Corporate Employees Health Alert: अगर आप डेस्क जॉब करते हैं और घंटों अपनी कुर्सी पर जमे रहते हैं – 6-7 घंटे कुर्सी से उठते नहीं हैं – तो आप बॉस के फेवरेट जरूर बन सकते हैं। लेकिन साथ ही बन जाएंगे अपने शरीर के सबसे बड़े दुश्मन।
देखा जाए तो लगातार बैठे रहने से Fatty Liver, Hypertension, दिल और किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए हर थोड़ी देर में कुर्सी से उठना जरूरी है। साथ ही जरूरी है कुछ medical tests करवाना ताकि कहीं एक दिन आपको अचानक झटका ना लगे।
और समझने वाली बात यह है कि आज की इस विस्तृत health report में हम जानेंगे:
- डेस्क जॉब वालों के लिए 5 जरूरी मेडिकल टेस्ट (Dr. Pawan Kumar Goyal, Senior Director, Internal Medicine, Fortis Hospital)
- 7 मिनट की कैंसर इंजेक्शन – भारत में लॉन्च हुई Tecentriq SC (Dr. Raajit Chanana, Director, Medical Oncology, Dharamshila Narayana Hospital)
- हल्दी में मिलावट की पहचान – एक दुल्हन की मौत के बाद बड़ा सवाल (Dr. Chirag Tandon, Director, Internal Medicine, ShardaCare Healthcity)
डेस्क जॉब वाले ये 5 मेडिकल टेस्ट जरूर करवाएं
Dr. Pawan Kumar Goyal, Senior Director of Internal Medicine at Fortis Hospital के अनुसार, corporate employees को साल में कम से कम एक बार comprehensive health checkup जरूर करवाना चाहिए।
Test 1: Blood Pressure Monitoring
सबसे जरूरी है कि आप अपना ब्लड प्रेशर नियमित रूप से चेक करवाएं।
क्यों जरूरी है:
- Desk job में लंबे समय तक बैठे रहने से BP बढ़ता है
- Work stress भी hypertension का कारण बनता है
- Silent killer – symptoms नहीं दिखते लेकिन नुकसान करता रहता है
कितनी बार करवाएं:
- 30 से कम उम्र: साल में एक बार
- 30-40 उम्र: 6 महीने में एक बार
- 40+ उम्र: हर 3 महीने में
Normal Range:
- Systolic: 120 mmHg से कम
- Diastolic: 80 mmHg से कम
Test 2: Blood Sugar Levels – तीन तरह के टेस्ट
Dr. Goyal कहते हैं कि blood sugar के लिए तीन tests जरूर करवाने चाहिए:
| Test | Purpose | Normal Range |
|---|---|---|
| Fasting Blood Sugar | खाली पेट शुगर लेवल | 70-100 mg/dL |
| Post-Prandial | खाने के 2 घंटे बाद | 140 mg/dL से कम |
| HbA1c | 3 महीने का average | 5.7% से कम |
क्यों जरूरी है:
- Desk job में physical activity कम होती है
- Irregular eating habits
- Office में मीठा खाने का temptation
- Diabetes की family history हो तो और भी जरूरी
Test 3: Hemogram (Complete Blood Count)
Hemogram में क्या check होता है:
- Hemoglobin: Oxygen carry करने की क्षमता
- White Cell Count: Infection से लड़ने की ताकत
- Platelets: Blood clotting के लिए जरूरी
Dr. Goyal बताते हैं कि आजकल ज्यादातर labs एक routine package offer करती हैं जिसमें निम्नलिखित शामिल होते हैं।
Test 4: Liver Function Test, Kidney Function Test और Lipid Profile
Liver Function Test (LFT):
- ALT, AST enzymes check करता है
- Fatty Liver की पहचान करता है
- Alcohol consumption या obesity से liver damage का पता
Kidney Function Test:
- Creatinine levels
- Blood Urea Nitrogen (BUN)
- Uric Acid
Lipid Profile – सबसे महत्वपूर्ण:
Dr. Goyal emphasize करते हैं: “जब हम lipid profile कराते हैं तो हमें पूरा lipid profile कराना चाहिए। क्योंकि हमें यह जानना बहुत जरूरी है कि हमारा cholesterol में good cholesterol कितना है, bad cholesterol कितना है, triglyceride कितना है।”
| Component | Ideal Level | Significance |
|---|---|---|
| Total Cholesterol | 200 mg/dL से कम | Overall cholesterol |
| LDL (Bad) | 100 mg/dL से कम | Heart disease risk |
