AAP MLA Vijay Singla Surrounded – यह खबर मानसा की है जहां सोमवार को नगर कौंसिल चुनाव के दौरान ऐसा हंगामा हुआ कि आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. विजय सिंगला को पुलिस के भरोसे बाहर निकलना पड़ा। भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया था।
SDM ऑफिस के बाहर का नजारा किसी फिल्मी सीन जैसा था। नारेबाजी, हाथापाई और तनाव। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को बड़ी मशक्कत के बाद विधायक को भीड़ से निकालकर उनकी गाड़ी तक पहुंचाना पड़ा।
Vijay Singla, MLA from Mansa, was surrounded by local residents as serious allegations of intimidation and strong-arm tactics surfaced during the Municipal Council elections. #Mansa #VijaySingla #PunjabPolitics #MunicipalElections @ghazalimohammad @AHindinews @ManikGoyal_ pic.twitter.com/XNHzQ7GeMS
— jiwan kranti (@jiwan_kranti) May 18, 2026
नामांकन जांच के दौरान शुरू हुआ बवाल
मानसा नगर कौंसिल चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच चल रही थी। तभी विवाद शुरू हुआ। वार्ड नंबर-18 से निर्दलीय उम्मीदवार अर्पित चौधरी ने सीधे आरोप लगाया कि विधायक डॉ. विजय सिंगला उनका नामांकन पत्र रद्द करवाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह आरोप लगते ही माहौल गर्म हो गया। अर्पित चौधरी को कांग्रेस और भाजपा का समर्थन मिला हुआ है। ऐसे में इन दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता भी SDM दफ्तर के बाहर जुटने लगे। शिरोमणि अकाली दल के लोग भी साथ थे।
देखते ही देखते छोटा सा विरोध प्रदर्शन में बदल गया। और फिर शुरू हुई नारेबाजी।
विधायक के PA से हाथापाई
प्रदर्शन के दौरान हालात और बिगड़े। विधायक डॉ. विजय सिंगला और उनके निजी सहायक (PA) की प्रदर्शनकारियों के साथ हाथापाई हो गई। यहां ध्यान देने वाली बात है कि PA ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ संभाली नहीं गई।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। काफी मशक्कत के बाद भीड़ को काबू में किया गया। फिर पुलिस कर्मियों ने विधायक को चारों ओर से घेरकर भीड़ के बीच से रास्ता बनाया। और उन्हें सुरक्षित उनकी गाड़ी तक पहुंचाया।
दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे घटनाक्रम में विधायक खुद ज्यादा कुछ नहीं बोले। वे चुपचाप पुलिस के साथ गए और वहां से रवाना हो गए।
विधायक का फोन किसी और ने उठाया
इस मामले में जब विधायक डॉ. विजय सिंगला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन किसी अन्य व्यक्ति ने उठाया। उस व्यक्ति ने बताया कि विधायक किसी जरूरी काम में व्यस्त हैं और बाद में बात करेंगे।
यानी विधायक की तरफ से अभी तक इस घटना पर कोई सफाई या बयान नहीं आया है। समझने वाली बात यह है कि ऐसी गंभीर घटना के बाद चुप्पी सवाल खड़े करती है।
अर्पित चौधरी ने वीडियो जारी कर की थी अपील
बताया जा रहा है कि अर्पित चौधरी को कांग्रेस और भाजपा का समर्थन प्राप्त है। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि उनका नामांकन पत्र रद्द किए जाने की सूचना मिली है।
वीडियो में उन्होंने अपने समर्थकों से बड़ी संख्या में एसडीएम ऑफिस पहुंचने की अपील की थी। और वही हुआ। भारी संख्या में लोग पहुंच गए। यह पहले से प्लान किया हुआ प्रदर्शन था।
अर्पित चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं और उनके साथ धक्केशाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि नामांकन पत्रों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए।
राजनीतिक समीकरण क्या है
अगर गौर करें तो यह महज एक स्थानीय विवाद नहीं है। इसमें बड़ी राजनीति छिपी है। अर्पित चौधरी निर्दलीय हैं, लेकिन कांग्रेस और भाजपा उनके साथ हैं। यानी दोनों बड़ी विपक्षी पार्टियां एक मंच पर आई हैं।
दूसरी ओर AAP के विधायक हैं जो सत्ताधारी पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। नगर कौंसिल चुनाव में हर सीट अहम है। ऐसे में दोनों तरफ से दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।
यह घटना दर्शाती है कि मानसा में चुनावी माहौल कितना गर्म है। आने वाले दिनों में और भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- AAP MLA Vijay Singla Surrounded – मानसा में भीड़ ने विधायक को घेरा
- नामांकन जांच के दौरान SDM ऑफिस में हंगामा
- निर्दलीय उम्मीदवार अर्पित चौधरी ने लगाया आरोप
- विधायक के PA और प्रदर्शनकारियों में हाथापाई
- पुलिस ने विधायक को सुरक्षित निकाला
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