोस्टन से PR कोर्स किए, महाराष्ट्र से हैं