| HDL (Good) | 40 mg/dL से ज्यादा | Protective factor |
| Triglycerides | 150 mg/dL से कम | Heart health indicator |
दिलचस्प बात यह है कि पूरे lipid profile से ही हम अपने heart की risk को अच्छे से assess कर पाएंगे।
Test 5: Vitamin D और Vitamin B12
Dr. Goyal कहते हैं: “आजकल देखा गया है लगभग सभी लोगों का Vitamin D level और Vitamin B12 भी कम आता है। इसका कारण है कि हम ज्यादातर indoor में रहते हैं। सूरज की रोशनी लगभग ना के बराबर मिलती है।”
Vitamin D की कमी के कारण:
- AC offices में पूरा दिन
- घर से office, office से घर – कोई outdoor time नहीं
- Weekend भी घर में या mall में
- सूरज की रोशनी से बचने की कोशिश
Vitamin B12 की कमी:
- खानपान ऐसा है कि vitamin B12 की मात्रा कम मिलती है
- Vegetarian diet में कमी
- Gut absorption issues
Normal Ranges:
- Vitamin D: 30-100 ng/mL
- Vitamin B12: 200-900 pg/mL
अतिरिक्त जरूरी Tests
Chest X-Ray:
Dr. Goyal बताते हैं: “Chest X-ray भी कराना चाहिए क्योंकि बहुत सारे metropolitan cities जैसे कि Delhi में pollution का level बहुत ज्यादा है और हमारे chest में बहुत सारे complications हो सकते हैं।”
Pollution का Impact:
- TB detection
- Lung infections
- Chronic respiratory issues
Ultrasound Abdomen (पेट का अल्ट्रासाउंड):
“Ultrasound भी बहुत जरूरी है क्योंकि हम में से बहुत सारे लोग मोटापे के शिकार हैं।”
Ultrasound से पता चलता है:
- Fatty Liver है या नहीं
- Prostate issues (पुरुषों में)
- Kidney stones
- Gallbladder problems
- मोटापे का level
Urine Routine Test:
“Last में urine routine test भी बहुत जरूरी है।”
क्या detect होता है:
- Diabetes की शुरुआत
- Kidney problems
- Urinary tract infections
- Protein leakage
कितनी बार करवाएं ये सभी Tests?
Dr. Goyal का clear guidance: “एक adult को साल में एक बार अपना routine health checkup जरूर करवाना चाहिए ताकि पता चल सके कि उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं है।”
अगर सारी reports normal आती हैं:
- बहुत अच्छी बात है
- अगले साल फिर करवाएं
अगर कहीं कोई दिक्कत लगती है:
- Doctor उस हिसाब से आगे राय देंगे
- Follow-up tests होंगे
- Treatment शुरू होगा
Lung Cancer की दवा अब सिर्फ 7 मिनट में! Tecentriq SC लॉन्च
Lung cancer के मरीजों के लिए अच्छी खबर है। भारत में एक ऐसा injection आया है जिसे सिर्फ 7 मिनट में दिया जा सकता है।
Tecentriq SC: क्या है यह नई दवा?
Basic Details:
- Brand Name: Tecentriq SC
- Generic Name: Atezolizumab
- Manufacturer: Roche (Switzerland की pharmaceutical company)
- Type: Immunotherapy drug
- Route: Subcutaneous injection (skin के नीचे)
अगर गौर करें तो Atezolizumab असल में 2018 से भारत में है। लेकिन अभी तक इसे नस के जरिए ड्रिप के रूप में दिया जाता था, जिसमें वक्त भी ज्यादा लगता था और side effects भी होते थे।
पहले vs अब:
| Aspect | IV Drip (पुराना) | SC Injection (नया) |
|---|---|---|
| समय | 30-60 मिनट | सिर्फ 7 मिनट |
| Route | नस में | Skin के नीचे |
| Side Effects | ज्यादा | कम |
| Hospital Time | लंबा | कम |
Lung Cancer: भारत में स्थिति
यह injection का आना इसलिए भी अहम है क्योंकि lung cancer भारत में होने वाला चौथा सबसे आम cancer है।
Statistics:
- पुरुषों में इसके मामले ज्यादा
- World Health Organization की agency International Agency for Research on Cancer (IARC) के अनुसार
- Globocan Database के मुताबिक 2022 में भारत में 81,000+ lung cancer के मामले
किन मरीजों को मिलेगी यह दवा?
