IMD Weather Alert 22 May 2026: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने देश के बड़े हिस्से के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में भीषण लू (Severe Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी। देखा जाए तो पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में तापमान 47.6°C तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा तापमान है।
22 मई 2026 को दोपहर 2:15 बजे जारी इस आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में IMD ने साफ किया है कि यह महज गर्मी का मौसम नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य आपातकाल है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए यह समय बेहद खतरनाक है। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) ने केरल में दस्तक दे दी है और अगले 2-3 दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में प्रवेश करने की संभावना है।

बांदा में 47.6°C: चिलचिलाती गर्मी का नया रिकॉर्ड
अगर गौर करें तो पिछले 24 घंटों की स्थिति बेहद चिंताजनक रही है। 21 मई को उत्तर प्रदेश के बांदा में दर्ज 47.6 डिग्री सेल्सियस तापमान ने पूरे देश को चौंका दिया। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सिर्फ एक जगह की बात नहीं है – पूरे उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, मध्य और आसपास के पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और दक्षिण-पूर्वी तटीय इलाकों में तापमान 40-47°C के बीच रहा।
दिलचस्प बात यह है कि कई जगहों पर तापमान सामान्य से 5 डिग्री से भी ज्यादा ऊपर दर्ज किया गया। तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा (>5.1°C) रहा। ओडिशा और विदर्भ में कुछ स्थानों पर तापमान सामान्य से 3.1°C से 5.0°C ज्यादा रहा।
समझने वाली बात यह है कि सिर्फ दिन का तापमान ही नहीं, रात का तापमान भी खतरनाक रूप से बढ़ा हुआ है। विदर्भ में रात का तापमान सामान्य से 5.1°C से ज्यादा रहा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और तटीय आंध्र प्रदेश में भी रातें असामान्य रूप से गर्म रहीं। यह स्थिति इसलिए और खतरनाक है क्योंकि शरीर को रात में ठंडक से रिकवर होने का मौका नहीं मिल पाता।
अगले 6-7 दिन का भयावह पूर्वानुमान
IMD ने जो भविष्यवाणी की है, वह और भी चिंताजनक है। आने वाले 6-7 दिनों में स्थिति में कोई राहत नहीं दिख रही:
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: 22-28 मई तक हीटवेव जारी रहेगी, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में सीवियर हीटवेव (भीषण लू) की स्थिति रहेगी।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 22-28 मई तक हीटवेव रहेगी, लेकिन 24-27 मई के बीच कई जगहों पर सीवियर हीटवेव की स्थिति बन सकती है।
राजस्थान: 22-28 मई तक हीटवेव, खासकर पश्चिम राजस्थान में 24-28 मई के बीच सीवियर हीटवेव संभव है।
विदर्भ: 22-28 मई तक हीटवेव, 22-26 मई के बीच सीवियर हीटवेव की संभावना।
तटीय आंध्र प्रदेश और यानम: 22-26 मई तक हीटवेव, 22-24 मई के बीच सीवियर हीटवेव संभव।
इसके अलावा बिहार (22-24 मई), तमिलनाडु (22 मई), छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना (22-26 मई) में भी हीटवेव की स्थिति रहेगी।
दिल्ली/NCR: 44-46°C के बीच झुलसेगी राजधानी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए IMD ने विशेष बुलेटिन जारी किया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान 44-45°C के बीच रहा और न्यूनतम तापमान 27-29°C के बीच। वैसे तो अधिकतम तापमान में 1°C की गिरावट आई है, लेकिन न्यूनतम तापमान में 2-3°C की गिरावट आई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान:
22 मई: मुख्य रूप से साफ आसमान, कई जगहों पर हीटवेव। तेज हवाएं 15-25 kmph जो कभी-कभी 35 kmph तक पहुंच सकती हैं। अधिकतम तापमान 44-46°C तक पहुंच सकता है।
