NEET Students Motivation: नीट परीक्षा रद्द होने से तनाव में आए लाखों छात्रों के लिए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की अपील ने उम्मीद की नई किरण जगाई है। दो दिन पहले जारी किए गए उनके वीडियो संदेश को 50 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा और हजारों परीक्षार्थियों ने अपनी भावनाएं साझा कीं।
मंगलवार को एक नया वीडियो जारी कर केजरीवाल ने छात्रों को जीवन का मंत्र दिया – “हर हाल में डॉक्टर बनने का दृढ़ संकल्प लो।” साथ ही उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 21 जून को दोबारा होने वाली नीट परीक्षा के लिए पंजाब में छात्रों को फ्री बस सेवा मिलेगी।
Dear NEET students,
I am touched by the number of messages and intensity of your feelings. U trusted me. Thank you. Stay strong. Make a resolve – ki doctor ban ke rahenge. God bless u all pic.twitter.com/jKUtgFARC9
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 19, 2026
50 लाख व्यूज और हजारों दिल छू लेने वाले संदेश
केजरीवाल ने मंगलवार को जारी अपने वीडियो में बताया कि दो दिन पहले डाले गए वीडियो को अब तक 50 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। देखा जाए तो यह आंकड़ा दिखाता है कि नीट परीक्षा का मुद्दा कितना संवेदनशील और व्यापक है।
उन्होंने कहा, “हजारों की संख्या में आपके कमेंट और मैसेज आए हैं। बहुत सारे लोगों ने अपनी अंदर की भावनाएं साझा की हैं। आपने मुझ पर इतना भरोसा किया, इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं।”
अपने संदेश में केजरीवाल ने कुछ छात्रों के कमेंट्स को खास तौर पर जिक्र किया। सुजाता सूजी ने लिखा था, “थैंक यू सर। आप ही स्टूडेंट्स की सच में फिक्र करते हो।” वहीं राहुल नायक ने कहा, “हमें सच में इस समय इस सपोर्ट की जरूरत थी सर। थैंक यू केजरीवाल जी।”
“आप सब मेरे बच्चे हैं, इसलिए लड़ रहा हूं”
छात्रों के शुक्रिया संदेशों पर भावुक होते हुए केजरीवाल ने कहा, “मैं पूछता हूं कि थैंक यू किस लिए? आप सब तो मेरे बच्चे हो। मेरे दो बच्चे हैं और वे दोनों आईआईटी दिल्ली से पढ़े हैं। अगर उनके एग्जाम कैंसिल हो जाते, तो मैं उनके लिए भी यही कर रहा होता।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि केजरीवाल ने खुद को छात्रों के अभिभावक की तरह पेश किया। उन्होंने जोड़ा, “आप सब मेरे बच्चे हैं, इसलिए मैं आपके लिए भी उसी तरह से लड़ रहा हूं जैसे अपने बच्चों के लिए लड़ रहा होता।”
छात्रों की दर्द भरी कहानियां: पांचवां प्रयास भी बेकार
केजरीवाल ने अपने वीडियो में कुछ छात्रों की दिल दहला देने वाली कहानियां साझा कीं। अबू बशर नाम के एक छात्र ने लिखा, “हेलो सर, यह मेरा तीसरा प्रयास है। मैंने 2024 में 1.5 लाख कोचिंग फीस देकर पेपर दिया। अच्छे अंक लाए, पर तब भी पेपर लीक हो गया। अब इस साल सिर्फ सेल्फ स्टडी करके दिया। एग्जाम अच्छा गया और परिवार के साथ सेलिब्रेट भी कर लिया, पर पेपर कैंसिल हो गया। सच में सर, बहुत डिप्रेस्ड हूं।”
और भी दर्दनाक था विकास यादव का संदेश। उन्होंने लिखा, “यह मेरा पांचवां अटेम्प्ट था। मैंने इस एग्जाम के लिए बहुत मेहनत की थी। पिछले 2 महीने में कभी-कभी केवल 3 घंटे सोया था सर। 3 मई के लिए हम मानसिक रूप से तैयार थे, अब 21 जून के लिए मोटिवेशन कहां से लाऊं सर?”