Dr. Raajit Chanana, Director & Senior Consultant, Medical Oncology at Dharamshila Narayana Superspeciality Hospital कहते हैं कि यह immunotherapy drug lung cancer के हर मरीज के लिए नहीं है।
Eligibility Criteria:
- केवल उन मरीजों को जिनके cancer cells में PD-L1 protein मौजूद हो
- यह protein मुख्य रूप से Non-Small Cell Lung Cancer (NSCLC) cells की surface पर पाया जाता है
NSCLC क्या है:
- Lung cancer का एक प्रकार
- फेफड़ों के cancer के जितने भी मामले आते हैं, उनमें से करीब 85% मामले NSCLC के ही होते हैं
- बाकी 15% Small Cell Lung Cancer (SCLC)
कैसे काम करती है यह दवा? समझिए पूरा Science
Dr. Chanana explain करते हैं:
Normal Immune Response:
- हमारे शरीर में T cells होते हैं
- यह एक तरह के white blood cells हैं
- शरीर के immune system का हिस्सा हैं
- T cells शरीर में घूम-घूम कर खराब या असामान्य cells को पहचान कर उन्हें खत्म करते हैं
Cancer Cells की चालाकी:
लेकिन कुछ cancer cells बहुत चालाक होते हैं:
- वो खुद को बचाने के लिए अपनी surface पर PD-L1 protein बना लेते हैं
- यह protein T cells पर मौजूद PD-1 receptor से जुड़ जाता है
- इससे T cells को signal मिलता है कि “यह सामान्य और सुरक्षित cells हैं”
- इसीलिए T cells उन पर हमला नहीं करते
Atezolizumab का काम:
यही काम आती है Tecentriq SC या कहें कि Atezolizumab:
- यह cancer cells पर मौजूद PD-L1 protein को block कर देती है
- इससे cancer cells का छिपने वाला तरीका काम नहीं करता
- T cells फिर से active होकर cancer cells पर हमला करके उन्हें खत्म करने लगते हैं
दवा के फायदे: Clinical Evidence
Dr. Chanana बताते हैं कि Atezolizumab दवा चाहे नस के जरिए ड्रिप के रूप में दी जाए या सीधे skin के नीचे injection के जरिए:
Benefits:
- Lung cancer के मरीजों के जिंदा रहने की अवधि बढ़ा देती है
- Cancer को फैलने या गंभीर होने से कुछ समय तक रोकने में मदद करती है
- Quality of life improve होती है
Subcutaneous Version की खासियत
सबसे खास बात: दवा के नए subcutaneous version को trained nursing staff जांघ में injection लगाकर सिर्फ 7 मिनट में दे सकता है।
Patient Preference:
Media reports में company के हवाले से लिखा गया है कि हर 5 में से 4 मरीजों ने IV की तुलना में subcutaneous version को ज्यादा पसंद किया है।
मरीजों को क्यों पसंद:
- कम समय
- कम hospital visits
- कम discomfort
- आसान administration
कीमत: एक बड़ी Challenge
हालांकि एक दिक्कत है। दवा थोड़ी महंगी है।
Cost Details:
- Tecentriq SC की एक dose की कीमत: ₹3.5 लाख से ज्यादा
- ज्यादातर मरीजों को जरूरत: लगभग 6 doses
- Total Cost: ₹21 लाख के आसपास
यह आम आदमी के लिए बहुत महंगा है।
Affordability के लिए Initiatives
Blue Tree Patient Assistance Program:
दवा launch करने वाली Roche company ने Blue Tree नाम का एक patient assistance program शुरू किया है ताकि:
- इलाज का खर्च कम किया जा सके
- ज्यादा मरीजों को इसका फायदा पहुंचाया जा सके
Government Support:
- दवा को Central Government Health Scheme (CGHS) में भी शामिल किया गया है
- यह एक positive कदम है
लेकिन Dr. Chanana कहते हैं: “कितने मरीजों को यह दवा मिल पाएगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।”
Who Should Get This Treatment?
