Punjab Office Timing Change: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गर्मी की भीषण लहर से जनता को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब पूरे पंजाब में सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों का समय बदल दिया गया है। 25 मई से सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही सरकारी कामकाज होगा। यह फैसला तब आया है जब पंजाब समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान 45 डिग्री को पार कर रहा है।
देखा जाए तो यह कदम न सिर्फ आम जनता बल्कि सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद बताया कि यह फैसला सभी हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। पहले सरकारी दफ्तरों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक काम होता था, लेकिन अब यह समय सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 बजे कर दिया गया है।
ਗਰਮੀ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿਚ ਰੱਖਦਿਆਂ 25 ਮਈ ਦਿਨ ਸੋਮਵਾਰ ਤੋਂ ਸਰਕਾਰੀ ਦਫ਼ਤਰਾਂ ਅਤੇ ਸਾਰੇ ਸਕੂਲਾਂ, ਸਾਰੀਆਂ ਕਲਾਸਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਵੇਰੇ 7:30 Am ਵਜੇ ਤੋਂ ਦੁਪਹਿਰ 1:30PM ਤੱਕ ਹੋਵੇਗਾ।
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) May 22, 2026
25 मई से होगा लागू, अगले आदेश तक जारी रहेगा
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि यह बदला हुआ समय 25 मई 2025 से लागू होगा और अगले आदेश तक जारी रहेगा। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने कोई निश्चित तारीख नहीं दी है कि यह व्यवस्था कब तक चलेगी। इसका मतलब साफ है कि जब तक गर्मी का प्रकोप रहेगा, तब तक यह समय जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह फैसला आम लोगों की सुविधा के लिए लिया गया है ताकि वे पूरे पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी के दौरान सरकारी दफ्तरों में आसानी से अपने काम करवा सकें। हर किसी की भलाई को सुनिश्चित करने के लिए सभी भागीदारों से सलाह-मशविरे के बाद यह फैसला लिया गया है।”
बिना छुट्टी लिए करवा सकेंगे काम
अगर गौर करें तो यह फैसला आम लोगों के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। दिलचस्प बात यह है कि अब जो लोग प्राइवेट नौकरी करते हैं, वे अपनी नौकरी से छुट्टी लिए बिना सुबह-सुबह सरकारी दफ्तरों में अपना काम निपटा सकेंगे।
मुख्यमंत्री मान ने इसी बात पर जोर देते हुए कहा, “बदले हुए समय से लोग अपने काम से छुट्टी लिए बिना सुबह-सुबह अपने सरकारी काम पूरे कर सकेंगे। इस कदम से कर्मचारियों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि वे दिन में तापमान बढ़ने से पहले अपनी ड्यूटी खत्म कर सकेंगे।”
समझने वाली बात यह है कि जब दोपहर 1:30 बजे दफ्तर बंद हो जाएंगे, तब तक दिन की सबसे तेज गर्मी शुरू नहीं हुई होगी। आमतौर पर पंजाब में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है।
बच्चों के साथ ज्यादा समय बिता सकेंगे मां-बाप
मुख्यमंत्री ने एक और दिलचस्प बात बताई। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों को अपने बच्चों के साथ बिताने के लिए ज्यादा समय मिलेगा, क्योंकि स्कूलों और कॉलेजों का समय भी बदल दिया गया है।
यहां गौर करने वाली बात यह है कि जब माता-पिता और बच्चे लगभग एक ही समय घर लौटेंगे, तो पारिवारिक बंधन मजबूत होंगे। खासकर उन परिवारों के लिए यह बड़ी राहत है जहां छोटे बच्चे हैं और दोनों माता-पिता नौकरी करते हैं।
मुख्यमंत्री मान ने कहा, “यह फैसला पंजाब सरकार की लोक-पक्षीय पहुंच और नागरिकों के रोजमर्रा जीवन को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
बिजली बचत में भी मिलेगी बड़ी मदद
इस फैसले का एक और बड़ा फायदा बिजली की बचत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के आंकड़ों के अनुसार बिजली का पीक लोड दोपहर 1 बजे के बाद शुरू होता है।
अगर गौर करें तो जब सरकारी दफ्तर दोपहर 1:30 बजे बंद हो जाएंगे, तो AC और अन्य बिजली उपकरणों की खपत घट जाएगी। यह ठीक उस समय होगा जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा, “पीएसपीसीएल के आंकड़ों के अनुसार बिजली का पीक लोड दोपहर 1:00 बजे के बाद शुरू होता है, इसलिए दफ्तरों का नया समय बिजली की खपत को घटाने और बिजली के बुनियादी ढांचे पर दबाव को कम करने में भी मदद करेगा।”
दिलचस्प बात यह है कि पंजाब इन दिनों गर्मी के साथ-साथ बिजली संकट से भी जूझ रहा है। ऐसे में यह कदम दोहरा फायदा देगा।
किन-किन संस्थानों पर लागू होगा?