23 मई: मुख्य रूप से साफ आसमान, कई जगहों पर हीटवेव। सुबह/दोपहर/शाम गरज के साथ विकास की संभावना। हवाएं 20-30 kmph जो 40 kmph तक झोंके दे सकती हैं। तापमान 43-45°C।
24 मई: साफ आसमान, हीटवेव जारी। हवाएं 20-30 kmph जो 40 kmph तक झोंके दे सकती हैं। तापमान 44-46°C।
25 मई: साफ आसमान, हीटवेव। तेज हवाएं 20-30 kmph जो 45 kmph तक झोंके दे सकती हैं। तापमान 44-46°C।
केरल में मानसून की धमाकेदार एंट्री: 23 cm बारिश
वहीं दूसरी तरफ, दक्षिण भारत में बिल्कुल अलग तस्वीर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 ने केरल में जोरदार दस्तक दी है। पिछले 24 घंटों में केरल के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश (11-20 cm) हुई, जबकि कुछ जगहों पर एक्सट्रीमली हैवी रेनफॉल (≥21 cm) भी दर्ज की गई।
आंकड़े देखें तो चौंकाने वाले हैं:
- मावेलिक्करा (अलाप्पुझा): 23 cm
- कायमकुलम (अलाप्पुझा): 21 cm और 13 cm
- मनकोंपु, नूरानाड, करुमादी, हरिपाद (अलाप्पुझा): 10-12 cm
- चेर्थला, परिपल्ली, तेल्लिचेरी, वायकोम: 7-9 cm
मानसून की उत्तरी सीमा अभी 6°N/70°E से होते हुए 17.5°N/98°E तक पहुंच चुकी है। IMD के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में मानसून दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर के बचे हुए हिस्सों और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में प्रवेश कर सकता है।
असम में भी भारी बारिश, आंधी-तूफान का कहर
सिर्फ केरल नहीं, असम में भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश (11-20 cm) हुई है। एससीएस कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर (धुबरी) में 15 cm और बहालपुर में 8 cm बारिश दर्ज की गई।
बिहार में झंझारपुर (मधुबनी) में 9 cm और लखनौर में 7 cm बारिश हुई। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में वाईएन होसकोटे (तुमकुरु) में 9 cm और बेंगलुरु शहर में 6 cm बारिश दर्ज की गई।
आंधी-तूफान की स्थिति भी गंभीर रही। असम और मेघालय में मानस में 80-120 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। तमिलनाडु में नाथम (दिंडीगुल) में 72 kmph और कांचीपुरम में 63 kmph तेज हवाएं दर्ज की गईं।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में आगामी बारिश
IMD ने पूर्वोत्तर भारत के लिए भी चेतावनी जारी की है:
अरुणाचल प्रदेश: 22-27 मई तक भारी बारिश, 23 और 24 मई को अत्यधिक भारी बारिश संभव।
असम और मेघालय: 22-28 मई तक भारी बारिश, 23-25 मई को अत्यधिक भारी बारिश संभव।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 22-24 मई तक भारी बारिश।
सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 22-26 मई तक भारी बारिश, 22 और 23 मई को अत्यधिक भारी बारिश संभव।
मछुआरों के लिए चेतावनी: समुद्र में न जाएं
IMD ने मछुआरों के लिए भी सख्त चेतावनी जारी की है। निम्नलिखित क्षेत्रों में मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है:
बंगाल की खाड़ी:
- मन्नार की खाड़ी, दक्षिण बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्से, दक्षिण और उत्तरी अंडमान सागर (22 मई)
- इसके बाद भी 23-25 मई तक यही स्थिति जारी रहेगी
अरब सागर:
- केरल, कर्नाटक तट, लक्षद्वीप, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र (22-27 मई)
- सोमालिया तट के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्से (22-27 मई)
समुद्री हवाओं की रफ्तार 80-120 kmph तक पहुंच सकती है, जो बेहद खतरनाक है।
ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं की चेतावनी
कई राज्यों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी चेतावनी जारी की गई है:
- उत्तराखंड: 22 मई
- हिमाचल प्रदेश: 22 और 23 मई
- ओडिशा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक: 22 मई
थंडरस्क्वाल (तूफानी हवाएं 50-60 kmph जो 70 kmph तक झोंके दे सकती हैं):
- आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: 22 और 23 मई
- गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा: 22 मई
- झारखंड: 24 और 25 मई
- बिहार: 25 मई
स्वास्थ्य पर असर: क्या करें, क्या न करें
IMD ने हीटवेव से बचाव के लिए विस्तृत सलाह जारी की है:
रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों के लिए:
- हीट स्ट्रोक और गर्मी से संबंधित बीमारियों की बहुत ज्यादा संभावना
- कमजोर लोगों (बच्चे, बुजुर्ग, पुरानी बीमारियों वाले) को अत्यधिक सावधानी
ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों के लिए:
- लंबे समय तक धूप में रहने या भारी काम करने वालों को गर्मी से बीमारी का खतरा
- गर्मी से बचें, ठंडा रहें, डिहाइड्रेशन से बचें
- पर्याप्त पानी पिएं – प्यास न भी लगे तो भी
- ORS, लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ का सेवन करें
येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों के लिए:
- हल्के कपड़े पहनें – हल्के रंग के, ढीले, सूती
- सिर ढकें – कपड़ा, टोपी या छाता इस्तेमाल करें
- गर्मी से बचने की कोशिश करें
किसानों के लिए कृषि सलाह
IMD ने किसानों के लिए भी विस्तृत सलाह जारी की है:
ओलावृष्टि वाले क्षेत्रों में:
- हिमाचल प्रदेश और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में फलों के बागों और सब्जी के पौधों में ओला जाली या ओला टोपी का उपयोग करें
- फसलों में पानी जमा न होने दें, पके फलों को जल्दी तोड़ लें
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में:
- खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करें
- केला, नारियल और अन्य सब्जियों को सहारा दें
- धान, मक्का और अन्य फसलों को जलजमाव से बचाएं
हीटवेव वाले क्षेत्रों में:
- बार-बार हल्की सिंचाई करें
- मल्चिंग (पुआल/पॉलीथीन) से मिट्टी की नमी बचाएं
- फलों के पौधों को छाया जाल से बचाएं
पशुपालन के लिए:
- पशुओं को साफ और पर्याप्त पीने का पानी दें
- मुर्गी पालन शेड की छत पर घास डालें
- भारी बारिश/ओलावृष्टि के दौरान जानवरों को शेड में रखें
मौसम प्रणालियां: क्या हो रहा है वातावरण में?
समझने वाली बात यह है कि ये सब कुछ अचानक नहीं हो रहा। कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं:
- वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तरी पाकिस्तान और आसपास में निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दिख रहा है
- उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश में एक चक्रवाती परिसंचरण
- आंतरिक ओडिशा में एक चक्रवाती परिसंचरण
- मध्य असम में एक चक्रवाती परिसंचरण
- दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण
- पूर्व-मध्य अरब सागर में एक चक्रवाती परिसंचरण
इन सभी प्रणालियों के प्रभाव से अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मौसम की स्थिति बन रही है।
तापमान में कोई राहत नहीं
IMD का साफ कहना है कि पूर्वी भारत में 26 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। 27 और 28 मई को धीरे-धीरे 2-3°C की गिरावट संभव है। बाकी देश में 28 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
यानी कम से कम अगले एक हफ्ते तक यह गर्मी का कहर जारी रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- बांदा (UP) में 47.6°C रिकॉर्ड तापमान दर्ज
- अगले 6-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में सीवियर हीटवेव जारी
- दिल्ली में 44-46°C तक पहुंच सकता तापमान
- केरल में 23 cm तक बारिश, मानसून की एंट्री
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी
- ओलावृष्टि की चेतावनी – हिमाचल, उत्तराखंड, ओडिशा, कर्नाटक में
- मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
- रातें भी गर्म – विदर्भ, UP, MP, ओडिशा में Warm Night conditions