Dr. Chanana की सलाह: “Tecentriq SC lung cancer के इलाज में एक बड़ा और सुविधाजनक कदम है। खासकर उन मरीजों के लिए जिन्हें:
- बार-बार अस्पताल आना पड़ता है
- लंबे समय तक IV drip पर रहना मुश्किल होता है”
Important Note:
“अब क्योंकि यह दवा सभी मरीजों के लिए नहीं है, इसीलिए इलाज शुरू करने से पहले:
- सही जांच बहुत जरूरी है
- Doctor की सलाह अनिवार्य है
- PD-L1 testing करवाना जरूरी है”
CDSCO Approval
फिलहाल CDSCO (Central Drugs Standard Control Organisation) ने Tecentriq SC को फेफड़ों के cancer के इलाज के लिए मंजूरी दे दी है।
CDSCO क्या है:
- भारत में दवाओं को जांचने और मंजूरी देने वाली संस्था
- Drug safety और efficacy ensure करती है
हल्दी में मिलावट कैसे पहचानें? एक Bride की मौत ने उठाए सवाल
Madhya Pradesh के Khargone जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। शादी से कुछ दिन पहले एक लड़की की मौत हो गई। वजह थी – हल्दी।
पूरा मामला क्या था?
Timeline of Events:
22 अप्रैल 2026:
- Kasarwada गांव की रहने वाली Rakhi की शादी 26 अप्रैल को होनी थी
- घर में haldi की रस्म चल रही थी
- होने वाली दुल्हन को हल्दी लगनी शुरू हुई
कुछ देर बाद:
- उसके शरीर पर लाल दाने निकल आए
- भयंकर खुजली शुरू हो गई
- परिवार वाले उसे hospital ले गए
25 अप्रैल:
- Rakhi की मौत हो गई
Shocking Fact:
Rakhi के अलावा वहां मौजूद 15-20 लोगों ने भी उसी हल्दी को छुआ था। पर बाकी सभी लोग बिल्कुल ठीक हैं।
बड़ा सवाल: Rakhi को ही क्यों हुआ React?
यह सवाल हमने पूछा Dr. Chirag Tandon, Director, Internal Medicine Department, ShardaCare Healthcity से।
Dr. Tandon explain करते हैं: “यह मामला गंभीर allergy या hypersensitive reaction का हो सकता है।”
Medical Explanation:
- हर व्यक्ति का शरीर अलग तरीके से react करता है
- मुमकिन है कि Rakhi को हल्दी या उसमें मौजूद किसी मिलावटी तत्व से तेज allergy रही हो
- जबकि बाकी लोगों में उस तत्व को लेकर उतनी sensitivity नहीं रही हो
Anaphylactic Reaction:
“कुछ मामलों में शरीर में अचानक anaphylactic reaction हो जाता है।”
Symptoms:
- सांस लेने में दिक्कत
- सूजन
- Blood pressure गिरना
- जान का खतरा
हल्दी में किस-किस चीज की मिलावट हो सकती है?
Dr. Tandon बताते हैं कि बाजार में बिकने वाली पिसी हल्दी में कई चीजों की मिलावट हो सकती है।
Common Adulterants:
1. Metanil Yellow:
- Synthetic dye
- रंग चमकाने के लिए
- बेहद खतरनाक chemical
2. Lead Chromate:
- Yellow color देने के लिए
- Heavy metal poisoning का कारण
3. Starch:
- Weight बढ़ाने के लिए
- सस्ता filler
4. Chalk Powder:
- Quantity बढ़ाने के लिए
5. Synthetic Dyes:
- Artificial coloring agents
मिलावटी हल्दी लगाने से क्या होता है?
