Stray Dogs Punjab Controversy: पंजाब में आवारा कुत्तों को लेकर छिड़ा विवाद अब राष्ट्रीय बहस का रूप ले चुका है। सांसक केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकारों की दिग्गज नेता मेनका गांधी ने ‘ट्रिब्यून’ ग्रुप को दिए एक इंटरव्यू में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आवारा कुत्तों के खिलाफ मुहिम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका साफ कहना है: “कुत्तों को मारने का कोई लाइसेंस नहीं मिला है।”
भगवंत मान के ट्वीट से शुरू हुई असली कहानी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ट्वीट करके एलान किया था कि उनकी सरकार शुक्रवार से आवारा और खतरनाक कुत्तों को खत्म करने के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू करेगी। और बस इसी ट्वीट ने तूफान खड़ा कर दिया। एक घंटे के अंदर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर हैशटैग #SavePunjabDogs दुनियाभर में नंबर वन पर ट्रेंड करने लगा।
देशभर के पशु प्रेमियों में रोष फैल गया। करोड़ों लोगों ने इस फैसले का विरोध किया।
मेनका गांधी ने खोली सुप्रीम कोर्ट आदेश की असलियत
पीपल फॉर एनिमल्स की राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी की सीनियर नेता मेनका गांधी ने बिल्कुल साफ शब्दों में बताया कि 19 मई के सुप्रीम कोर्ट आदेश में असल में क्या कहा गया है। अगर गौर करें तो यह आदेश नवंबर के पुराने हुक्मों की ही पुनरावृत्ति है। इसमें नया सिर्फ एक शब्द है: ‘यूथनेसिया’ (इच्छा-मृत्यु)।
सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा, उसका सार यह है:
| सुप्रीम कोर्ट का निर्देश | विवरण |
|---|---|
| जानवरों को खिलाना | ✅ अनुमति है, खिलाने वालों को परेशान नहीं किया जा सकता |
| इलाके से हटाना | ❌ किसी जानवर को उसके इलाके से नहीं हटाया जा सकता |
| शेल्टर होम में ले जाना | ✅ सिर्फ अस्पतालों, बस स्टैंड, कॉलेजों, रेलवे स्टेशनों से… और वो भी तभी जब शेल्टर मौजूद हों |
| ABC सेंटर | ✅ हर जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने होंगे |
| कुत्ते को मारना | ❌ सिर्फ रेबीज पीड़ित कुत्ते को, वो भी तीन पशु डॉक्टरों के लिखित प्रमाण पर |
| खतरनाक कुत्ता हटाना | ❌ तब तक नहीं जब तक रिकॉर्ड पर न हो कि उसने बिना उकसावे के 3 लोगों को काटा |
| फीडिंग स्पॉट | ✅ नगरपालिकाओं को निर्धारित करने होंगे |
मेनका गांधी ने जोर देकर कहा कि ‘प्रिवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू एनिमल्स एक्ट’ बिल्कुल स्पष्ट है। एक स्वस्थ कुत्ते को कानूनी तौर पर पकड़कर मारा नहीं जा सकता। मौजूदा कानूनी ढांचा किसी भी स्थिति में आवारा जानवरों को बड़े पैमाने पर मारने की इजाजत नहीं देता।
मेनका ने भगवंत मान की राजनीतिक मंशा पर उठाए सवाल
यहां ध्यान देने वाली बात है कि मेनका गांधी ने भगवंत मान के इस ऐलान के पीछे राजनीतिक मंशा होने का भी इशारा किया। उन्होंने याद दिलाया कि यही वह शख्स है जिसने मुख्यमंत्री बनते ही एलान कर दिया था कि कोई भी सरकारी मुलाजम घर में कुत्ता नहीं रख सकता। जब अफसरशाही, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एतराज जताया तो यह हुक्म वापस लेना पड़ा।
इसी बीच, मेनका ने दिल्ली नगर निगम चुनावों का हवाला दिया जहां आम आदमी पार्टी 40 से ज्यादा सीटें हार गई थी जब उन्होंने शहर को जानवरों से मुक्त करने का एलान किया था। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब की आने वाली नगर निगम चुनावों में भी AAP को ऐसे ही नतीजों का सामना करना पड़ सकता है।
भारत की आत्मा को नहीं समझते भगवंत मान
सवाल उठता है कि आखिर यह मुहिम किसके लिए है? मेनका गांधी का कहना है कि भगवंत मान भारत की आत्मा को बुनियादी तौर पर नहीं समझते। उनके मुताबिक, कुत्तों से डरने वाले लोग भी जानवरों को मारना नहीं चाहते। भगवंत मान के ट्वीट के एक घंटे के अंदर ही उनके खिलाफ गुस्सा विश्व स्तर पर पहले नंबर पर ट्रेंड कर रहा था। इसका मतलब है कि करोड़ों लोग इस फैसले का विरोध कर रहे थे।
चिंता का विषय यह है कि अगर सरकार बिना सही शेल्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर और ABC सेंटर बनाए यह मुहिम चलाती है, तो यह कानून का उल्लंघन होगा और जानवरों के साथ क्रूरता का मामला बन सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मेनका गांधी ने साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों को मारने का कोई लाइसेंस नहीं दिया है
- स्वस्थ कुत्ते को कानूनी तौर पर पकड़कर मारा नहीं जा सकता, सिर्फ रेबीज पीड़ित कुत्ते को तीन पशु डॉक्टरों के प्रमाण पर ही इच्छा-मृत्यु दी जा सकती है
- #SavePunjabDogs हैशटैग भगवंत मान के ट्वीट के एक घंटे में विश्व स्तर पर नंबर वन पर ट्रेंड हुआ
- मेनका ने चेतावनी दी कि यह फैसला AAP को पंजाब नगर निगम चुनावों में भारी पड़ सकता है