एक छात्र ने तो यहां तक लिख दिया, “अब मुझ में हिम्मत नहीं बची।”
इन संदेशों को पढ़कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि नीट परीक्षा रद्द होने से छात्रों की मानसिक स्थिति कितनी खराब हो चुकी है।
केजरीवाल का ‘सफलता का मंत्र’: दृढ़ संकल्प ही रास्ता
निराश छात्रों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा, “यह क्या है बच्चे? हिम्मत नहीं बची का क्या मतलब है?”
फिर उन्होंने छात्रों को एक शक्तिशाली मंत्र दिया। उन्होंने कहा, “अपना इरादा मजबूत कर लो कि मुझे डॉक्टर बनना ही बनना है, किसी भी हालत में बनना है। चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं, चाहे कितना भी संघर्ष करना पड़े।”
अगर गौर करें तो केजरीवाल ने यहां सिर्फ राजनीतिक बयान नहीं दिया, बल्कि लाइफ कोचिंग की तरह छात्रों को गाइड किया। उन्होंने आगे कहा, “एक बार जब आप दृढ़ निश्चय कर लेते हो, तो इस ब्रह्मांड की सारी शक्तियां आपकी मदद करती हैं और भगवान भी आपकी मदद करता है।”
उन्होंने जोड़ा, “आप सब डॉक्टर बनोगे। किसी भी हालत में हिम्मत नहीं हारनी है। 21 जून की अच्छे से तैयारी करो।”
पेपर लीक रोका जा सकता है? AAP का दावा
कुछ छात्रों ने केजरीवाल से सवाल पूछा था – “सर पेपर लीक होना बंद हो सकता है क्या?”
इस सवाल के जवाब में केजरीवाल ने AAP की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा, “बिल्कुल हो सकता है। आम आदमी पार्टी की 10 साल दिल्ली में सरकार थी, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। 4 साल से पंजाब में सरकार है, एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।”
दिलचस्प बात यह है कि केजरीवाल ने पेपर लीक को सिस्टम की बेईमानी से जोड़ा। उन्होंने कहा, “ऐसा इसलिए क्योंकि हम लोग ईमानदार हैं। अगर सिस्टम के टॉप पर बैठे हुए लोग ईमानदार हों, तो पेपर लीक नहीं होंगे। और अगर सिस्टम के टॉप पर बैठे लोग बेईमान और भ्रष्ट हों, तो रोज पेपर लीक होंगे।”
यह बयान साफ तौर पर केंद्र सरकार पर निशाना साधता दिखता है, हालांकि केजरीवाल ने किसी का नाम नहीं लिया।
बड़ा ऐलान: पंजाब में छात्रों को फ्री बस सेवा
केजरीवाल ने बताया कि कुछ छात्रों ने उन्हें लिखा है कि उनके पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि वे बस का किराया वहन कर सकें।
इस समस्या का तुरंत समाधान देते हुए केजरीवाल ने घोषणा की, “मैं बुधवार को पंजाब जा रहा हूं और मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात करूंगा। कम से कम पंजाब में जिस दिन आपका पेपर होगा, हम बसों में आपका आने-जाने का खर्चा फ्री कर देंगे।”
यह घोषणा 21 जून को होने वाली दोबारा नीट परीक्षा के लिए है। पंजाब में परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
सोशल मीडिया पर भावुक संदेश
केजरीवाल ने X (पूर्व में ट्विटर) पर भी एक भावुक पोस्ट की। उन्होंने लिखा, “प्यारे नीट के छात्रों, आपके अनगिनत संदेशों और आपकी भावनाओं की गहराई ने मुझे बहुत भावुक कर दिया है। आपने मुझ पर जो अटूट भरोसा जताया है, उसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।”
उन्होंने छात्रों से अपील की, “इस समय पूरी मजबूती के साथ डटे रहें। आज ही यह दृढ़ संकल्प लें कि हम डॉक्टर बनकर ही रहेंगे। ईश्वर आप सभी का कल्याण करे।”
नीट परीक्षा विवाद: क्या है पूरा मामला?