Dr. Tandon warn करते हैं: “अगर ऐसी मिलावटी हल्दी बहुत ज्यादा मात्रा में skin पर लगाई जाए तो:”
Skin पर लगाने से:
- खुजली
- लाल दाने
- जलन
- सूजन
- गंभीर allergic reaction
खाने से (long term):
- पेट दर्द
- उल्टी
- दस्त
- Liver damage
- Kidney problems
- Nervous system पर असर
Severe Cases में:
- सांस लेने में दिक्कत
- अगर allergy बहुत तेज हो और समय पर इलाज ना मिले
- जान भी जा सकती है (जैसा Rakhi के case में शायद हुआ)
साबुत हल्दी भी सुरक्षित नहीं?
Dr. Tandon clarify करते हैं: “वैसे तो साबुत हल्दी को ज्यादा safe माना जाता है। पर इसमें भी:”
Possible Issues:
- रंग या चमक बढ़ाने के लिए chemicals लगाए जा सकते हैं
- खराब quality की हल्दी को polish करके बेचा जाता है
- ऐसी हल्दी से भी allergy और दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं
कैसे खरीदें Safe Turmeric?
Dr. Tandon की सलाह:
चाहे हल्दी हो या खाने-पीने की कोई दूसरी चीज:
- हमेशा भरोसेमंद brand से खरीदें
- विश्वसनीय दुकान से ही लें
Red Flags:
- अगर हल्दी बहुत ज्यादा चमकीले पीले रंग की दिखे
- उसे खरीदने से बचें
- इसमें artificial colors की मिलावट हो सकती है
खुली vs Packaged:
- खुली हल्दी नहीं खरीदनी चाहिए
- हमेशा packet वाली हल्दी खरीदें
Check करें:
- FSSAI mark (Food Safety and Standards Authority of India)
- Expiry date
- Batch number
- Manufacturer details
Best Option:
“आप चाहे तो साबुत हल्दी खरीद कर घर में पीसकर इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सबसे safe option है।”
घर पर कैसे Test करें Adulteration?
FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) ने तरीका बताया है।
Test 1: साबुत हल्दी में Lead Chromate Detection
Materials:
- एक transparent (पारदर्शी) glass
- पानी
- साबुत हल्दी
Method:
- Glass में आधा गिलास पानी भरें
- इसमें थोड़ी साबुत हल्दी डालें
Results:
- शुद्ध हल्दी: कोई रंग नहीं छोड़ेगी
- मिलावटी हल्दी (Lead Chromate): पानी में जाते ही रंग छोड़ने लगेगी
Test 2: पिसी हल्दी में Adulteration Check
Method:
- आधा गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी powder डालें
Results:
- शुद्ध हल्दी: हल्का पीला रंग छोड़ते हुए तलहटी में बैठ जाएगी
- मिलावटी हल्दी: तलहटी में बैठते हुए गहरा पीला रंग छोड़ेगी
Investigation Status
फिलहाल घटना की जांच शुरू कर दी गई है:
- इलाके की दुकानों से हल्दी के samples लिए गए हैं
- Lab में testing चल रही है
- Report में जो भी निकलेगा उस हिसाब से आगे कारवाई की जाएगी
मुख्य बातें (Key Points)
Desk Job Tests:
- Corporate employees को साल में एक बार 5 जरूरी tests – BP, Blood Sugar (fasting, PP, HbA1c), Hemogram, Liver/Kidney/Lipid Profile, Vitamin D/B12
- Chest X-ray pollution के कारण जरूरी, Ultrasound से Fatty Liver detect हो सकता है
- पूरा Lipid Profile करवाएं – Good vs Bad cholesterol जानना जरूरी
Cancer Injection:
- Tecentriq SC भारत में launch, 7 मिनट में दी जा सकती है
- केवल NSCLC मरीजों को जिनमें PD-L1 protein हो
- ₹3.5 लाख प्रति dose, 6 doses जरूरी, Blue Tree program से help
Turmeric Adulteration:
- Khargone में bride-to-be Rakhi की हल्दी लगाने से मौत
- Metanil Yellow, Lead Chromate जैसे chemicals की मिलावट
- FSSAI certified packaged turmeric खरीदें, घर पर test करें पानी में डालकर