यह नया समय पूरे पंजाब में सभी सरकारी दफ्तरों, स्कूलों और कॉलेजों पर लागू होगा। यानी चाहे वह शिक्षा विभाग हो, राजस्व विभाग हो, नगर निगम के दफ्तर हों या फिर किसी भी सरकारी उपक्रम का दफ्तर – सभी जगह सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 बजे तक ही काम होगा।
हालांकि, यह साफ नहीं है कि आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों और बिजली विभाग के आपातकालीन सेवाओं पर यह नियम लागू होगा या नहीं। आमतौर पर ऐसी सेवाएं 24 घंटे चलती हैं।
पंजाब में कितनी गर्मी पड़ रही है?
समझने वाली बात यह है कि पंजाब इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। लुधियाना, अमृतसर, पटियाला, जालंधर समेत ज्यादातर शहरों में तापमान 43-45 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। हीटवेव की चेतावनी भी जारी की गई है। ऐसे में सरकार का यह फैसला समय पर आया है।
खासतौर पर स्कूली बच्चों के लिए तेज धूप में स्कूल आना-जाना खतरनाक हो सकता है। कई बार लू लगने और डिहाइड्रेशन के मामले सामने आते हैं।
अन्य राज्यों में भी इसी तरह की व्यवस्था
यह कोई नई बात नहीं है। गर्मियों में कई राज्य सरकारी दफ्तरों और स्कूलों का समय बदल देते हैं। राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी गर्मियों में सुबह जल्दी दफ्तर खोलने और दोपहर में बंद करने की परंपरा रही है।
लेकिन पंजाब में यह पहली बार हो रहा है कि AAP सरकार ने इतनी जल्दी और व्यापक स्तर पर यह फैसला लिया है।
जनता की प्रतिक्रिया कैसी है?
सोशल मीडिया पर इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ लोग इसे सराह रहे हैं और कह रहे हैं कि यह जनहित का फैसला है। खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
लेकिन कुछ लोगों को चिंता है कि सुबह 7:30 बजे दफ्तर पहुंचना मुश्किल होगा, खासकर उन लोगों के लिए जो दूर से आते हैं। इसके अलावा, कुछ लोगों का कहना है कि सिर्फ 6 घंटे में सारा काम हो पाएगा या नहीं, यह देखना होगा।
राजनीतिक विश्लेषण: चुनाव से पहले जनता को साधने की कोशिश?
अगर गौर करें तो यह फैसला ऐसे समय आया है जब 26 मई को पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। विरोधी दलों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया है।
लेकिन AAP का कहना है कि यह शुद्ध रूप से जनहित का फैसला है और चुनाव से इसका कोई लेना-देना नहीं है। वैसे भी गर्मी एक वास्तविक समस्या है और इससे राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है।
जो भी हो, इस फैसले से AAP सरकार की छवि निश्चित रूप से बेहतर होगी। खासकर उन लोगों में जो रोज गर्मी की मार झेल रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- 25 मई से लागू: पंजाब में सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल और कॉलेज सुबह 7:30 से दोपहर 1:30 बजे तक खुलेंगे
- भीषण गर्मी से राहत: मुख्य उद्देश्य आम जनता और कर्मचारियों को तेज धूप से बचाना
- बिजली बचत: पीक लोड के समय दफ्तर बंद रहने से बिजली की खपत घटेगी
- पारिवारिक समय: माता-पिता और बच्चे एक साथ घर लौटेंगे
- अगले आदेश तक: कोई निश्चित अंतिम तिथि नहीं, गर्मी खत्म होने तक जारी रहेगा