नीट (NEET-UG) मेडिकल प्रवेश परीक्षा देश भर में लाखों छात्रों द्वारा दी जाती है। यह परीक्षा MBBS और BDS कोर्सेज में प्रवेश के लिए अनिवार्य है। इस साल 3 मई को हुई नीट परीक्षा में पेपर लीक की गंभीर आशंका के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई।
हजारों छात्रों ने महीनों की कड़ी मेहनत के बाद यह परीक्षा दी थी। कई छात्रों ने तो अपने परिवारों के साथ अच्छे प्रदर्शन का जश्न भी मना लिया था। लेकिन अचानक परीक्षा रद्द होने की खबर ने उनके सपने चकनाचूर कर दिए।
अब 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। लेकिन छात्रों को फिर से तैयारी करनी होगी, फिर से तनाव झेलना होगा और फिर से परीक्षा केंद्रों तक जाने का खर्च उठाना होगा। कई गरीब परिवार के छात्रों के लिए यह बार-बार का खर्चा भारी पड़ रहा है।
पेपर लीक संस्कृति: एक गंभीर समस्या
पिछले कुछ सालों में भारत में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ी हैं। NEET, JEE, SSC, रेलवे भर्ती, राज्य स्तरीय परीक्षाएं – लगभग हर बड़ी परीक्षा में पेपर लीक या धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं।
समझने वाली बात यह है कि पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, यह छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। जो छात्र ईमानदारी से मेहनत करते हैं, उन्हें नुकसान होता है, जबकि पैसे और जुगाड़ के बल पर पेपर खरीदने वाले आगे निकल जाते हैं।
यह व्यवस्था में भ्रष्टाचार का गंभीर लक्षण है। केजरीवाल ने इसी ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर सिस्टम के शीर्ष पर बैठे लोग ईमानदार हों, तो पेपर लीक रोका जा सकता है।
छात्रों की मानसिक स्थिति: चिंता का विषय
नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी छात्रों के लिए बेहद तनावपूर्ण होती है। कई छात्र दो-तीन साल लगातार तैयारी करते हैं, अपना सामाजिक जीवन छोड़ देते हैं, परिवार की उम्मीदों का बोझ उठाते हैं।
जब इतनी मेहनत के बाद परीक्षा रद्द हो जाती है, तो छात्रों का मनोबल टूट जाता है। डिप्रेशन, anxiety और निराशा की भावनाएं स्वाभाविक हैं।
केजरीवाल का यह प्रयास – छात्रों से सीधे संवाद, उनकी भावनाओं को सुनना, उन्हें मोटिवेट करना – राजनेताओं के लिए एक उदाहरण है कि कैसे युवाओं से जुड़ा जाए।
AAP की शिक्षा नीतियां: एक नजर
आम आदमी पार्टी ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया है। दिल्ली में AAP सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार किया, शिक्षकों की ट्रेनिंग पर जोर दिया और Classroom of Happiness जैसी अभिनव योजनाएं शुरू कीं।
पंजाब में भी AAP सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में कई पहल की हैं। मुफ्त बस सेवा की यह घोषणा भी उसी दिशा में एक कदम है।
हालांकि, आलोचकों का कहना है कि ये घोषणाएं चुनावी लाभ के लिए की जाती हैं। लेकिन समर्थकों का मानना है कि चाहे कारण कुछ भी हो, अगर छात्रों को फायदा मिल रहा है तो यह अच्छी बात है।
21 जून की परीक्षा: तैयारी का समय
अब छात्रों के पास करीब एक महीने का समय है दोबारा परीक्षा की तैयारी के लिए। यह समय कम है, लेकिन अगर सही रणनीति अपनाई जाए तो काफी है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि छात्र:
- अपने पुराने नोट्स और मॉक टेस्ट्स को दोहराएं
- कमजोर विषयों पर ज्यादा ध्यान दें
- रोजाना प्रैक्टिस पेपर सॉल्व करें
- पॉजिटिव माइंडसेट बनाए रखें
- पर्याप्त नींद और स्वस्थ भोजन का ध्यान रखें
केजरीवाल का संदेश भी यही है – हिम्मत मत हारो, दृढ़ संकल्प के साथ तैयारी करो।
राजनीतिक विश्लेषण: AAP की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केजरीवाल का यह प्रयास युवा वोटरों को साधने की रणनीति का हिस्सा है। नीट परीक्षा देने वाले लाखों छात्र और उनके परिवार एक बड़ा वोट बैंक हैं।
केजरीवाल ने खुद को छात्रों का शुभचिंतक और संरक्षक के रूप में स्थापित किया है। उनका यह “बच्चों की तरह देखता हूं” वाला नैरेटिव भावनात्मक कनेक्शन बनाता है।
साथ ही, AAP शासित राज्यों में “कोई पेपर लीक नहीं” का दावा विपक्षी दलों पर सीधा हमला है। यह संदेश है कि ईमानदार सरकार होगी तो पेपर लीक नहीं होंगे।
हालांकि, अभी यह देखना बाकी है कि यह रणनीति चुनावी नतीजों में कितनी कारगर साबित होती है।
छात्रों की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर बहस
सोशल मीडिया पर छात्रों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। कुछ छात्रों ने केजरीवाल के समर्थन और प्रोत्साहन की सराहना की है। वे इस बात से खुश हैं कि कम से कम कोई तो उनकी सुन रहा है।
वहीं कुछ छात्रों का कहना है कि सिर्फ मोटिवेशनल भाषण से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्हें चाहिए कि केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाए, परीक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए।
कुछ छात्रों ने पंजाब में फ्री बस सेवा की घोषणा को सराहा है, लेकिन कहा है कि यह सुविधा पूरे देश में मिलनी चाहिए।
आगे क्या?
अब देखना यह होगा कि:
- 21 जून को होने वाली परीक्षा सफलतापूर्वक और पारदर्शी तरीके से होती है या नहीं
- पंजाब सरकार फ्री बस सेवा की घोषणा को कैसे लागू करती है
- अन्य राज्य सरकारें भी छात्रों के लिए कोई राहत देती हैं या नहीं
- पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार क्या ठोस कदम उठाती है
फिलहाल, लाखों नीट परीक्षार्थी एक बार फिर अपनी किताबें खोल चुके हैं। उनके चेहरों पर चिंता है, लेकिन आंखों में सपने भी हैं – डॉक्टर बनने के सपने।
केजरीवाल का संदेश शायद इन सपनों को थोड़ी ताकत दे पाए।
मुख्य बातें (Key Points)
- अरविंद केजरीवाल के नीट छात्रों के लिए वीडियो को 50 लाख से ज्यादा व्यूज मिले।
- हजारों छात्रों ने अपनी भावनाएं और परेशानियां साझा कीं।
- केजरीवाल ने छात्रों को “डॉक्टर बनने का दृढ़ संकल्प” लेने का मंत्र दिया।
- 21 जून को दोबारा होने वाली नीट परीक्षा के लिए पंजाब में फ्री बस सेवा की घोषणा।
- AAP का दावा – दिल्ली में 10 साल और पंजाब में 4 साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ।
- केजरीवाल ने कहा – ईमानदार सिस्टम में पेपर लीक नहीं होते।
- बुधवार को केजरीवाल भगवंत मान से मुलाकात करेंगे।
- कई छात्रों ने डिप्रेशन और निराशा की बात कही, कुछ का यह पांचवां प्रयास था।













